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Baghpat News: बेरोजगारों के खाते में रुपये भेजकर वापस ले रहे
Thu, 30 Mar 2023 01:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Thu, 30 Mar 2023 01:08 AM IST
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बागपत। उद्योग विभाग के अधिकारियों पर सार्वजनिक तौर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। बेरोजगारों को प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाले रुपये खाते में भेजने और उसके बाद आधे रुपये वापस लेने का आरोप लगा है। यह मामला युवाओं ने डीएम के सामने उठाया तो उसकी जांच कराने की बात कही गई।
यमुना पक्का घाट पर कार्यक्रम के दौरान ही डौला निवासी सागर ने डीएम राजकमल यादव को बताया कि एससी-एसटी वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। वह प्रशिक्षण दर्जी, पलंबर, बिजली का कार्य करने के लिए दिया जाता है जो चार महीने का होता है। उनके अनुसार इस समय करीब दो सौ युवाओं को टटीरी में केंद्र बनाकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सागर ने डीएम के सामने आरोप लगाया कि इन चार महीने में सभी युवाओं के खाते में एक बार सरकार की तरफ से मिलने वाले पांच-पांच हजार रुपये भेजे जाते हैं। उसके बाद सभी से ढ़ाई-ढ़ाई हजार रुपये वापस ले लिए जाते हैं। इसके अलावा पिछले दिनों सरकार की तरफ से मोबाइल दिए गए थे तो उसको देने के लिए भी सभी युवाओं से तीन-तीन हजार रुपये मांगे गए। जिनमें से कई युवाओं ने रुपये दे दिए तो कुछ ने नहीं दिए। उसने आरोप लगाया कि इसकी शिकायत लेकर वह उद्योग विभाग में गया, जहां अधिकारियों ने उसकी बात तक नहीं सुनी। उसका आरोप है कि प्रशिक्षण देने वालों ने यह धमकी दी कि किसी भी जगह शिकायत करने पर कुछ नहीं होगा। उद्योग विभाग के अधिकारी ही पैसा लेते है। इस मामले को डीएम राजकमल यादव ने गंभीरता से लेते हुए जांच कराकर आरोप सही मिलने पर कार्रवाई करने की बात कही।
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यमुना पक्का घाट पर कार्यक्रम के दौरान ही डौला निवासी सागर ने डीएम राजकमल यादव को बताया कि एससी-एसटी वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। वह प्रशिक्षण दर्जी, पलंबर, बिजली का कार्य करने के लिए दिया जाता है जो चार महीने का होता है। उनके अनुसार इस समय करीब दो सौ युवाओं को टटीरी में केंद्र बनाकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सागर ने डीएम के सामने आरोप लगाया कि इन चार महीने में सभी युवाओं के खाते में एक बार सरकार की तरफ से मिलने वाले पांच-पांच हजार रुपये भेजे जाते हैं। उसके बाद सभी से ढ़ाई-ढ़ाई हजार रुपये वापस ले लिए जाते हैं। इसके अलावा पिछले दिनों सरकार की तरफ से मोबाइल दिए गए थे तो उसको देने के लिए भी सभी युवाओं से तीन-तीन हजार रुपये मांगे गए। जिनमें से कई युवाओं ने रुपये दे दिए तो कुछ ने नहीं दिए। उसने आरोप लगाया कि इसकी शिकायत लेकर वह उद्योग विभाग में गया, जहां अधिकारियों ने उसकी बात तक नहीं सुनी। उसका आरोप है कि प्रशिक्षण देने वालों ने यह धमकी दी कि किसी भी जगह शिकायत करने पर कुछ नहीं होगा। उद्योग विभाग के अधिकारी ही पैसा लेते है। इस मामले को डीएम राजकमल यादव ने गंभीरता से लेते हुए जांच कराकर आरोप सही मिलने पर कार्रवाई करने की बात कही।
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