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Baghpat News: हठीले हनुमान की पूजा से होती मनोकामना पूरी
Thu, 06 Apr 2023 12:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Thu, 06 Apr 2023 12:06 AM IST
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पंचवटी मंदिर में विराजमान हठीले हनुमान
बड़ौत। हनुमान जयंती पर पंचवटी मंदिर में हठीले हनुमान की मूर्ति की पूजा के लिए दूर दराज से लोग आएंगे। ऐसी मान्यता है कि यहां जो भी श्रद्धालु अपनी कामना लेकर आते हैं, वह अवश्य पूरी होती है।
हठीले हनुमान जी की स्थापना करीब सवा सौ साल पहले बाबा उत्तम दास और संतोष पूरी की प्रेरणा से की गई थी। यह ढाई फिट सिंदूर वाली मूर्ति है। जिन बाबाओं ने इन्हें स्थापित किया था, उनकी मंदिर में समाधि भी बनी है। सात साल पहले मंदिर मेें मूर्ति को हटाकर खड़ी मूर्ति लगाने का निर्णय लिया गया था। लेकिन जब इस मूर्ति को हटाने का प्रयास किया गया तो वह वहां से हटी तो नहीं इससे लोगों की अकाल मृत्यु हुई और अन्य परेशानियों होने लगीं तो लोगों ने इसे हटाने की तैयारी टाल दी। तभी से इनका नाम हठीले हनुमान रखा गया।
मंदिर के पुजारी पंडित कुुंदन भारद्वाज कहते हैं कि इस घटना के बाद से हठीले हनुमान के प्रति आस्था बढ़ गई है। मंगलवार को दूरदराज से श्रद्धालु सिंदूर, देशी घी, प्रसाद आदि चढ़ाकर अपनी मन्नतें मांगते है और हनुमान जी उनकी मनोकामना पूरी करते हैं। शनिवार को सुंदर कांड का पाठ भी किया जाता है। पुजारी बताते हैं कि आज भी यदि हठीले हनुमान को इधर-उधर करने की बात करते है तो वे अपने उग्र रूप दिखा देते हैं। हनुमान जयंती पर हर वर्ष यहां विशेष कार्यक्रम किए जाते हैं।
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हठीले हनुमान जी की स्थापना करीब सवा सौ साल पहले बाबा उत्तम दास और संतोष पूरी की प्रेरणा से की गई थी। यह ढाई फिट सिंदूर वाली मूर्ति है। जिन बाबाओं ने इन्हें स्थापित किया था, उनकी मंदिर में समाधि भी बनी है। सात साल पहले मंदिर मेें मूर्ति को हटाकर खड़ी मूर्ति लगाने का निर्णय लिया गया था। लेकिन जब इस मूर्ति को हटाने का प्रयास किया गया तो वह वहां से हटी तो नहीं इससे लोगों की अकाल मृत्यु हुई और अन्य परेशानियों होने लगीं तो लोगों ने इसे हटाने की तैयारी टाल दी। तभी से इनका नाम हठीले हनुमान रखा गया।
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मंदिर के पुजारी पंडित कुुंदन भारद्वाज कहते हैं कि इस घटना के बाद से हठीले हनुमान के प्रति आस्था बढ़ गई है। मंगलवार को दूरदराज से श्रद्धालु सिंदूर, देशी घी, प्रसाद आदि चढ़ाकर अपनी मन्नतें मांगते है और हनुमान जी उनकी मनोकामना पूरी करते हैं। शनिवार को सुंदर कांड का पाठ भी किया जाता है। पुजारी बताते हैं कि आज भी यदि हठीले हनुमान को इधर-उधर करने की बात करते है तो वे अपने उग्र रूप दिखा देते हैं। हनुमान जयंती पर हर वर्ष यहां विशेष कार्यक्रम किए जाते हैं।
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