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यूपी : कोरोना महामारी के बीच चुनाव तो जीते मगर हार गए अपनों की जिंदगी, कोई दोनों हार गया

Tue, 04 May 2021 10:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Tue, 04 May 2021 10:59 AM IST
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panchayat election :  Win elections and lose the life of loved ones
कोरोना - फोटो : PTI

कोरोना महामारी के बीच हुए पंचायत चुनाव पूरे प्रदेश को बहुत गहरा दुख दे गए। ये ऐसे चुनाव होंगे, जिनमें पद, प्रतिष्ठा और पैसे के साथ जिंदगी भी दांव पर लगी थी। इन चुनावों में कुछ प्रत्याशियों ने पद पर तो जीत दर्ज कर ली, लेकिन अपनों की जिंदगी हार गए। उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में ऐसे ही कई मामले सामने आए। राजपुर खामपुर गांव में नवनिर्वाचित प्रधान पुत्र की मौत हो गई। वहीं, धनौरा टीकरी के प्रधान प्रत्याशी ने अपनी पत्नी को और मांगडौली के प्रधान प्रत्याशी ने अपने भाई को खो दिया।

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राजपुर खामपुर गांव के रामनिवास ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ रहे थे। सोमवार को मतगणना के बाद वे 257 वोटों से विजयी रहे। जीत से परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हालांकि उन्हें पता नहीं था कि उनकी यह खुशी थोड़ी देर में मातम में बदल जाएगी।
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जैसे ही प्रधानी का चुनाव जीतकर रामनिवास घर पहुंचे तभी थोड़ी देर बाद कई दिन से बुखार से पुत्र दानवीर की मौत की खबर मिल गई। इससे चुनाव जीतने की खुशी मातम में बदल गई। पूरा परिवार गम में डूब गया। देर रात्र दानवीर का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, सदमे में डूबे दानवीर के दो बच्चे बेहोश हो गए। जिन्हें नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। बताया कि दानवीर ने पिता के चुनाव में बहुत मेहनत की थी।

उधर, मांगडौली में सुनील शर्मा ग्राम प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे। उनके भाई सुभाष को बुखार होने पर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ गई। परिजनों ने उन्हें बागपत के अस्पताल में भर्ती कराया परंतु जान नहीं बच सकी। बदकिस्मती ऐसी रही कि सुनील चुनाव भी हार गए।


ऐसा ही मामला धनौरा टीकरी गांव में हुआ। यहां प्रधान पद का चुनाव लड़ रहे धर्मपाल सिंह कल पूरा दिन मतगणना में व्यस्त रहे। इस दौरान बुखार से पीड़ित उनकी पत्नी धर्मवीरी की मौत हो गई।

फोन पास न हो पाने की वजह से परिजन धर्मपाल सिंह से संपर्क भी नहीं कर सके। उन्होंने धर्मवीरी का अंतिम संस्कार कर दिया। बदकिस्मती से धर्मपाल सिंह भी मामूली अंतर से चुनाव भी हार गए।

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