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बागपत में नहीं चलेंगे ईंट-भट्ठे
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 01 Mar 2017 11:57 PM IST
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बागपत में भट्टे पर ईट पथाई का कार्य करते मजदूरो को फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
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बागपत। प्रशासन ने बगैर बी-2 कैटेगिरी सर्टिफिकेट के चल रहे जिले के करीब 462 ईंट भट्ठों के संचालन पर रोक लगा दी है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने डीएम को बगैर प्रमाण पत्र के चल रहे भट्ठों पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। प्रतिबंध के बाद इन भट्ठों पर अब पथेर के अलावा कच्ची ईंटों की पकाई का काम भी नहीं हो सकेगा।
मेरठ के ढिंढाला गांव निवासी शशांक ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी कि बागपत में बी-2 कैटेगिरी सर्टिफिकेट के आधार पर ईंट भट्टों का संचालन हो रहा है। हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया और ईंट भट्ठों का संचालन रोकने के लिए कहा। याचिका दाखिल करने वाले शशांक की ओर से ऐसे करीब 62 भट्ठों की सूची हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी। आदेश का पालन नहीं होने पर याची ने दोबारा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने बताया कि हाईकोर्ट ने पिछले माह नौ फरवरी को ईंट भट्ठों के संचालन पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद ईंट भट्ठा संचालकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। यही नहीं जब तक बी-2 कैटेगिरी सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा, तब तक भट्ठों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या है बी-2 सर्टिफिकेट
डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने बताया कि पांच हेक्टेयर जमीन तक के एरिया में चलने वाले ईंट भट्टे को लखनऊ की राज्यस्तरीय कमेटी का सर्टिफिकेट प्राप्त करना होता है, जिन भट्ठा संचालकों के पास यह सर्टिफिकेट नहीं है, उनका संचालन रोक दिया गया है।
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ईंट भट्ठे बंद, फैलेगी बेरोजगारी
बागपत। जिले के करीब 462 ईंट भट्ठों पर हजारों परिवार मजदूरी के लिए आए हैं। एक सप्ताह पहले ही अधिकतर भट्ठों की भराई के काम के बाद इनमें आग छोड़ी गई है। भट्ठे बंद हुए तो बेरोजगारी फैलने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता।
क्या कहते हैं भट्ठा मालिक
बागपत। जिला ईंट भट्ठा निर्माता समिति के अध्यक्ष विक्रम राणा का कहना है कि भट्ठा संचालकों के पास सभी प्रमाणपत्र है। जिस सर्टिफिकेट की बात की जा रही है, जिले के भट्ठे उसकी पात्रता में ही नहीं आते हैं। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के नोटिफिकेशन के हिसाब से सभी प्रमाण पत्र हासिल कर भट्ठों को चलाया जा रहा है।
भट्ठे बंद तो महंगी होंगी ईंटें
बागपत। ईंट भट्ठों का संचालन बंद हुआ तो जिले में ईंटों के दाम आसमान पर जा सकते हैं। आसपास के जिले ही नहीं बल्कि दिल्ली तक ईंटों पर महंगाई का असर नजर आएगा, क्योंकि जिले से ही उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली में बड़ी संख्या में ईंटों की सप्लाई होती है।
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मेरठ के ढिंढाला गांव निवासी शशांक ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी कि बागपत में बी-2 कैटेगिरी सर्टिफिकेट के आधार पर ईंट भट्टों का संचालन हो रहा है। हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया और ईंट भट्ठों का संचालन रोकने के लिए कहा। याचिका दाखिल करने वाले शशांक की ओर से ऐसे करीब 62 भट्ठों की सूची हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी। आदेश का पालन नहीं होने पर याची ने दोबारा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने बताया कि हाईकोर्ट ने पिछले माह नौ फरवरी को ईंट भट्ठों के संचालन पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद ईंट भट्ठा संचालकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। यही नहीं जब तक बी-2 कैटेगिरी सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा, तब तक भट्ठों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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क्या है बी-2 सर्टिफिकेट
डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने बताया कि पांच हेक्टेयर जमीन तक के एरिया में चलने वाले ईंट भट्टे को लखनऊ की राज्यस्तरीय कमेटी का सर्टिफिकेट प्राप्त करना होता है, जिन भट्ठा संचालकों के पास यह सर्टिफिकेट नहीं है, उनका संचालन रोक दिया गया है।
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ईंट भट्ठे बंद, फैलेगी बेरोजगारी
बागपत। जिले के करीब 462 ईंट भट्ठों पर हजारों परिवार मजदूरी के लिए आए हैं। एक सप्ताह पहले ही अधिकतर भट्ठों की भराई के काम के बाद इनमें आग छोड़ी गई है। भट्ठे बंद हुए तो बेरोजगारी फैलने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता।
क्या कहते हैं भट्ठा मालिक
बागपत। जिला ईंट भट्ठा निर्माता समिति के अध्यक्ष विक्रम राणा का कहना है कि भट्ठा संचालकों के पास सभी प्रमाणपत्र है। जिस सर्टिफिकेट की बात की जा रही है, जिले के भट्ठे उसकी पात्रता में ही नहीं आते हैं। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के नोटिफिकेशन के हिसाब से सभी प्रमाण पत्र हासिल कर भट्ठों को चलाया जा रहा है।
भट्ठे बंद तो महंगी होंगी ईंटें
बागपत। ईंट भट्ठों का संचालन बंद हुआ तो जिले में ईंटों के दाम आसमान पर जा सकते हैं। आसपास के जिले ही नहीं बल्कि दिल्ली तक ईंटों पर महंगाई का असर नजर आएगा, क्योंकि जिले से ही उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली में बड़ी संख्या में ईंटों की सप्लाई होती है।