पत्नी-बच्चों ने त्यागा अन्न-जल

ब्यूरो/अमर उजाला, दोघट Updated Thu, 07 Dec 2017 12:33 AM IST
Wife and children abandoned food and water
बामनौली गांव में अन्न-जल त्याग कर बैठा मृतक किसान का परिवार। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
आठ बीघा जमीन की गलत चकबंदी किए जाने से आहत किसान के आत्महत्या प्रकरण में इंसाफ के लिए पीड़ित परिवार ने अन्न और जल त्याग दिया है। मृतक की पत्नी और बच्चों ने इंसाफ मिलने तक अन्न नहीं ग्रहण करने की चेतावनी दी। 

केंद्रीय मानव संसाधन, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनरोद्धार राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने प्रकरण की सही जांच क ा भरोसा बामनौली के किसानों को दिया। जांच के लिए भेजे एसओसी तनाव को देखकर गांव के बाहर से ही लौट गए। डीएम ने कहा प्राथमिक जांच में किसान की मौत की वजह पारिवारिक कलह में गई है। पूरे प्रकरण की जांच डीडीसी से कराई जाएगी।

किसान कृष्णपाल की मौत के बाद उसका परिवार पूरी तरह टूट गया है। बुधवार को इंसाफ के लिए मृतक किसान की पत्नी सुमन, बेटी भावना (15), बेटा महेश (13), प्रशांत (11) और बेटी प्रियांशी (08) ने अन्न-जल त्याग दिया।

पीड़ित परिवार ने कहा मौत के जिम्मेदार चकबंदी अधिकारी हैं। इनके खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए। चकबंदी के कारण वह कर्जदार हो गए हैं। उनका संपूर्ण कर्ज माफ होना चाहिए। उनकी आठ बीघा जमीन एक ही जगह मिलनी चाहिए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती, न तो अन्न का एक दाना ग्रहण करेंगे और न ही पानी की एक बूंद तक पीएंगे। 

डीएम भवानी सिंह ने प्रकरण की जांच के लिए एसओसी चकबंदी अजय उपाध्याय को बामनौली भेजा। गांव में तनाव को देखते हुए एसओसी गांव के बाहर से ही वापस लौट गए। गांव के बाहर से ही उन्होंने जांच प्रक्रिया पूरी की।

विकास भवन में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह से मृतक किसान की पत्नी सुमन और बामनौली के अन्य किसान पहुंचे। राज्यमंत्री ने कहा कि निष्पक्ष जांच होगी और दोषी अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

उधर, डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने कहा  एसओसी से बात की है। प्राथमिक जांच में पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है। इसके बावजूद प्रकरण की पूरी जांच डीडीसी एडीएम वित्त एवं राजस्व लोकपाल सिंह को दी गई है।

डीएम ने कहा किसान के परिवार को इंसाफ मिलेगा। अन्न जल त्याग करने का मामला जानकारी में आया है। वह चकबंदी विभाग की टीम को गांव में भेजेेंगे और प्रकरण में पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाया जाएगा।

चकबंदी अधिकारी नहीं पहुंचे परिवार के बीच
दोघट। बामनौली गांव में किसान कृष्णपाल की मौत के बाद चकबंदी अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। बुधवार को चकबंदी अधिकारियों ने बामनौली गांव में सूचना भिजवाई कि वह गांव में आकर किसानों की समस्याएं सुनेंगे। जिस किसान को कोई समस्या है, वह उन्हें बता सकते हैं, लेकिन शाम कोई चकबंदी अधिकारी गांव नहीं पहुंचा।


जान चली गई, हुई मुकदमे की सुनवाई
बागपत। बामनौली के मृतक किसान कृष्णपाल के मौत हो गई। बुधवार को उसके मुकदमे की सुनवाई होनी थी। डीडीसी कोर्ट में दोनों पक्षों के अधिवक्ता पहुंचे और अगली सुनवाई के लिए 13 दिसंबर की तिथि तय की गई।

क्या सच और क्या झूठ
बागपत। चकबंदी विभाग का कहना है कि किसान का चक पहले ही मूल जगह करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद ही किसान ने कोर्ट में रिवीजन दाखिल किया, इसी को लेकर मुकदमा चल रहा है। डीडीसी एडीएम वित्त एवं राजस्व लोकपाल सिंह का कहना है कि प्रकरण की पूरी जांच कराई जा रही है।
 

Spotlight

Most Read

Jharkhand

लालू की नई मुसीबत, चाईबासा कोषागार मामले में आज आएगा फैसला

चारा घोटाला मामले में रांची की स्पेशल सीबीआई कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगी। स्पेशल कोर्ट जज एस एस प्रसाद इस मामले में फैसला देंगे।

24 जनवरी 2018

Related Videos

बागपत: पत्नी की हत्या के आरोप में बीएसएफ जवान गिरफ्तार

बागपत में पत्नी की हत्या के आरोप में बीएसएफ के जवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी जवान की पत्नी गीता की लाश बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दी है।

23 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper