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सिंगौली तगा में चार मासूमों की मौत पर पसरा रहा मातम
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चांदीनगर। सिंगौली तगा गांव में कार में दम घुटने से चार मासूमों बच्चों की मौत पर शनिवार को भी मातम पसरा रहा। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर में बच्चों के शव घर पहुंचे तो परिजनों में फिर कोहराम मच गया। परिजनों को सांत्वना देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र रहे।
सिंगौली तगा निवासी हैप्पी पुत्र राजकुमार की गाड़ी शुक्रवार को घेर में खड़ी थी। जिसका लॉक खुला था। पड़ोसी संदीप की पुत्री नियति (8) व वंदना (4) और अक्षय (4) व कृष्णा (7) पुत्रगण विकास तथा 8 वर्षीय शिवांश पुत्र प्रशांत खेल रहे थे। गाड़ी की खिड़की खुली देखी तो चारों मासूम उसमें बैठकर खेलने लगे। इसी दौरान गाड़ी ऑटो लॉक हो गई। दम घुटने से नियति, वंदना, अक्षय और कृष्णा की दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं, हालत बिगड़ने पर शिवांश को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उसे उपचार के बाद घर भेज दिया गया था। हादसे के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। गाड़ी मालिक पर हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
वहीं, सीओ मंगल सिंह रावत ने किसी तरह समझा-बुझाकर उन्हें शांत कराया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाए थे। शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद चारों बच्चाें के शव गांव पहुंचे तो परिजनों में एक बार फिर से कोहराम मच गया। वे शव से लिपटकर विलाप करने लगे। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी एकत्र हो गए। उन्होंने परिजनों को किसी तरह संभाला। बाद में गमगीन माहौल में बच्चा श्मशान में चारों मासूमों के शव दफनाए गए। परिजनों की तरफ से अभी तक थाने में तहरीर नहीं दी गई है। वहीं, ग्रामीणों ने शासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की।
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श्मशान में अक्षय व कृष्णा के पिता की हालत बिगड़ी
हिंडन के पास बच्चा श्मशान में मासूमों के शव दफनाने के दौरान अक्षय और कृष्णा के पिता विकास की हालत बिगड़ गई। वह बेहोश होकर गिर पड़ा। ग्रामीणों ने उसे उठाया और पानी छिड़का। इसके बाद उसे चिकित्सक के पास भी ले गए। हालत में सुधार होने के बाद उसे घर भेज दिया गया।
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सिंगौली तगा निवासी हैप्पी पुत्र राजकुमार की गाड़ी शुक्रवार को घेर में खड़ी थी। जिसका लॉक खुला था। पड़ोसी संदीप की पुत्री नियति (8) व वंदना (4) और अक्षय (4) व कृष्णा (7) पुत्रगण विकास तथा 8 वर्षीय शिवांश पुत्र प्रशांत खेल रहे थे। गाड़ी की खिड़की खुली देखी तो चारों मासूम उसमें बैठकर खेलने लगे। इसी दौरान गाड़ी ऑटो लॉक हो गई। दम घुटने से नियति, वंदना, अक्षय और कृष्णा की दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं, हालत बिगड़ने पर शिवांश को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उसे उपचार के बाद घर भेज दिया गया था। हादसे के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। गाड़ी मालिक पर हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
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वहीं, सीओ मंगल सिंह रावत ने किसी तरह समझा-बुझाकर उन्हें शांत कराया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाए थे। शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद चारों बच्चाें के शव गांव पहुंचे तो परिजनों में एक बार फिर से कोहराम मच गया। वे शव से लिपटकर विलाप करने लगे। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी एकत्र हो गए। उन्होंने परिजनों को किसी तरह संभाला। बाद में गमगीन माहौल में बच्चा श्मशान में चारों मासूमों के शव दफनाए गए। परिजनों की तरफ से अभी तक थाने में तहरीर नहीं दी गई है। वहीं, ग्रामीणों ने शासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की।
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श्मशान में अक्षय व कृष्णा के पिता की हालत बिगड़ी
हिंडन के पास बच्चा श्मशान में मासूमों के शव दफनाने के दौरान अक्षय और कृष्णा के पिता विकास की हालत बिगड़ गई। वह बेहोश होकर गिर पड़ा। ग्रामीणों ने उसे उठाया और पानी छिड़का। इसके बाद उसे चिकित्सक के पास भी ले गए। हालत में सुधार होने के बाद उसे घर भेज दिया गया।