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बारिश से जगह-जगह जलभराव से हुई परेशानी, तापमान गिरने से गर्मी से मिली राहत

Sun, 09 Oct 2022 12:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Oct 2022 12:48 AM IST
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Waterlogging and mud problems caused by rain
छपाक: बागपत में स्कूल की छुट्टी के दोरान बारिश के पानी में खेलती छात्राएं - फोटो : BAGHPAT
संवाद न्यूज एजेंसी
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बागपत। जिले में बृहस्पतिवार रात से शुरू हुई बारिश शनिवार को दिन भर चलती रही। बारिश से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के सिसाना के अलावा शहर में कई स्थानों पर जलभराव हो गया। बारिश से तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि बारिश से धान की फसल को नुकसान बताया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि धान की फसल पक कर तैयार हो गई है। बारिश होने से फसल में फंगस लगने और गिरने से उत्पादन प्रभावित होगा।
शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश के बाद जिले के तापमान में नौ डिग्री तक की कमी आई है। बारिश के बाद सड़कों पर जलभराव होने से लोगों को समस्या हुई। गांव की गलियों से लेकर हाईवे तक बारिश के पानी में डूब गया। शहर के पुराना कस्बा, पांडव रोड, सुभाष गेट, मुगलपुरा, माता कालोनी में बारिश से जलभराव और कीचड़ होने से लोगों को रास्तों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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गन्ने को फायदा, धान को नुकसान
बारिश से गन्ने की फसल को फायदा और धान की फसल को नुकसान होगा। धान की फसल पक कर तैयार हो चुकी है। कहीं-कहीं पर फसल की कटाई भी शुरू हो गई है। बारिश के कारण कटी फसल में फंगस लगने और खड़ी फसल के गिरने की संभावना है। फसल में फंगल और गिरने के कारण उत्पादन घटेगा। बारिश के साथ हवा चलने से धान की फसल गिरकर खराब हो जाएगी और खेतों में जलभराव होने से कटी हुई फसल में भी नुकसान होगा।
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2021 में अक्तूबर में हुई थी 62 एमएम बारिश
कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के अनुसार जिले में 2021 में 62 एमएम बारिश रिकार्ड की गई थी। इससे पहले जिले में 2012 में 5.5 एमएम बारिश हुई थी। जिले में इस वर्ष जिले में एक से आठ अक्तूबर तक 14.5 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है।

बारिश से धान की फसल में फंगस लग सकता है और जलभराव और हवा से फसल गिरने से उत्पादन प्रभावित होगा। - अंकिता नेगी, कृषि वैज्ञानिक

दाहा-गढ़ी कांगरान मार्ग पर भरा बारिश का पानी

दाहा-गढ़ी कांगरान मार्ग पर भरा बारिश का पानी- फोटो : BAGHPAT

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