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Baghpat News: टंकी निर्माण के लिए खोदाई में निकले कंकाल तो अब तक शुरू नहीं हुआ काम
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बागपत। बावली गांव में पेयजल टंकी के निर्माण के लिए खोदाई में कंकाल निकले तो काम को रोकना पड़ा। इसका अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सका। उधर, जल निगम के अफसरों ने सीडीओ को रिपोर्ट भेजी है और अब पेयजल टंकी बनाने के लिए जगह बदलने की तैयारी की जा रही है।
जल जीवन मिशन के तहत बावली गांव में पेयजल टंकी का निर्माण कराने के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये बजट आवंटित हुआ था। टंकी के निर्माण के लिए जल निगम को जमीन उपलब्ध कराई गई लेकिन वह विवादित निकली। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के चलते पेयजल टंकी का निर्माण शुरू नहीं हो सका। एक साल पहले विवाद का समाधान हुआ तो टंकी का निर्माण शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसमें जल निगम और निर्माण करने वाली कंपनी के कर्मियों ने पेयजल टंकी के लिए आवंटित जमीन पर जेसीबी मशीन से खोदाई शुरू कराई तो वहां पर कंकाल निकल गए। इसके बाद ग्रामीणों ने कब्रिस्तान की जमीन होने का दावा करते हुए हंगामा शुरू कर दिया और जल निगम की टीम को काम बंद कर वापस लौटना पड़ा। जल निगम के अफसरों ने इसकी रिपोर्ट बनाकर सीडीओ समेत अन्य अधिकारियों को भी भेज दी।
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ग्रामीणों को उठानी पड़ रही परेशानी
जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक पाइपलाइन से पेयजल पहुंचने का अभियान बावली गांव में अटक गया है। इसके चलते ग्रामीणों को निजी सबमर्सिबलों और सरकारी हैंडपंपों से पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है। ग्रामीण सतेंद्र, विक्रम व पिंकेश आदि ने जल्द ही पेयजल टंकी का निर्माण शुरू कराने की मांग की है।
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बोरिंग में 35 लाख रुपये हो चुके हैं खर्च
पेयजल टंकी के निर्माण के लिए जल निगम की तरफ काम शुरू करा दिया गया था। वहां पर टंकी का बोरिंग भी लगवा दिया गया। इसमें पेयजल टंकी के बजट से 35 लाख से अधिक रुपये खर्च भी हो चुके हैं। अब जल निगम के अधिकारी आसपास ही जमीन तलाशने की मांग कर रहे हैं।
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वर्जन-
पेयजल टंकी के निर्माण के लिए खोदाई शुरू होने पर कई महीने पहले कंकाल निकल गए थे, इसकी वजह से काम बंद करना पड़ा। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। दूसरी जगह जमीन का प्रस्ताव कराया जा रहा है, जिसके मिलने पर निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
-दीपक कुमार, सहायक अभियंता, जल निगम
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जल जीवन मिशन के तहत बावली गांव में पेयजल टंकी का निर्माण कराने के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये बजट आवंटित हुआ था। टंकी के निर्माण के लिए जल निगम को जमीन उपलब्ध कराई गई लेकिन वह विवादित निकली। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के चलते पेयजल टंकी का निर्माण शुरू नहीं हो सका। एक साल पहले विवाद का समाधान हुआ तो टंकी का निर्माण शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसमें जल निगम और निर्माण करने वाली कंपनी के कर्मियों ने पेयजल टंकी के लिए आवंटित जमीन पर जेसीबी मशीन से खोदाई शुरू कराई तो वहां पर कंकाल निकल गए। इसके बाद ग्रामीणों ने कब्रिस्तान की जमीन होने का दावा करते हुए हंगामा शुरू कर दिया और जल निगम की टीम को काम बंद कर वापस लौटना पड़ा। जल निगम के अफसरों ने इसकी रिपोर्ट बनाकर सीडीओ समेत अन्य अधिकारियों को भी भेज दी।
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ग्रामीणों को उठानी पड़ रही परेशानी
जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक पाइपलाइन से पेयजल पहुंचने का अभियान बावली गांव में अटक गया है। इसके चलते ग्रामीणों को निजी सबमर्सिबलों और सरकारी हैंडपंपों से पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है। ग्रामीण सतेंद्र, विक्रम व पिंकेश आदि ने जल्द ही पेयजल टंकी का निर्माण शुरू कराने की मांग की है।
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बोरिंग में 35 लाख रुपये हो चुके हैं खर्च
पेयजल टंकी के निर्माण के लिए जल निगम की तरफ काम शुरू करा दिया गया था। वहां पर टंकी का बोरिंग भी लगवा दिया गया। इसमें पेयजल टंकी के बजट से 35 लाख से अधिक रुपये खर्च भी हो चुके हैं। अब जल निगम के अधिकारी आसपास ही जमीन तलाशने की मांग कर रहे हैं।
वर्जन-
पेयजल टंकी के निर्माण के लिए खोदाई शुरू होने पर कई महीने पहले कंकाल निकल गए थे, इसकी वजह से काम बंद करना पड़ा। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। दूसरी जगह जमीन का प्रस्ताव कराया जा रहा है, जिसके मिलने पर निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
-दीपक कुमार, सहायक अभियंता, जल निगम