फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Water level rises in Yamuna, 22 thousand cusecs of water released from Hathini Kund Barrage

जलस्तर बढ़ा, हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा 22 हजार क्यूसेक पानी

Sun, 02 Aug 2020 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2020 11:36 PM IST
विज्ञापन
Water level rises in Yamuna, 22 thousand cusecs of water released from Hathini Kund Barrage
ागपत यमुना में बड़ा जलस्तर - फोटो : BAGHPAT
- छह सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर, किसानों के खेतों तक पहुंचा पानी
विज्ञापन

- जल स्तर बढ़ने से गन्ना, चारा और बेल वाली फसलों को हो सकता है नुकसान
बागपत। हथिनीकुंड़ बैराज से 22 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया है। यमुना का जल स्तर छह सेंटीमीटर तक ऊपर पहुंच गया है। यमुना किनारे खेतों में पानी पानी घुस गया है। जिससे किसानों की फसलों में भी नुकसान होने की संभावना पैदा हो रही है। माना जा रहा है कि अगर 24 घंटे के भीतर बारिश हो गयी या फिर पीछे से और पानी छोड़ दिया गया तो जनपद की सीमा में किसानों की फसलों को काफी नुकसान हो सकता है। इतना ही नहीं जनपद से हरियाणा की तरफ यमुना से होकर जाने वाले लोगों को भी सतर्कता बरतने की जरूरत है। हालांकि अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है लेकिन फिर भी प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। साथ ही बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां भी पूरी करनी शुरू कर दी हैं। जल स्तर बढ़ता देखकर प्रशासन ने खेड़ा इस्लामपुर व खेड़ा हटाना में ठोकरों का निर्माण कराना शुरू कर दिया है। माना यह भी जा रहा है कि अगर प्रशासन ने थोड़ी भी लापरवाही की तो बाढ़ से नुकसान हो सकता है।
चारा, गन्ना और बेलवाली फसलों को नुकसान
- यमुना में जल स्तर बढ़ने से छपरौली, बदरखा, जागोट सहित बागपत के कई गांवों के किसानों के खेतों तक पानी पहुंच गया है। फिलहाल पानी से गन्ने की फसल को तो नुकसान नहीं है लेकिन चारा और बेल वाली फसलों में नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। प्रशासन ने किसानों को भी अलर्ट कर दिया है।
विज्ञापन

यमुना से दूरी बनाए जनता
- यमुना में जल स्तर बढ़ने पर प्रशासन ने बागपत की जनता को भी अलर्ट कर दिया है। साथ ही फिलहाल यमुना से दूरी बनाने और न नहाने की सलाह दी है। बता दें कि वर्ष 2020 में ही यमुना में दस लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। अगर बढ़ते जल स्तर के दौरान लोगों ने यमुना में नहाने और यमुना से होकर हरियाणा की तरफ जाने का प्रयास किया तो दुर्घटना हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- बाढ़ नियंत्रण के नोडल अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि शनिवार को हथिनीकुंड से 22 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
- यमुना में अब से पहले जल स्तर कम था। लेकिन अब 22 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर यमुना में पानी कर स्तर छह सेंटीमीटर ही बढ़ गया है। बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। कटान रोकने के लिए सीमेंट के थैले व बल्लियों की पर्याप्त मात्रा में स्टॉक कर ली गई है। यमुना में खेड़ा हटाना व खेड़ा इस्लामपुर में छह ठोकर का निर्माण हो चुका है तथा सात का निर्माण चल रहा है। जनता को भी जागरूक रहने की जरूरत है। ---- संजीव कुमार, नोडल अधिकारी बाढ़ नियंत्रण।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed