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स्कूलों की छत से टपक रहा पानी, फर्श धंसा तो कहीं अंधेरे में पढ़े बच्चे

Sat, 11 Sep 2021 11:41 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Sep 2021 11:41 PM IST
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Water dripping from the roof of the schools, if the floor is sunk, then the children study in the dark
बागपत के निवाड़ा गांव स्थ्ति प्राथमिक विद्यालय की छत से बारिश का पानी टपकने के कारण दूसरे कोने मे - फोटो : BAGHPAT
बागपत। सरकारी स्कूलों में बेहतर व्यवस्थाएं होने का दावा भले ही अधिकारी करते हो, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था बदहाल है। बारिश होते ही स्कूलों की छत से पानी टपकने लगता है। किसी स्कूल में फर्श धंसने से हालात खराब है तो किसी जगह बिजली तक नहीं है। यहां अंधेरे में बैठकर बच्चे पढ़ते है। शनिवार को बारिश हुई तो कई स्कूलों की हालत बदहाल हो गई।
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बागपत के स्कूल में छत से टपक रहा पानी, फर्श भी धंसा
बीआरसी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में छत से पानी टपकता रहता है, जिससे कक्षा में बच्चों को एक कोने में बैठाया जाता है। कक्षा तीन के कमरे में फर्श धंसना शुरू हो गया है। दहशत में बच्चे एक कोने में बैठकर पढ़ाई करते है। प्रधानाध्यापक योगेश शर्मा का कहना है कि कायाकल्प योजना के तहत कुछ बजट मिल था, जिससे स्कूल में कुछ काम कराया जा चुका है। अब दूसरे बजट के लिए पत्र भेजा है। बजट आते ही छत व फर्श की मरम्मत कराई जाएगी।
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सीएम ने किया था निरीक्षण, फिर भी नहीं सुधरी स्कूल की हालत
सिसाना गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जुलाई में निरीक्षण किया था। उनके सामने स्कूल को पूरी तरह से चमका दिया गया था। अब बारिश होते ही स्कूल की बदहाली की पोल खुल गई। दो कमरों में छत से कई जगह बच्चों की कुर्सियों पर पानी टपक रहा था। बच्चों को पानी से बचाने के लिए अलग-अलग बैठाया गया था। प्रधानाध्यापक तेजपाल सिंह ने ढाई लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया।
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गौरीपुर में छत से टपक रहा था पानी, अंधेरे में पढ़ रहे बच्चे
गौरीपुर के पूर्व प्राथमिक विद्यालय में बारिश के कारण छत से पानी टपक रहा था। बिजली की व्यवस्था नहीं होने के कारण कमरे में अंधेरे में बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। शिक्षक नीरज उज्ज्वल के अनुसार स्कूल में बिजली कनेक्शन नहीं है, इसलिए ही अंधेरे में पढ़ाई करानी पड़ती है। गर्मी में हालत ज्यादा खराब हो जाती है।
निवाड़ा के प्राथमिक विद्यालय की हालत बदतर
निवाड़ा गांव के प्राथमिक विद्यालय की हालत सबसे ज्यादा बदतर है। पांच कमरे है, जिनमें तीन जर्जर हो चुके है और छत से बहुत ज्यादा पानी टपकता है। ऐसे में वहां कभी भी छत गिर सकती है। इसलिए बच्चों को केवल दो कमरों में बैठाकर पढ़ाया जाता है। यहां करीब 300 बच्चे पंजीकृत है। शिक्षिका निधि के अनुसार स्कूल की जर्जर हालत के कारण अधिकारियों को कई बार लिखकर दिया गया है। इसके बाद भी हालत नहीं सुधारी जा रही है।
ऐसा हो सकता है कि छतों से पानी की निकासी न हो पा रही हो। इसलिए छत टपक रही हो। सभी स्कूलों की छताें को सोमवार को दिखवाया जाएगा। जहां मरम्मत की जरूरत होगी, वहां कार्य कराया जाएगा। अन्य समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता के साथ कराया जाएगा। - राघवेंद्र सिंह, बीएसए।

प्राथमिक विद्यालय के भवन की छत गिरी
फोटो नंबर 11केएआर 1
खेकड़ा। गांव सुन्हेड़ा में बारिश के कारण प्राथमिक विद्यालय के भवन की छत भरभरा गिर गई। गनीमत रही कि उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था। ग्रामीण वीरेंद्र, प्रमोद, जितेंद्र, राजबीर, मुकेश, संदीप, सुरेंद्र, नरेंद्र, बीरसिंह आदि ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से जर्जर भवन को ध्वस्त कराने की मांग की है।
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