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जल निगम ने मिलाना में 18 हैंडपंप उखाड़े 

Sun, 11 Dec 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Sun, 11 Dec 2016 12:03 AM IST
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Water Corporation Wed 18 hand pumps uprooted
हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला
बागपत के दोघट में जल निगम ने मिलाना गांव में दूषित पानी दे रहे हैंडपंपों को उखाड़ना शुरू कर दिया है। शनिवार को मिलाना गांव में 18 हैंडपंपों को उखाड़ा गया है। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और कहा कि पहले शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए, उसके बाद ही हैंडपंपों को उखाड़ने दिया जाएगा।
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एनजीटी के आदेश पर जल निगम के अफसरों ने हिंडन व कृष्णा नदियों से प्रभावित गांवों में दूषित पानी दे रहे हैंडपंपों को उखाड़ने का काम शुरू कर दिया है। अब तक मिलाना गांव में 18 हैंडपंपों को उखाड़ा गया है। इसका ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया और हैंडपंप उखाड़ने का कार्य रुकवा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि हैंडपंपों को उखाड़ने से गांव में जल संकट पैदा हो जाएगा। वे अपने पशुओं को पानी कहां से पिलाएंगे, कपड़े कैसे धोएंगे, स्नान कहां करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में पहले पेयजल की व्यवस्था की जाए, उसके बाद ही हैंडपंपों को उखाड़ने दिया जाएगा।

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मिलाना के ग्राम प्रधान रियासत अली ने बताया कि गांव में 30 हैंडपंप हैं, जिनमें से 18 उखाड़ दिए गए हैं। जल निगम ने पेयजल की व्यवस्था किए बिना ही हैंडपंपों को उखाड़ना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि गांव में जल निगम ने 300-300 फीट गहरे दो बोर कराकर उसमें सबमर्सिबल पंप सेट डाले हैं। जिनसे मात्र 50 घरों को पेयजल सप्लाई हो पाता है। गांव में 1000 परिवार हैं। उन्हें पानी कहां से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जल निगम शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करें। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि रविवार को मजदूर हैंडपंप उखाड़ने आए तो उन्हें बंधक बना लिया जाएगा। 

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जल निगम के सहायक अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर हैंडपंप उखाड़े जा रहे हैं। मिलाना गांव शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल निगम ने दो सबमर्सिबल पंप सेट लगाए हुए हैं। ग्रामीण इनसे शुद्ध पेयजल ले जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिला पंचायत राज अधिकारी को नदियों से प्रभावित सभी गांव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित कर रखा है। यदि गांवों में शुद्ध पेयजल नहीं पहुंच रहा है तो ग्रामीण सीधे उनसे शिकायत कर सकते हैं। हर गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। तवेलागढ़ी के ग्राम प्रधान राजीव कुमार ने कहा कि पेयजल की व्यवस्था किए बिना वे गांव में एक भी हैंडपंप को नहीं उखाड़ने देंगे। 



चौगामा क्षेत्र का हो चुका है पेयजल दूषित
हिंडन व कृष्णा नदियों के बीच में बसा पूरे चौगामा क्षेत्र का भूजल दूषित हो चुका है। क्षेत्र के धनौरा, भड़ल, निरपुड़ा, दाहा, सरोरा, तवेलागढ़ी, पट्टी बंजारन, मिलाना, फौलानगर, खपराना, गढ़ी कांगरान, गैडबरा, बोपुरा, झूंडपुर, मुलसम, नंगला कनवाड़ा, दोघट, टीकरी, हिम्मतपुर सूजती, भगवानपुर नांगल, गांगनौली, इब्राहिमपुर माजरा, आदमपुर, इदरीशपुर, पुसार, बामनौली, रंछाड, दादरी, चंदायन, शाहपुर बाण गंगा, शाहजहांपुर, बरनावा आदि गांव में लगे हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं। जिसे पीकर ग्रामीण अकाल मृत्यु का शिकार हो रहे हैं। एनजीटी ने जल निगम बागपत को नदियों से प्रभावित सभी गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के आदेश दिए हुए हैं, लेकिन जल निगम बागपत के अधिकारी सिर्फ कागजों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा रहे हैं। जल निगम ने आज तक एक भी गांवों में शुद्ध पेयजल नहीं भिजवाया है। वे सिर्फ कागजों में खानापूर्ति कर एनजीटी को गुमराह रहे हैं। 

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