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Baghpat News: सिनौली में पांच दिन से ग्रामीण पानी के लिए परेशान
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। सिनौली गांव के ग्रामीण पिछले पांच दिनों से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। क्योंकि गांव में स्थित पेयजल टंकी पर तैनात आपरेटर ने मानदेय न मिलने पर टंकी से गांव में होने वाली पेयजल आपूर्ति को रोक रखा है।
तहसील मुख्यालय से दस किमी दूर स्थित सिनौली गांव के ग्रामीणों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया है। यह गांव बड़ौत ब्लाक के अंतर्गत आता है और गांव की आबादी लगभग 15000 है। ग्रामीणों का आरोप है कि पेयजल टंकी पर तैनात आपरेटर रविंद्र ने पिछले पांच दिनों से गांव की पेयजल आपूर्ति को रोक रखा है। मजबूरन महिलाओं को अपने घरों से दूर लगे हैंडपंपों व जंगल में स्थित ट्यूबवेलों से पानी लाना पड़ रहा है। न तो इस ओर विभागीय अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही ग्राम प्रधान व जनप्रतिनिधि। इसको लेकर अब लोगों में आक्रोश पनपता जा रहा है। उन्होंने समस्या का जल्द समाधान न होने पर तहसील मुख्यालय पर भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।
50 से अधिक हैंडपंप पड़े हैं खराब
ग्रामीणों के अनुसार गांव में 80 से 90 हैंडपंप लगे हुए हैं, जिनमें से लगभग 50 से अधिक हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं। जिस कारण गांव की महिलाओं को पेयजल व्यवस्था को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टंकी से पेयजल आपूर्ति बंद होने के कारण गांव की महिलाएं घर से दूर लगे हैंडपंपों और जंगल में स्थित ट्यूबवेलों से समूह बनाकर पीने का पानी लाना पड़ता है।
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प्रधान और ग्राम सचिव जिम्मेदार
इस्लामन और पूनम का कहना है कि इसके लिए ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव जिम्मेदार हैं। क्योंकि लाखों की लागत से टंकी बनाकर ग्राम पंचायत को हैंडओवर कर दी गई थी। आपरेटर का मानदेय देने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की है, लेकिन पांच दिनों से समस्या बनी हुई है और ग्राम प्रधान व अन्य अधिकारियों को जूं तक नहीं चली। राजीव कुमार का कहना है कि इस संबंध में ग्राम प्रधान, एसडीएम, डीएम व सीएम पोर्टल पर शिकायत की जा चुकी हैै, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उधर, बीडीओ ज्योति बाला ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो तत्काल प्रभाव से मौके पर जाकर समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि वे समस्या को लेकर कई बार ब्लाक जाकर शिकायत कर चुके हैं।
कोट...
यदि ऐसा है तो सच में समस्या गंभीर है। इस संबंध में बीडीओ और ग्राम प्रधान से बातचीत कर समस्या का जल्द से जल्द समाधान कराया जाएगा। - सुभाष सिंह, एसडीएम
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बड़ौत। सिनौली गांव के ग्रामीण पिछले पांच दिनों से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। क्योंकि गांव में स्थित पेयजल टंकी पर तैनात आपरेटर ने मानदेय न मिलने पर टंकी से गांव में होने वाली पेयजल आपूर्ति को रोक रखा है।
तहसील मुख्यालय से दस किमी दूर स्थित सिनौली गांव के ग्रामीणों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया है। यह गांव बड़ौत ब्लाक के अंतर्गत आता है और गांव की आबादी लगभग 15000 है। ग्रामीणों का आरोप है कि पेयजल टंकी पर तैनात आपरेटर रविंद्र ने पिछले पांच दिनों से गांव की पेयजल आपूर्ति को रोक रखा है। मजबूरन महिलाओं को अपने घरों से दूर लगे हैंडपंपों व जंगल में स्थित ट्यूबवेलों से पानी लाना पड़ रहा है। न तो इस ओर विभागीय अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही ग्राम प्रधान व जनप्रतिनिधि। इसको लेकर अब लोगों में आक्रोश पनपता जा रहा है। उन्होंने समस्या का जल्द समाधान न होने पर तहसील मुख्यालय पर भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।
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50 से अधिक हैंडपंप पड़े हैं खराब
ग्रामीणों के अनुसार गांव में 80 से 90 हैंडपंप लगे हुए हैं, जिनमें से लगभग 50 से अधिक हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं। जिस कारण गांव की महिलाओं को पेयजल व्यवस्था को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टंकी से पेयजल आपूर्ति बंद होने के कारण गांव की महिलाएं घर से दूर लगे हैंडपंपों और जंगल में स्थित ट्यूबवेलों से समूह बनाकर पीने का पानी लाना पड़ता है।
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प्रधान और ग्राम सचिव जिम्मेदार
इस्लामन और पूनम का कहना है कि इसके लिए ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव जिम्मेदार हैं। क्योंकि लाखों की लागत से टंकी बनाकर ग्राम पंचायत को हैंडओवर कर दी गई थी। आपरेटर का मानदेय देने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की है, लेकिन पांच दिनों से समस्या बनी हुई है और ग्राम प्रधान व अन्य अधिकारियों को जूं तक नहीं चली। राजीव कुमार का कहना है कि इस संबंध में ग्राम प्रधान, एसडीएम, डीएम व सीएम पोर्टल पर शिकायत की जा चुकी हैै, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उधर, बीडीओ ज्योति बाला ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो तत्काल प्रभाव से मौके पर जाकर समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि वे समस्या को लेकर कई बार ब्लाक जाकर शिकायत कर चुके हैं।
कोट...
यदि ऐसा है तो सच में समस्या गंभीर है। इस संबंध में बीडीओ और ग्राम प्रधान से बातचीत कर समस्या का जल्द से जल्द समाधान कराया जाएगा। - सुभाष सिंह, एसडीएम