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वेद सब सत्य विद्याओं की पुस्तक- यज्ञमुनि
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वेद सब सत्य विद्याओं की पुस्तक : यज्ञमुनि
दोघट। आर्य समाज गढ़ी कांगरान में 48वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर तीन दिवसीय ऋग्वेद खंड पारायण यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ के ब्रह्मा स्वामी यज्ञमुनि वानप्रस्थी ने कहा कि वेद सब सत्य विद्याओं की पुस्तक है। वेद का पढना और सुनना सभी श्रेष्ठ मनुष्यों का परम धर्म है। वेद आदि सृष्टि के मूल ग्रंथ हैं। वेदों में संपूर्ण जीवन दर्शन तथा समग्र ज्ञान-विज्ञान समाहित है। मनुष्य जिस परिवेश में रहेगा वैसे ही उसके विचार रहन, सहन तथा खान-पान होगा। इसलिए सभी मनुष्य अच्छे ग्रंथों का पठन-पाठन करें। समाज सुधारक के रूप में आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती हमेशा याद किए जाएंगे। भजनों उपदेशक सहदेव सिंह बेधड़क ने अपने भजनों के द्वारा यज्ञ प्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया। वेदपाठ पूजा आर्या, आभा आर्या, विदुषी आर्या ने किया। यज्ञमान राहुल तोमर व उनकी पत्नी प्रीति और अश्वनी तोमर उनकी पत्नी अन्नू रही। इस मौके पर सुशील राणा, हवनपाल प्रधान, सुधीर तोमर, यशवीर तोमर, उदयवीर आर्य, पवन कुमार शास्त्री, देशपाल तोमर, राजवीर, सुभाष मौजूद रहे।
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मंदिरों में शनिदेव की मूर्ति स्थापित कराई
दोघट। पुसार गांव के बड़ा शिव मंदिर में शनिदेव की मूर्ति की स्थापना कराई गई। इससे पूर्व गांव में मूर्ति की परिक्रमा कराई। मंदिर में यज्ञ का आयोजित हुआ। यज्ञ में पंडित निधीश शर्मा, राजीव शर्मा, राधेश्याम शर्मा, आकाश शर्मा, अनिल शर्मा मौजूद रहे। इस मौके पर पूर्व प्रधान भाग्यवीर, पूर्व प्रधान रामेश्वर, अशोक जैन, धर्मपाल, राजकुमार, बिजेंद्र, ऋषिपाल, रामकिशन शर्मा आदि मौजूद रहे। इसके अलावा गांगनौली गांव में शनिदेव की मूर्ति की परिक्रमा कर शिव मंदिर में स्थापना कराई गई। इस मौके पर पंडित विपिन शर्मा ने पूजा अर्चना कराई। कार्यक्रम में पूर्व प्रधान धर्मेंद्र राठी, विनोद कुमार, जितेंद्र, मनोज, संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
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दोघट। आर्य समाज गढ़ी कांगरान में 48वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर तीन दिवसीय ऋग्वेद खंड पारायण यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ के ब्रह्मा स्वामी यज्ञमुनि वानप्रस्थी ने कहा कि वेद सब सत्य विद्याओं की पुस्तक है। वेद का पढना और सुनना सभी श्रेष्ठ मनुष्यों का परम धर्म है। वेद आदि सृष्टि के मूल ग्रंथ हैं। वेदों में संपूर्ण जीवन दर्शन तथा समग्र ज्ञान-विज्ञान समाहित है। मनुष्य जिस परिवेश में रहेगा वैसे ही उसके विचार रहन, सहन तथा खान-पान होगा। इसलिए सभी मनुष्य अच्छे ग्रंथों का पठन-पाठन करें। समाज सुधारक के रूप में आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती हमेशा याद किए जाएंगे। भजनों उपदेशक सहदेव सिंह बेधड़क ने अपने भजनों के द्वारा यज्ञ प्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया। वेदपाठ पूजा आर्या, आभा आर्या, विदुषी आर्या ने किया। यज्ञमान राहुल तोमर व उनकी पत्नी प्रीति और अश्वनी तोमर उनकी पत्नी अन्नू रही। इस मौके पर सुशील राणा, हवनपाल प्रधान, सुधीर तोमर, यशवीर तोमर, उदयवीर आर्य, पवन कुमार शास्त्री, देशपाल तोमर, राजवीर, सुभाष मौजूद रहे।
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मंदिरों में शनिदेव की मूर्ति स्थापित कराई
दोघट। पुसार गांव के बड़ा शिव मंदिर में शनिदेव की मूर्ति की स्थापना कराई गई। इससे पूर्व गांव में मूर्ति की परिक्रमा कराई। मंदिर में यज्ञ का आयोजित हुआ। यज्ञ में पंडित निधीश शर्मा, राजीव शर्मा, राधेश्याम शर्मा, आकाश शर्मा, अनिल शर्मा मौजूद रहे। इस मौके पर पूर्व प्रधान भाग्यवीर, पूर्व प्रधान रामेश्वर, अशोक जैन, धर्मपाल, राजकुमार, बिजेंद्र, ऋषिपाल, रामकिशन शर्मा आदि मौजूद रहे। इसके अलावा गांगनौली गांव में शनिदेव की मूर्ति की परिक्रमा कर शिव मंदिर में स्थापना कराई गई। इस मौके पर पंडित विपिन शर्मा ने पूजा अर्चना कराई। कार्यक्रम में पूर्व प्रधान धर्मेंद्र राठी, विनोद कुमार, जितेंद्र, मनोज, संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
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