फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Utilities filled in toilets, construction of many incomplete

शौचालय में भर दिए उप्पलें, कई का निर्माण अधूरा

Wed, 18 Nov 2020 10:56 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Nov 2020 10:56 PM IST
विज्ञापन
Utilities filled in toilets, construction of many incomplete
बड़ौत के खडख़ड़ी गांव में शौचालय में भरे गोबर के उपले। - फोटो : BARAUT
विश्व शौचालय दिवस
विज्ञापन

गांव खड़खड़ी में स्वच्छता अभियान को लग रहा पलीता
पानी की सुविधा नहीं, कई साल से लटक रहा ताला, खुले में शौच जाने को मजबूर ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। ब्लॉक बड़ौत का गांव खड़खड़ी, जिसे ओडीएफ (ओपन डेफिकेशन फ्री) यानि खुले से शौच मुक्त का तमगा मिला हुआ है। मगर, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। गांव के आधे से अधिक घरों में शौचालय या तो अधूरे पड़े हैं या फिर बने ही नहीं है। कुछ शौचालय मेें उप्पले भरे हुए है और बहुतों मेें ताले लटके हुए है। मजबूरन ग्रामीणों को खुले मेें ही शौच जाना पड़ रहा है।
गांव खड़खड़ी में वर्ष 2016-2017 में करीब 80 परिवारों के यहां शौचालय का निर्माण कराया गया था। इसके बाद ग्राम पंचायत को ओडीएफ का तमगा दे दिया गया। मगर, जमीनी हकीकत कुछ और है। ग्रामीण कल्लू ने बताया उसके घर में अब तक शौचालय नहीं बनाया गया है। आज भी कई लोग शौच के लिए बाहर जा रहे हैं। ग्रामीण तेजपाल ने कहा गांव में शौचालय के नाम से काफी गड़बड़ी की गई है। शौचालय के नाम पर जितनी राशि आई थी, उतनी धनराशि लाभार्थियों को नहीं दी गई। इस कारण बहुत से शौचालय आज भी अधूरे पडे़ हुए है, मजबूरन ग्रामीणों ने उनमेें उप्पल भरे दिए। ग्रामीण वीरसैन के शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं की गई, तो मजबूरन उसने शौचालय को ताला लगा दिया।
विज्ञापन

अगर ऐसा है तो यह गंभीर मामला है, इसकी जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति भेजी जाएगी। - राहुल वर्मा, बीडीओ।
गत एक वर्ष पूर्व ही उनकी गांव में तैनाती हुई है। वर्ष 2016-2017 में शौचालय निर्माण में क्या गड़बड़ी हुई, इसकी जानकारी नहीं है। जांच के बाद ही गड़बड़ी सामने आएगी। - दीपा मलिक, ग्राम सचिव।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई अन्य गांवों का भी यही हाल
यह एक ग्राम पंचायत का हाल नहीं है, बल्कि हिलवाड़ी, बावली, लुहारी सहित अन्य कई गांवों का भी यही हाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed