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निजी अस्पताल में बच्चे की मौत पर हंगामा
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मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना निवासी युवक ने बच्चे को कराया था अस्पताल में भर्ती
सूचना पर पहुंची पुलिस ने कराया मामला शांत
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। एक निजी अस्पताल में भर्ती एक नवजात बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह समझा-बुझाकर मामला शांत किया।
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना निवासी मनीष की पत्नी की गत दिनों बुढ़ाना में ही डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी तो चिकित्सकों ने मनीष को बड़ौत नगर के एक निजी अस्पताल में सुविधाओं का हवाला देते हुए जाने को कहा। इसके बाद मनीष ने नगर के एक निजी अस्पताल में बच्चे व अपनी पत्नी को भर्ती करा दिया। मनीष का आरोप था कि पांच दिन में ही अस्पताल के चिकित्सकों ने उसका बिल पांच लाख बना लिया। जब मनीष ने आष्युमान कार्ड स्वीकार करने के लिए कहा तो चिकित्सकों ने इनकार कर दिया। इससे आक्रोशित परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। सीओ हरीश भदौरिया का कहना है कि अभी यह मामला संज्ञान में नहीं आया है। यदि कोई तहरीर कोतवाली मेें आती है तो जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने कराया मामला शांत
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। एक निजी अस्पताल में भर्ती एक नवजात बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह समझा-बुझाकर मामला शांत किया।
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना निवासी मनीष की पत्नी की गत दिनों बुढ़ाना में ही डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी तो चिकित्सकों ने मनीष को बड़ौत नगर के एक निजी अस्पताल में सुविधाओं का हवाला देते हुए जाने को कहा। इसके बाद मनीष ने नगर के एक निजी अस्पताल में बच्चे व अपनी पत्नी को भर्ती करा दिया। मनीष का आरोप था कि पांच दिन में ही अस्पताल के चिकित्सकों ने उसका बिल पांच लाख बना लिया। जब मनीष ने आष्युमान कार्ड स्वीकार करने के लिए कहा तो चिकित्सकों ने इनकार कर दिया। इससे आक्रोशित परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। सीओ हरीश भदौरिया का कहना है कि अभी यह मामला संज्ञान में नहीं आया है। यदि कोई तहरीर कोतवाली मेें आती है तो जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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