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शिक्षा का महत्व समझे, साक्षरता दर छह प्रतिशत बढ़ी

Wed, 07 Sep 2022 10:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Sep 2022 10:57 PM IST
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Understand the importance of education, literacy rate increased by six percent
बागपत। शिक्षा का महत्व लोग समझ गए हैं, तभी साक्षरता दर में छह प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जिले में वर्ष 2011 में साक्षरता दर 72 प्रतिशत थी, वहीं अब वह बढ़कर 78 प्रतिशत हो गई है। पुरुषों के साथ महिला साक्षरता दर में भी बढ़ोतरी हुई है। इसका एक कारण यह भी माना जा रहा है कि सरकार की ओर से शिक्षा के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिससे साक्षरता दर में बढ़ोतरी हो रही है।
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जिले में वर्ष 2011 में पुरुषों की साक्षरता दर 82 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 87 प्रतिशत हो गई है। इस तरह से पुरुषों की साक्षरता दर में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं महिला की साक्षरता दर 66 प्रतिशत हो गई है, जो वर्ष 2011 में 60 प्रतिशत थी। शिक्षाविदों का कहना है कि बेटियों को शिक्षित करने के लिए भी लोगों की सोच बदली है, जिससे पुरुषों के साथ महिलाओं की साक्षरता दर बढ़ी है।
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साक्षर भारत मिशन से बढ़ी साक्षरता
डीसी राजपाल जैन्थ का कहना है कि सरकार की प्रौढ़ों को शिक्षित करने के लिए चलाई गई साक्षर भारत मिशन योजना से काफी असर पड़ा है। इस मिशन में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने अधिक रुचि दिखाई। इससे महिला साक्षरता में बढ़ोतरी हुई।
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शिक्षा के प्रति जागरूक हो रहे लोग
अब समाज में बेटे और बेटियों को बराबरी का स्थान दिया जा रहा है। लोग शिक्षा के प्रति जागरूक हो रहे हैं। बेटियों को बेटों की तरह स्कूल भेजकर शिक्षित किया जा रहा है। यह एक बड़ा कारण है कि साक्षरता दर बढ़ी है। - जयपाल शर्मा, पूर्व प्रधानाचार्य
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- सरकार का रुझान महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ा है। परिवार में लड़की को लड़के के बराबर अधिकार मिल रहा है, जिससे बेटियां शिक्षित हो रही हैं। समाज में जागरूकता के साथ शिक्षा के प्रति चेतना आई है। - नरेश कुमार शर्मा, पूर्व प्रधानाचार्य
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- बच्चों को शिक्षित करने के लिए सरकार की ओर से समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। सरकारी स्कूल के शिक्षक घर-घर जाकर शत-प्रतिशत बच्चों का स्कूलों में नामांकन करा रहे है। - संतोष शर्मा, सेवानिवृत्त कार्यवाहक प्रधानाचार्य
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पिछले दस साल में जिले की साक्षरता दर छह प्रतिशत बढ़ी है, जिसको ज्यादा अच्छा नहीं कहा जा सकता है। पुरुषों से ज्यादा महिलाओं की साक्षरता दर बढ़ी है, यह सकारात्मक पहलू है। साक्षरता दर सौ प्रतिशत तक करने के लिए प्रयास करने चाहिए। - जनक सिंह सोम, पूर्व प्रधानाचार्य
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- शिक्षा विभाग की ओर से प्रतिवर्ष आउट ऑफ स्कूल बच्चों का सर्वे करने के लिए अभियान चलाया जाता है। सर्वे के दौरान बच्चों को चिह्नित कर उनका स्कूलों में पंजीकरण कराकर शिक्षित कराया जाता है। वित्तिय वर्ष में जिले को 15 हजार बच्चों का स्कूलों में नामांकन कराने का लक्ष्य मिला था, जबकि विभाग की ओर से घर-घर सर्वे कराकर 25 हजार बच्चों का नामांकन कराया है। - कीर्ति, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

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- आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले छात्र-छात्राओं का नौवीं कक्षा में प्रवेश कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारियों को छात्रों का नामांकन कराने की जिम्मेदारी दी गई है। - रवींद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
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