सरूरपुर में बुखार बेकाबू, सैकड़ों चपेट में
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दिल्ली-यमुनौत्री हाईवे पर स्थित सरूरपुर कलां गांव में बुखार से दहशत का माहौल बना हुआ है। गांव के अधिकांश परिवार में लोग बुखार की चपेट में हैं। इससे गांव में त्राही-त्राही मची है। बुखार की चपेट में आदित्य, अनुज, कल्लू, शिवांगी, प्रिया, गुलगुल, दीपक समेत सैकड़ों बड़ेे और बच्चे हैं। दो दिन पहले ही बुखार से नेहा पुत्र करण सिंह की मौत भी हो चुकी है। किशोरी की मौत से गांव में भय का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग के प्रति लोगों में रोष है। गांव में सीएचसी होने के बावजूद लोग निजी चिकित्सकों से इलाज करवा रहे हैं।
लोगों ने कहा गांव में निमोनिया, मलेरिया बुखार लगातार पैर पसारता जा रहा है। सुभाष नैन, नरेश, इंद्रपाल, अमित, राममेहर, ब्रजपाल, सोनू ने कहा सीएचसी में चिकित्सक बैठना पसंद नहीं करते हैं। एक फार्मेसिस्ट है जो लोगों को दवा देता है। उन्होंने डीएम से हस्तक्षेप कर गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजने और गांव में कैंप लगवाने की मांग की। उन्होंने कहा यदि बुखार से गांव में किसी की भी मौत होती है तो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
वहीं सरूरपुर कलां निवासी अमरदीप ने बताया वह अपने पुत्र आरव नैन को टीका लगवाने के लिए 20 दिनों से सीएचसी के चक्कर लगा रहा है, लेकिन वहां मौजूद कर्मचारी उसे टीका नहीं लगा रहे हैं। इस संबंध में सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार मिश्रा ने कहा सरूरपुर कलां में बुखार बढ़ रहा है, इसकी जानकारी नहीं है। सोमवार को गांव में स्वास्थ्य हेल्थ कैंप लगवाया जाएगा।