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चाचा के मोबाइल पर होमवर्क, दुकान से लौटने पर शुरू होती है पढ़ाई
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- अभी भी ऐसे घर, जिनमें टीवी की सुविधा भी उपलब्ध नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। लॉकडाउन के बाद बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षण की व्यवस्था की गई है। नगर से लेकर देहात तक एंड्राइड फोन के अभाव में बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। देहात क्षेत्र में अधिकांश परिवार ऐसे है, जिनके पास एंड्राइड मोबाइल नहीं है और जिनके पास है, उनके शिक्षण में सिग्नल परेशानी बना हुआ है। कई परिवार ऐसे हैं, जिनके पास सिर्फ एक ही मोबाइल है। ऐसे में पढ़ाई के लिए समन्वय बनाना मुश्किल हो रहा है।
अमीनगर सराय निवासी संजय शर्मा का कहना है कि उसके घर में दो बेटी छवि और शिया और एक बेटा छोटू है। बेटा तीसरी और बेटियां सातवीं और आठवीं में पढ़ती हैं। उनके पास तो एक साधारण मोबाइल है। ऐसे में ऑनलाइन पढ़ाई कैसे हो। बच्चों के चाचा अंकित के पास स्मार्ट फोन हैं। मगर, वह सुबह नौ बजे दुकान पर चला जाता है। उसके मोबाइल पर ही बच्चों का काम स्कूल की ओर से भेजा जाता है। जब अंकित घर लौटता है तो बच्चों की पढ़ाई शुरू हो पाती है। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए कम से कम दो मोबाइल की जरूरत है, लेकिन उनके घर में तो एक भी मोबाइल नहीं है।
मोबाइल तो दूर टीवी भी नहीं
बागपत। डीआईओएस ओमदत्त सिंह के निर्देश पर माध्यमिक स्कूलों में टीवी का सर्वे कराया गया। अब तक के सर्वे में पांच फीसदी घर ऐसे भी मिले हैं, जिनमें टीवी नहीं है।
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व्हाट्सएप पर भेज रहे होमवर्क
बागपत। ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर अधिकतर स्कूल बच्चों को व्हाट्सएप पर होमवर्क भेज रहे हैं। अभिभावक सोनू अरोरा, कुमार तोमर का कहना है कि होमवर्क कई बार अस्पष्ट होता है, दिखाई भी नहीं देता। बच्चों को परेशानी होती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। लॉकडाउन के बाद बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षण की व्यवस्था की गई है। नगर से लेकर देहात तक एंड्राइड फोन के अभाव में बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। देहात क्षेत्र में अधिकांश परिवार ऐसे है, जिनके पास एंड्राइड मोबाइल नहीं है और जिनके पास है, उनके शिक्षण में सिग्नल परेशानी बना हुआ है। कई परिवार ऐसे हैं, जिनके पास सिर्फ एक ही मोबाइल है। ऐसे में पढ़ाई के लिए समन्वय बनाना मुश्किल हो रहा है।
अमीनगर सराय निवासी संजय शर्मा का कहना है कि उसके घर में दो बेटी छवि और शिया और एक बेटा छोटू है। बेटा तीसरी और बेटियां सातवीं और आठवीं में पढ़ती हैं। उनके पास तो एक साधारण मोबाइल है। ऐसे में ऑनलाइन पढ़ाई कैसे हो। बच्चों के चाचा अंकित के पास स्मार्ट फोन हैं। मगर, वह सुबह नौ बजे दुकान पर चला जाता है। उसके मोबाइल पर ही बच्चों का काम स्कूल की ओर से भेजा जाता है। जब अंकित घर लौटता है तो बच्चों की पढ़ाई शुरू हो पाती है। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए कम से कम दो मोबाइल की जरूरत है, लेकिन उनके घर में तो एक भी मोबाइल नहीं है।
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मोबाइल तो दूर टीवी भी नहीं
बागपत। डीआईओएस ओमदत्त सिंह के निर्देश पर माध्यमिक स्कूलों में टीवी का सर्वे कराया गया। अब तक के सर्वे में पांच फीसदी घर ऐसे भी मिले हैं, जिनमें टीवी नहीं है।
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व्हाट्सएप पर भेज रहे होमवर्क
बागपत। ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर अधिकतर स्कूल बच्चों को व्हाट्सएप पर होमवर्क भेज रहे हैं। अभिभावक सोनू अरोरा, कुमार तोमर का कहना है कि होमवर्क कई बार अस्पष्ट होता है, दिखाई भी नहीं देता। बच्चों को परेशानी होती है।