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बर्बाद हो चुकी ढाई हजार कोरोना वैक्सीन की डोज

Sat, 19 Jun 2021 11:16 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jun 2021 11:16 PM IST
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Two and a half thousand corona vaccine doses wasted
बड़ौत। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार की ओर से कराए जा रहे वैक्सीनेशन में शीशी खुलने के बाद चार घंटे में दस लोगों के नहीं पहुंचने व कुछ स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के कारण वैक्सीन की डोज बर्बाद भी हो रही है। अब तक जनपद में वैक्सीनेशन के लिए भेजी गई वैक्सीन में से लगभग ढाई हजार से अधिक डोज बर्बाद हो चुकी है। जिले में दो लाख 31 हजार से अधिक लोगों को वैक्सीनेशन किया जा चुका है।
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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रशासन की ओर से युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है। मगर, वैक्सीनेशन करने में लोगों का रुचि न दिखाना और कुछ स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा रखरखाव के दौरान बरती गई लापरवाही के चलते डोज बर्बाद भी हो रही है। एक शीशी में दस डोज होती हैं, लेकिन कई जगह देखने को मिल रहा है कि शीशी खुलने के बाद चार घंटे में दस लोगों के नहीं पहुंचने पर उसमें बची सारी वैक्सीन बेकार हो जा रही है। जिले में कोविशील्ड की लगभग 2410 और कोवैक्सीन की लगभग 100 डोज खराब हो चुकी है। इसमें दोनों को मिला दें तो अब तक ढाई हजार डोज का प्रयोग खराब होने के कारण नहीं किया जा सका है। हालांकि, दो लाख 31 हजार से अधिक लोगों को डोज का वैक्सीनेशन में इस्तेमाल किया जा चुका है।
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सीएमओ ने की वैक्सीनेशन कराने की अपील
सीएमओ डा आरके टंडन ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों को डोज का सही प्रयोग करने के लिए निर्देश जारी किए कर दिए हैं। मगर, कई जगह पर्याप्त मात्रा में लोगों के भी नहीं पहुंचने पर डोज बेकार हो जाती है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वैक्सीन लगवाने की अपील की।
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कोवैक्सीन का बर्बाद होने का प्रतिशत दोगुना
स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि कोविशील्ड वैक्सीन शुरू से ही लग रही है, लेकिन कई बार कोविशील्ड की पहली डोज लगवाने वाले लोग भी दूसरी डोज लगवाने के लिए केंद्र पर पहुंच जाते हैं। जब तक वह यह बताते हैं तब तक वैक्सीनेशन के लिए शीशी खोल दी जाती है, लेकिन जिनको कोविशील्ड वैक्सीन लगी है, उन्हें कोविवैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लगाए जाने से उन्हें वापस करना पड़ता है, जबकि शीशी खुलने से डोज बेकार चली जाती है।
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