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Baghpat News: प्राकृतिक परीक्षण के आधार पर होगा मरीजों का उपचार
Sat, 28 Dec 2024 11:30 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sat, 28 Dec 2024 11:30 PM IST
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बागपत। अब प्राकृतिक परीक्षण के आधार पर मरीजों का उपचार किया जाएगा। इसके लिए प्राकृतिक परीक्षण एप शुरू किया गया। यह एप व्यक्ति के त्रि-दोष का पता लाएगा, जिसके आधार पर चिकित्सक उपचार करेंगे। यह एप संबंधित मरीजों को मौसम के आधार पर बीमारियों को लेकर भी सचेत करेगा।
जिलास्तर पर प्राकृतिक परीक्षण एप के माध्यम से मरीजों का डाटा एकत्र किया जाने लगा है। इसके लिए आयुष से जुड़े आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथिक के चिकित्सकों को ट्रेनिंग पहले ही दी जा चुकी है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. मोनिका गुप्ता ने बताया कि प्रकृति को समझकर, उसके आधार पर जीवन शैली की सलाह का पालन कर शारीरिक और मानसिक को स्वस्थ रख सकते हैं।
आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के अनुसार शरीर के तीन दोष वात, पित्त और कफ होते हैं, जिनको त्रि-दोष कहा जाता है। हर दोष की अपनी विशेषताएं, गुण और कार्य होते हैं। दोषों के असंतुलन या विकृति के कारण हमारा शरीर बीमार पड़ता है। असंतुलन का कारण अनुचित आहार, दिनचर्य, खराब जीवनशैली और तनाव है। आयुर्वेद शरीर, मन, और आत्मा के संतुलन पर आधारित चिकित्सा पद्धति है, जो यह एप इलाज में काफी सहायक बनेगा।
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क्या है प्रकृति परीक्षण एप
डाॅ. मोनिका गुप्ता ने बताया कि प्रकृति परीक्षण ऐसा एप है, जो स्वास्थ्य की जानकारी एकत्र करता है। मोबाइल पर एप लोड कर स्वास्थ्य व शरीर संबंधी 23 से अधिक प्रश्नों का जवाब देना होता है। इसमें शरीर का वजन कितना, शरीर का रंग कैसा, बाल कैसे हैं। नाखून, दांत, ओठ, भौ, चेहरा, हाथ, पैर आदि कैसा है के बारे में जानकारी देनी होती है।
खाने में क्या पसंद, क्या नहीं। शरीर की लंबाई, शरीर का आकर, अगर पहले से कोई रोग या कोई ऑपरेशन हुआ है तो उसकी जानकारी विकल्प चुनकर देना होती है। जानकारियां समिट करने के बाद क्यू आर कोड जेनरेट होगा। विशेषज्ञ उस क्यू आर कोड को स्कैन कर प्रकृति बताएगा कि आप किस त्रि-दोष के हैं।
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1800 लोगों का प्राकृतिक परीक्षण किया
जिले में चिकित्सकों ने अभियान चलाकर 1800 लोगों का प्रकृति परीक्षण एप से संबंधित रजिस्ट्रेशन करवाया गया। लोगों को आयुर्वेद से संबंधित जानकारी प्रदान करते हुए कहा प्राचीन काल से ही भारत आयुर्वेद से जुड़ा हुआ है। भारतीय आयुर्वेद में सभी प्रकार की बीमारियों का प्राकृतिक रूप से इलाज किया जाता हैं। सभी पद्धति के चिकित्सकों की मदद से प्राकृतिक परीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। जल्द ही विद्यालयों में इसके लिए अभियान चलाया जाएगा।
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जिलास्तर पर प्राकृतिक परीक्षण एप के माध्यम से मरीजों का डाटा एकत्र किया जाने लगा है। इसके लिए आयुष से जुड़े आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथिक के चिकित्सकों को ट्रेनिंग पहले ही दी जा चुकी है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. मोनिका गुप्ता ने बताया कि प्रकृति को समझकर, उसके आधार पर जीवन शैली की सलाह का पालन कर शारीरिक और मानसिक को स्वस्थ रख सकते हैं।
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आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के अनुसार शरीर के तीन दोष वात, पित्त और कफ होते हैं, जिनको त्रि-दोष कहा जाता है। हर दोष की अपनी विशेषताएं, गुण और कार्य होते हैं। दोषों के असंतुलन या विकृति के कारण हमारा शरीर बीमार पड़ता है। असंतुलन का कारण अनुचित आहार, दिनचर्य, खराब जीवनशैली और तनाव है। आयुर्वेद शरीर, मन, और आत्मा के संतुलन पर आधारित चिकित्सा पद्धति है, जो यह एप इलाज में काफी सहायक बनेगा।
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क्या है प्रकृति परीक्षण एप
डाॅ. मोनिका गुप्ता ने बताया कि प्रकृति परीक्षण ऐसा एप है, जो स्वास्थ्य की जानकारी एकत्र करता है। मोबाइल पर एप लोड कर स्वास्थ्य व शरीर संबंधी 23 से अधिक प्रश्नों का जवाब देना होता है। इसमें शरीर का वजन कितना, शरीर का रंग कैसा, बाल कैसे हैं। नाखून, दांत, ओठ, भौ, चेहरा, हाथ, पैर आदि कैसा है के बारे में जानकारी देनी होती है।
खाने में क्या पसंद, क्या नहीं। शरीर की लंबाई, शरीर का आकर, अगर पहले से कोई रोग या कोई ऑपरेशन हुआ है तो उसकी जानकारी विकल्प चुनकर देना होती है। जानकारियां समिट करने के बाद क्यू आर कोड जेनरेट होगा। विशेषज्ञ उस क्यू आर कोड को स्कैन कर प्रकृति बताएगा कि आप किस त्रि-दोष के हैं।
1800 लोगों का प्राकृतिक परीक्षण किया
जिले में चिकित्सकों ने अभियान चलाकर 1800 लोगों का प्रकृति परीक्षण एप से संबंधित रजिस्ट्रेशन करवाया गया। लोगों को आयुर्वेद से संबंधित जानकारी प्रदान करते हुए कहा प्राचीन काल से ही भारत आयुर्वेद से जुड़ा हुआ है। भारतीय आयुर्वेद में सभी प्रकार की बीमारियों का प्राकृतिक रूप से इलाज किया जाता हैं। सभी पद्धति के चिकित्सकों की मदद से प्राकृतिक परीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। जल्द ही विद्यालयों में इसके लिए अभियान चलाया जाएगा।