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बागपत में चौंकाने वाला खुलासा: उपभोक्ताओं से वसूले 70 लाख रुपये, 19 साल से चल रही थी अफसरों की मनमानी

Fri, 17 Mar 2023 04:41 PM IST
मेरठ ब्यूरो मुकेश पंवार, अमर उजाला ब्यूरो, बागपत
मुकेश पंवार, अमर उजाला ब्यूरो, बागपत Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Fri, 17 Mar 2023 04:41 PM IST
सार

बागपत में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिले में उपभोक्ताओं से मनमाने तरीके से 70 लाख रुपये वसूल लिए गए। अफसरों की मनमानी का यह सिलसिला पिछले 19 सालों से चला रहा था।

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Transformer money will not be taken if the industrial connection is less than 50 KW
विद्युत ट्रांसफार्मर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

निदेशक वितरण लखनऊ ने एमडी सहित अधीक्षण अभियंता व अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर 50 किलोवॉट भार से कम औद्योगिक कनेक्शन लेने में ट्रांसफार्मर के नाम पर कोई धनराशि वसूल नहीं की जाएगी। 2004 में निदेशक वाणिज्य एसपी गोविल ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया था, लेकिन इसके बाद भी बागपत जिले में मनमाने तरीके से यह धनराशि वसूली जा रही थी। पिछले तीन साल में ही 110 उपभोक्ताओं से करीब 70 लाख रुपये विद्युत वितरण निगम ने वसूल लिए।

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19 साल पहले शासनादेश जारी हो गया, लेकिन बागपत में इस पर अमल नहीं हुआ। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम में आने वाले 14 में से 13 जिलों में उपभोक्ताओं को नि:शुल्क ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराए जा रहे थे। बागपत में उपभोक्ताओं से 25 केवीए के विद्युत ट्रांसफार्मर के नाम पर 62 हजार और 63केवीए ट्रांसफार्मर के नाम पर एक लाख 12 हजार की धनराशि वसूली जा रही थी।

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उपभोक्ताओं की इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो लखनऊ तक मामला गूंजा और निदेशक वितरण कमलेश बहादुर सिंह ने एमडी, अधीक्षण अभियंता को पत्र भेजकर बिना उपभोक्ता की सहमति के ट्रांसफार्मर के नाम पर वसूली करने पर रोक लगा दी है।

तीन डिवीजनों में लिया जा रहा था पैसा, एक में नहीं
जिले में भी बागपत की प्रथम और द्वितीय डिवीजन, बड़ौत डिवीजन प्रथम में ही पैसा लिया जा रहा था। बड़ौत द्वितीय डिवीजन में ट्रांसफार्मर के नाम पर कोई पैसा नहीं लिया जा रहा था। जिले में तीन सालों में 110 उपभोक्ताओं से करीब 70 लाख रुपये से अधिक की धनराशि वसूली गई। उससे पहले के सालों की रकम तो और भी अधिक बैठती है।

सूचना मांगी तो हुआ खुलासा
प्रशांत शर्मा एडवोकेट ने सूचना के अधिकार में मांगी गई सूचना के जवाब में अधिशासी अभियंताओं ने बताया कि 50 किलोवॉट तक के औद्योगिक कनेक्शनों के संयोजनों के प्राक्क्लन में ट्रांसफार्मर 25केवीए अथवा 63 केवीएए होने की दशा में इसकी धनराशि नियमानुसार विभाग द्वारा वहन की जाएगी। ना कि उपभोक्ताओं से वसूली जाएगी।

पहले यह आदेश स्पष्ट नहीं था, इसको लेकर खुद प्रबंध निदेशक मेरठ ने लखनऊ शक्ति भवन से मार्गदर्शन मांगा था। अब निदेशक वितरण लखनऊ कमलेश बहादुर का आदेश प्राप्त हो गया है। उन्होंने बताया है कि विभाग स्वयं किसी भी उपभोक्ता के ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि करता है तो इसके लिए कोई धनराशि नहीं जाएगी। यदि उपभोक्ता विभाग को लिखित में पत्र देकर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की मांग करता है, तभी उससे ट्रांसफार्मर की धनराशि वसूली जाएगी, अन्यथा नहीं। - दुर्गेश कुमार जायसवाल, अधिशासी अभियंता प्रथम

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