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Baghpat News: ठगी रोकने के लिए एफआईआर में नहीं होगा पीड़ित का पूरा मोबाइल नंबर

Mon, 23 Sep 2024 02:02 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Mon, 23 Sep 2024 02:02 AM IST
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To prevent fraud, the victim's full mobile number will not be included in the FIR
बड़ौत। साइबर अपराध रोकने को ऑनलाइन की जाने वाली एफआईआर में अब पीड़ित का मोबाइल नंबर पूरा नहीं दिखाई देगा। बल्कि केवल शुरूआत के पांच नंबर ही एफआईआर में दिखाई देंगे। इसका कारण है कि साइबर ठग उन ऑनलाइन एफआईआर से मोबाइल नंबर देखकर उस पर कॉल करके कार्रवाई जल्द कराने के नाम पर ठगी कर रहे थे।
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पीडि़त की तहरीर पर पुलिस एफआईआर दर्ज कर देती है और उस एफआईआर को ऑनलाइन अपलोड कर दिया जाता है। इसके बाद यूपी पुलिस की साइट व यूपी कॉप एप पर उसे कोई भी देख सकता है। इसका फायदा उठाते हुए साइबर ठग एफआईआर में पीड़ित का नंबर लेकर कार्रवाई कराने के नाम पर उनसे ठगी करने लगे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार साइबर ठग पुलिस अधिकारी बनकर एफआईआर करने वाले वादी से मामले में जल्द कार्रवाई और उनसे आरोपियों का नंबर लेकर उनको बचाने के नाम पर रुपयों को मांग करते थे।
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केस नंबर एक

दिल्ली रोड पर स्थित बिजलीघर पर आजाद नगर निवासी युवक मनु तिवारी के साथ मारपीट की घटना हुई थी। जिसमें मनु तिवारी ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद साइबर अपराधियों ने यूपी कॉप पर एफआईआर से मनु तिवारी का नंबर लेकर कार्रवाई कराने के नाम पर पांच हजार रुपये की मांग की थी। सोशल मीडिया पर मनु तिवारी से पांच हजार रुपये मांगने का ऑडियो भी वायरल हुआ था।
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केस नंबर दो

नगर निवासी राजीव ने बेटे दक्ष के साथ मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच कर कार्रवाई भी शुरू कर दी गई, लेकिन एक दिन राजीव के पास साइबर अपराधी ने फोन करके कार्रवाई के नाम पर रुपये की मांग की। राजीव ने कोतवाली पहुंचकर आपबीती बताई तो जानकारी मिली कि कोतवाली व कोतवाली से जुडे किसी दरोगा या सिपाही ने कॉल नहीं की। कॉल साइबर अपराधी की फर्जी कॉल थी।




वर्जन
यूपी कॉप एप से शिकायतकर्ताओं के नंबर लेकर लोगों से साइबर ठगी की घटना तेजी से बढ़ रही थी। इसे देखते हुए मुख्यालय से अब यूपी कॉप एप में सुधार से एफआईआर में पीड़ित, लेखक और आरोपियों का मोबाइल नंबर अंकित करना बंद कर दिया है। शिकायतकर्ता साइबर ठगी का शिकार होने से बचेंगे। - विजय चौधरी, सीओ बड़ौत।
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