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जलाने पड़ गए साढ़े तीन लाख गुलाब
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बड़ौत के मुकंदपुर गांव में फूल तोड़ता किसान सुधीर तोमर
- फोटो : BAGHPAT
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बागपत। लॉकडाउन के कारण विवाह और अन्य सार्वजनिक समारोह के आयोजन पर रोक से फूलों की खेती करने वाले किसानों को जोर का झटका लगा है। जिले के मुकुंदपुर गांव में गुलाब की खेती करने वाले किसान सुधीर खोखर का कहना है कि इस बार अच्छी फसल थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण डिमांड नहीं रही। फूलों की सबसे ज्यादा मांग शादी समारोह, रेस्टोरेंट और होटल में होती है। लॉकडाउन में यह सब बंद है, इस कारण उनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई है। खिले फूलों को तोड़कर पहले स्टोर किया गया। मगर, लॉकडाउन बढ़ जाने के कारण अब स्टोर किए गए करीब तीन लाख से ज्यादा फूलों को जलाने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। किसान को करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसी तरह जिले में गेंदा की खेती करने वाले किसानों को नुकसान हुआ है।
इसलिए हुआ नुकसान
बागपत। गुलाब का सबसे बेहतर सीजन 15 मार्च से अप्रैल के पूरे महीने तक होता है। यह दिन लॉकडाउन में चले गए, जिस कारण फसल को जलाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।
नवंबर में अब दूसरी फसल
बागपत। किसान सुधीर खोखर का कहना है कि साल में दो फसल आती है। पहली बेकार गई, अब नवंबर में दूसरी बार फूल खिलेंगे। उसकी तैयारियों शुरू कर दी गई है।
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इसलिए हुआ नुकसान
बागपत। गुलाब का सबसे बेहतर सीजन 15 मार्च से अप्रैल के पूरे महीने तक होता है। यह दिन लॉकडाउन में चले गए, जिस कारण फसल को जलाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।
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नवंबर में अब दूसरी फसल
बागपत। किसान सुधीर खोखर का कहना है कि साल में दो फसल आती है। पहली बेकार गई, अब नवंबर में दूसरी बार फूल खिलेंगे। उसकी तैयारियों शुरू कर दी गई है।