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आंगनबाड़ी केंद्रों पर नहीं होगी खाद्यान्न की कमी, दो प्लांट बनकर तैयार

Sun, 24 Apr 2022 10:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 24 Apr 2022 10:48 PM IST
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There will be no shortage of food grains at Anganwadi centers, two plants are ready
पिलाना ब्लॉक में नवनिर्मित खाद्यान्न प्लांट - फोटो : BAGHPAT
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पिलाना और दाहा में तैयार किए गए प्लांट, अगले माह शुरू होगी सप्लाई
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- 1,21,136 महिलाओं और बच्चों के लिए की जाएगी खाद्यान्न की सप्लाई, ब्लॉक का आवंटन हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। आंगनबाड़ी केंद्रों पर 1,21,136 महिलाओं और बच्चों को खाद्यान्न की कमी से नहीं जूझना पड़ेगा। बागपत जिले के पिलाना और दाहा में दो प्लांट बनकर तैयार हो चुके है, जिनसे अगले महीने तक खाद्यान्न सप्लाई शुरू होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत यह प्लांट लगाए गए है। इन दोनों प्लांट से ब्लॉक का आवंटन भी कर दिया गया है।
सरकार ने खाद्यान्न के लिए इस तरह किया हुआ है निर्धारण
महिला एवं बाल विकास विभाग ने खाद्यान्न के लिए चार वर्ग बनाए हुए है। पहला वर्ग छह महीने से तीन साल वाले बच्चों के लिए होता है, जिसमें डेढ़ किलो गेहूं, एक किलो चावल, एक किलो दाल, आधा लीटर तेल दिया जाता है। दूसरा वर्ग 3-6 साल के बच्चों के लिए होता है, जिसमें आधा किलो दाल, आधा किलो गेहूं, एक किलो चावल मिलता है। तीसरे वर्ग में गर्भवती महिलाएं व चौथे वर्ग में धात्री महिलाएं होती है, जिनको हर महीने एक किलो दाल, डेढ़ किलो गेहूं, एक किलो चावल व आधा लीटर तेल देना होता है।
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तीन महीने देरी से मिल रहा खाद्यान्न
खाद्यान्न सप्लाई करने की जिम्मेदारी अभी तक भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नैफेड) के पास है। पूरे प्रदेश में अकेले नैफेड के पास यह जिम्मेदारी होने से तीन महीने देरी से खाद्यान्न पहुंचता है। हालात यह है कि अभी जनवरी तक का खाद्यान्न आया है। इसमें भी छह माह से तीन साल तक के 62,521 बच्चे पंजीकृत है, जबकि खाद्यान्न केवल 36239 का मिल रहा था। तीन से छह साल तक के 29756 बच्चे पंजीकृत होने के बावजूद खाद्यान्न केवल 18721 को मिलता था। गर्भवती व धात्री महिलाएं 28859 पंजीकृत है जबकि खाद्यान्न 19922 को ही मिल रहा था। इस तरह करीब 50 प्रतिशत का खाद्यान्न आ रहा है। इससे स्थिति यह बन रही है कि एक महीने जिनको खाद्यान्न दिया जाता था, अगले महीने उनकी जगह दूसरों को दिया जाता है।
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बागपत और बिजनौर सहित 18 जिलों में शुरू हो रहा पायलट प्रोजेक्ट
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्थानीय स्तर पर प्लांट लगाकर खाद्यान्न वितरण का प्रोजेक्ट बागपत और बिनौर सहित 18 जिलों में शुरू हो रहा है। इन जिलों में सफलता मिलने के बाद अन्य जिलों में शुरू होगा। बागपत में पिलाना वाले प्लांट से पिलाना, खेकड़ा, बागपत ग्रामीण व बागपत शहर को खाद्यान्न दिया जाएगा। दाहा वाले प्लांट से बिनौली, बड़ौत व छपरौली में सप्लाई होगी।

खाद्यान्न की कमी काफी हद तक दूर हो गई है। अब स्थानीय प्लांट से सप्लाई शुरू होने पर समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। उम्मीद है कि अगले माह से पिलाना और दाहा वाले प्लांट से खाद्यान्न की सप्लाई शुरू हो जाएगी। - विपिन मैत्रेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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