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युवा दिवस 2020: खेल-शिक्षा की दुनिया में ताल ठोक रहे बागपत के युवा

Sun, 12 Jan 2020 12:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Sun, 12 Jan 2020 12:45 AM IST
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The youth of Baghpat are making a mark in the world of sports education
यूपी टॉपर तुन तोमर - फोटो : BARAUT

‘उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए’... का संदेश देने वाले स्वामी विवेकानंद की आज 157वीं जयंती है। इस अवसर बागपत के उन युवाओं की बात करते है, जिन्होंने सफलता की नई इबारत लिखी। सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में खिलाड़ियों व युवाओं के सामने प्रेरणापुंज बनकर बागपत का डंका बजा रहे है।

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खेल की दुनिया के बादशाह
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धाक जमाने वाले मलकपुर गांव निवासी नितिन तोमर पुत्र जितेंद्र तोमर कबड्डी खिलाड़ियों के प्रेरणा स्त्रोत है। वर्ष 2016 में अहमदाबाद में ईरान के साथ खेले गए विश्व कप मैच में नितिन ने अपने शानदार प्रदर्शन से विपक्षी को चित किया था।
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प्रो-कबड्डी लीग में इस बार पुनेरी पल्टन टीम ने इस होनहार को एक करोड़ 20 लाख रुपये में खरीदा था। गत वर्ष उनकी बोली एक करोड़ 15 लाख लगी थी। उन्होंने युवाओं से कड़ी मेहनत करने का आह्वान किया है।

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मलकपुर गांव के ही अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी सचिन तोमर भी युवाओं के मार्गदर्शक है। उन्हें प्रो कबड्डी लीग में यूपी योद्धा की टीम ने 35 लाख में खरीदा। उन्होंने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से कई बार टीम को बाहर होने से बचाया और जीत दिलाई। उनका कहना है कि युवा देश का भविष्य है। मौज करने के बहुत दिन है, पहले कैरियर बनाएं, उसके बाद मौज उड़ाए।

गांव कलीना के अंतरराष्ट्रीय शूटर सौरभ चौधरी पुत्र जगमोहन भी युवाओं के दिल में राज करते है। सौरभ चौधरी ने 2019 में जकार्ता मेें संपन्न हुए एशियाई खेल में मात्र 16 साल की उम्र में स्वर्ण पदक जीतकर सफलता की नई इबारत लिखी है।

बागपत जिले के बिनौली में शूटिंग के हुनर सीखने वाले सौरभ चौधरी का कहना है कि युवा राष्ट्र व समाज उन्नति मेें अहम रोल निभाता है। इसलिए जीवन मेें सफल होने के लिए पहले लक्ष्य बनाएं, फिर कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ते चले जाएं।

शिक्षा के क्षेत्र में झंडा फहराने वाली बेटी
फतेहपुर पुट्ठी गांव निवासी तनु तोमर पुत्री हरेंद्र तोमर श्रीराम शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज की छात्रा रही है। तनु तोमर ने वर्ष 2019 में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की परीक्षा में 97.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में टॉप किया था। छात्राओं के लिए तनु उनकी आदर्श है। तनु का कहना है कि सफलता का कोई शार्ट कट नहीं होता। उन्होंने बालिकाओं से आह्वान किया कि वे खुद को कमजोर न समझे। जीवन में लक्ष्य बनाकर कड़ी मेहनत करें।

मलकपुर गांव की बेटी साक्षी तोमर जो जनपद की पहली महिला लेफ्टिनेंट है। आर्मी में उच्च पद पर जाकर साक्षी ने यह साबित कर दिया कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं है। साक्षी का कहना है कि आज लड़कियां पढ़ाई से लेकर खेलकूद के क्षेत्रों में लड़कों की बराबरी कर रही है। बस जरूरत तो बेटियां का आत्मविश्वास बढ़ाने की। उन्होंने लड़कियां को संदेश दिया कि मन लगाकर पढ़ाई या खेलकूद में प्रतिभाग करें। अधूरे मन से कोई कार्य सफल नहीं होता।

छपरौली की बेटी ईशा चौधरी ने जीवन में काफी संघर्ष किया और पीसीएस-जे में चयन प्राप्त कर परिजनों का नाम रोशन किया। हाल ही मेें ईशा चौधरी ने अमरोहा में एडिशनल सिविल जज का कार्यभार संभाला है। ईशा का कहना है कि बेटियां बोझ नहीं होती। अभिभावकों को लड़का व लड़की में भेदभाव नहीं करना चाहिए। संदेश दिया कि बेटियां किसी से कमजोर नहीं होती। परिजनों का मान रखते हुए कड़ी मेहनत करें। परिजनों से भी मार्गदर्शन लें। किसी भी क्षेत्र में तब तक न रुके जब तक आप बुलंदियां न छू ले।

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