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डीएलएड के छात्र कराएंगे निरक्षरों को अक्षर ज्ञान
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पढ़ना लिखना कार्यक्रम के अंतर्गत चलेगा अभियान
15 वर्ष से अधिक के निरक्षरों को किया जाएगा चिह्नित
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए जिले में अभियान चलाया जाएगा। पढ़ना लिखना कार्यक्रम के अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक किशोर, किशोरी और महिला-पुरुषों को चिह्नित किया जाएगा। डीएलएड के छात्रों को निरक्षरों को साक्षर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
सरकार की ओर से निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए साक्षर भारत अभियान शुरू किया गया था। अभियान के अंतर्गत जिले में निरक्षरों को चिह्नित कर प्रेरकों के माध्यम से शिक्षित कराया गया था। सर्वे के दौरान जिले में एक लाख 64 हजार निरक्षरों का चयन कर एक लाख 40 हजार निरक्षरों को साक्षर कराया गया था। निरक्षरों की परीक्षा के उपरांत प्रमाण पत्र वितरित किए गए थे। वर्ष 2018 में मिशन को बंद कर दिया गया था। अब इसके स्थान पर पढ़ना-लिखना अभियान शुरू किया गया है। अभियान के अंतर्गत 15 वर्ष आयु से अधिक निरक्षरों को साक्षर बनाया जाएगा। इस बार प्रेरकों के बजाए निरक्षरों को पढ़ाने की जिम्मेदारी डीएलएड के छात्रों को सौंपी जाएगी। अभियान के जिला समन्वयक अमित यादव ने बताया कि निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए इस बार प्रेरक नियुक्त नहीं किए जाएंगे, इनके स्थान पर डीएलएड के छात्र-छात्राओं को निरक्षरों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। पूर्व की भांति परीक्षा के बाद निरक्षरों को प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे।
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15 वर्ष से अधिक के निरक्षरों को किया जाएगा चिह्नित
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए जिले में अभियान चलाया जाएगा। पढ़ना लिखना कार्यक्रम के अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक किशोर, किशोरी और महिला-पुरुषों को चिह्नित किया जाएगा। डीएलएड के छात्रों को निरक्षरों को साक्षर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
सरकार की ओर से निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए साक्षर भारत अभियान शुरू किया गया था। अभियान के अंतर्गत जिले में निरक्षरों को चिह्नित कर प्रेरकों के माध्यम से शिक्षित कराया गया था। सर्वे के दौरान जिले में एक लाख 64 हजार निरक्षरों का चयन कर एक लाख 40 हजार निरक्षरों को साक्षर कराया गया था। निरक्षरों की परीक्षा के उपरांत प्रमाण पत्र वितरित किए गए थे। वर्ष 2018 में मिशन को बंद कर दिया गया था। अब इसके स्थान पर पढ़ना-लिखना अभियान शुरू किया गया है। अभियान के अंतर्गत 15 वर्ष आयु से अधिक निरक्षरों को साक्षर बनाया जाएगा। इस बार प्रेरकों के बजाए निरक्षरों को पढ़ाने की जिम्मेदारी डीएलएड के छात्रों को सौंपी जाएगी। अभियान के जिला समन्वयक अमित यादव ने बताया कि निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए इस बार प्रेरक नियुक्त नहीं किए जाएंगे, इनके स्थान पर डीएलएड के छात्र-छात्राओं को निरक्षरों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। पूर्व की भांति परीक्षा के बाद निरक्षरों को प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे।
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