फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   The story of the schools adopted by the officers... there is neither electricity nor water

अफसरों के गोद लिए स्कूलों की कहानी... न बिजली है न पानी

Sat, 30 Jul 2022 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2022 12:03 AM IST
विज्ञापन
The story of the schools adopted by the officers... there is neither electricity nor water
बागपत के गौरीपुर जवाहरनगर गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय गर्मी के कारण हाथ का पंखा करती छात्रा - फोटो : BAGHPAT
बागपत। स्कूलों में हर सुविधा उपलब्ध कराकर सरकार उनको हाईटेक शिक्षा देना चाहती है। वहीं, सरकार की योजनाओं को शिक्षा विभाग के अधिकारी ही पलीता लगा रहे हैं। यहां के प्राइमरी स्कूलों की हालत देखकर ऐसा ही लग रहा है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को उनसे कोई मतलब नहीं है। क्योंकि किसी स्कूल में बिजली नहीं है, तो कहीं पानी की व्यवस्था तक नहीं। इनमें वह स्कूल भी शामिल हैं, जिनको अधिकारियों ने गोद लिया हुआ है। इन स्कूलों के प्रधानाध्यापक कई बार बीएसए कार्यालय में पीड़ा बता चुके हैं, लेकिन उन पर कोई ध्यान देने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन

डीएम के गोद लिए स्कूल में बिजली नहीं
उच्च प्राथमिक विद्यालय गौरीपुर को डीएम राजकमल यादव ने गोद लिया हुआ है। स्कूल में बिजली का कनेक्शन नहीं है। गर्मी में छात्र-छात्राओं को किताबों से हवा करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। बिजली का कनेक्शन न होने के कारण स्कूल में स्मार्ट कक्षा शुरू नहीं हो पाई है। स्कूल में कंप्यूटर सिस्टम धूल फांक रहे हैं। प्रधानाध्यापिका सुनीता देवी ने बताया कि कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उच्च प्राथमिक विद्यालय बिहारीपुर को बीडीओ ने गोद लिया है। स्कूल में टंकी के पानी की समस्या है और पाइप लाइन खराब है।
विज्ञापन

बागपत के स्कूल में छह कक्ष में 889 छात्र
बागपत शहर में उच्च प्राथमिक विद्यालय ठाकुरद्वारा के हैंडपंप का पानी खराब है। उस पानी से बदबू आती है और उसे पीने से विद्यार्थी बीमार हो जाते हैं। इसलिए मोहल्ले में लगे वाटर कूलर से पेयजल की व्यवस्था करते हैं। स्कूल में इतनी बुरी हालत है कि छह कक्ष हैं और 889 छात्र-छात्राएं। एक कमरे में 130 से ज्यादा विद्यार्थियों को बैठाना पड़ता है। ऐसे में किस तरह से पढ़ाई होती होगी, इसका खुद अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रधानाध्यापिका मंजू रानी ने बताया कि स्कूल के हैंडपंप का पानी खराब हो गया है और स्कूल में वाटर कूलर नहीं है। मध्याह्न अवकाश में छात्र वाटर कूलर से पानी लेने के लिए चले जाते हैं। वाटर कूलर लगवाने की मांग की थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। स्कूल में सात कक्ष में एक कक्ष जर्जर घोषित हो चुका है। कक्षों के अभाव में एक-एक कक्ष में अधिक छात्रों को शिक्षण कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बीएसए का दावा, कनेक्शन के लिए पत्र भेजा
बीएसए कीर्ति का कहना है कि विभाग की ओर से बिजली के कनेक्शन के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। विद्यालयों का निरीक्षण कर अन्य व्यवस्थाएं भी जल्द ठीक कराई जाएंगी।

दुनिया चांद पर पहुंच गई ओर यहां खिड़की के उजाले से हो रही पढ़ाई! यह हाल बागपत जनपद गौरीपुर जवाहरनग?

दुनिया चांद पर पहुंच गई ओर यहां खिड़की के उजाले से हो रही पढ़ाई! यह हाल बागपत जनपद गौरीपुर जवाहरनग?- फोटो : BAGHPAT

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed