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Baghpat News: पूरे शहर की सड़कें तोड़ रखी हैं, किस बात का टैक्स दें
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-कर संग्रहकर्ताओं को खाली हाथ लौटा रहे बकाएदार, निगम की वसूली घटीसंवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। ''''पूरे शहर की सड़कें टूटी पड़ी हैं। लोग परेशान हो रहे हैं। इसी की वजह से बाजार में ग्राहक नहीं हैं। जब सुविधाएं ही नहीं दे रहे हो तो टैक्स किस बात का लेने आए हो।'''' नगर निगम के कर संग्रहकर्ताओं को बकाएदारों की ऐसी ही बातें सुननी पड़ रही हैं। इतना ही नहीं, उन्हें खाली हाथ लौटाया जा रहा है। इससे नगर निगम की प्रतिदिन की आय पर असर पड़ा है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहीद गंज, नेहरू मार्केट, प्रताप मार्केट, अंबाला रोड, चिलकाना रोड, बोमंजी रोड आदि पर काम चल रहे हैं। ज्यादातर जगहों पर सड़कें टूटी हैं, जबकि कईं जगहों पर मार्ग अवरुद्ध किए गए हैं। लोगों को लंबी दूरी तय कर अपने गंतव्य पर पहुंचना पड़ रहा है। इसके अलावा बरसात की वजह से शहर भर में सड़कें टूटी हैं। इसका असर नगर निगम की आय पर पड़ रहा है।
अनेक नागरिक खासकर व्यापारी कर वसूली करने जा रहे कर संग्रहकर्ताओं को खाली हाथ लौटा रहे हैं। उनका कहना है कि सड़कें टूटी होने से परेशानी तो है ही ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं। ऐसे में वह फिलहाल टैक्स नहीं दे सकते। इसका असर निगम की आय पर पड़ा है। दिसंबर 2022 में नगर निगम के खजाने में प्रतिदिन आठ से दस लाख रुपये टैक्स के रूप में इकट्ठा होते थे, जो अब घटकर दो से ढाई लाख रुपये पर आ गया है।
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कर संग्रहकर्ताओं से अभी तक इस तरह की जानकारी नहीं मिली है कि बकाएदार सड़कें टूटी होने की वजह से टैक्स देने से मना कर रहे हों। रही बात वसूली की तो प्रयास यही है कि जितनी भी वसूली पूर्व में हुई है, उसको अधिक से अधिक बढ़ाया जा सके।
मृत्युंजय, प्रभारी गृह कर विभाग/अपर नगरायुक्त।
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सहारनपुर। ''''पूरे शहर की सड़कें टूटी पड़ी हैं। लोग परेशान हो रहे हैं। इसी की वजह से बाजार में ग्राहक नहीं हैं। जब सुविधाएं ही नहीं दे रहे हो तो टैक्स किस बात का लेने आए हो।'''' नगर निगम के कर संग्रहकर्ताओं को बकाएदारों की ऐसी ही बातें सुननी पड़ रही हैं। इतना ही नहीं, उन्हें खाली हाथ लौटाया जा रहा है। इससे नगर निगम की प्रतिदिन की आय पर असर पड़ा है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहीद गंज, नेहरू मार्केट, प्रताप मार्केट, अंबाला रोड, चिलकाना रोड, बोमंजी रोड आदि पर काम चल रहे हैं। ज्यादातर जगहों पर सड़कें टूटी हैं, जबकि कईं जगहों पर मार्ग अवरुद्ध किए गए हैं। लोगों को लंबी दूरी तय कर अपने गंतव्य पर पहुंचना पड़ रहा है। इसके अलावा बरसात की वजह से शहर भर में सड़कें टूटी हैं। इसका असर नगर निगम की आय पर पड़ रहा है।
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अनेक नागरिक खासकर व्यापारी कर वसूली करने जा रहे कर संग्रहकर्ताओं को खाली हाथ लौटा रहे हैं। उनका कहना है कि सड़कें टूटी होने से परेशानी तो है ही ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं। ऐसे में वह फिलहाल टैक्स नहीं दे सकते। इसका असर निगम की आय पर पड़ा है। दिसंबर 2022 में नगर निगम के खजाने में प्रतिदिन आठ से दस लाख रुपये टैक्स के रूप में इकट्ठा होते थे, जो अब घटकर दो से ढाई लाख रुपये पर आ गया है।
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कर संग्रहकर्ताओं से अभी तक इस तरह की जानकारी नहीं मिली है कि बकाएदार सड़कें टूटी होने की वजह से टैक्स देने से मना कर रहे हों। रही बात वसूली की तो प्रयास यही है कि जितनी भी वसूली पूर्व में हुई है, उसको अधिक से अधिक बढ़ाया जा सके।
मृत्युंजय, प्रभारी गृह कर विभाग/अपर नगरायुक्त।