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मरीज ढोए नहीं फिर भी ले लिया भुगतान

Thu, 26 May 2022 10:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 26 May 2022 10:42 PM IST
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The patient did not carry yet the payment was taken
संवाद न्यूज एजेंसी
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बड़ौत। एंबुलेंस 108 और 102 से जुड़ा फर्जीवाड़ा प्रकाश में आया है। इनमें फर्जी घायलों और मरीजों के नाम पर घोटाला किया गया। इस पर स्वास्थ्य महानिदेशक ने जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अप्रैल तक आंकड़ों को खंगाले में जुटे हैं। शासन को एक सप्ताह में रिपोर्ट भेजी जाएगी।
सेवा प्रदाता कंपनी लक्ष्य पूरा करने के लिए मरीजों को जिला अस्पताल, सीएचसी समेत हायर सेंटर पहुंचाती हैं। इसके एवज सरकार से भुगतान लिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 108 की 15 एंबुलेंस, 102 की 17 एंबुलेस संचालित हैं। इनके अतिरिक्त एंडवास लाइफ स्पोर्ट की तीन एंबुलेंस संचालित हैं। ये पीएचसी, सीएचसी से मरीजों को हायर सेंटर भेजने के लिए इस्तेमाल में आती हैं। इनमें वेंटिलेटर की भी सुविधा है। इनका कंपनी को भुगतान का आधार एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाए मरीजों की संख्या है। आरोप है कि एंबुलेंस 102 और 108 काफी समय से मरीजों, घायलों और प्रसूताओं के नाम फर्जी पीसीआर में भरकर सरकार से भुगतान प्राप्त कर रही है। ऐसे में महानिदेशक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं वेदव्रत सिंह ने एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी से फरवरी, मार्च व अप्रैल के आंकड़ों का मरीजों, घायलों और प्रसूताओं के पीसीआर में दर्ज आधार कार्ड नंबर के साथ मोबाइल नंबर का मिलान कराने के आदेश दिए हैैं। महानिदेशक वेदव्रत ने सीएमओ को पत्र भेजकर एंबुलेंस की बेहतर सेवा उपलब्ध न मिलने पर नाराजगी जाहिर की।
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निजी एंबुलेंस से भी मिलीभगत
एंबुलेंस 102 और 108 सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारियों की निजी एंबुलेंस चालकों से मिलीभगत रहती है। निजी अस्पताल हो या फिर राजकीय मेडिकल कॉलेज इनके बाहर निजी एंबुलेंस खड़ी रहती हैं। कॉल करने पर सरकारी एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचतीं। मजबूरन मरीज या घायल को निजी एंबुलेंस का इस्तेमाल पड़ता है। निजी एंबुलेंस से आने वाले मरीजों का पीसीआर भी सेवा प्रदाता कंपनी दर्ज कर लेती है। इसके एवज सरकार से भुगतान ले लेती है। एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी से मरीजों, घायलों और प्रसूताओं के पीसीआर में दर्ज आधार कार्ड नंबर के साथ मोबाइल नंबर का मिलान कराने के आदेश दिए हैं।
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वर्जन
इसके आदेश प्राप्त होने के बाद सीएचसी, जिला अस्पताल से एंबुलेंस द्वारा लाए गए मरीजों की संख्या, आधार कार्ड, मोबाइल आदि का आंकड़ा मांगा है। रिपोर्ट मिलने पर शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।-डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ

आदेश मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि कुछ माह पूर्व विभिन्न मांगों को लेकर एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल चली थी। इसमें काम में लापरवाही पर कुछ कर्मचारी हटाए थे। उनके द्वारा ही शायद शिकायत की गई है। फिर भी जांच कराई जा रही है।-राजन कुमार, एंबुलेंस प्रभारी
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