{"_id":"7f86c2d468b6c422326b607656255e31","slug":"the-officers-took-the-class-of-the-cdo-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीडीओ ने अफसरों की क्लास ली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीडीओ ने अफसरों की क्लास ली
ब्यूरो/अमर उजाला, अमीनगर सराय
Updated Wed, 09 Sep 2015 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीडीओ जेपी रस्तोगी ने मंगलवार को
विज्ञापन
पिलाना ब्लॉक के बरसिया व तिलपनी गांव का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान
गांव में छह बच्चे अतिकुपोषित मिले।
उन्होंने गांव की समस्याओं के बारे में जानकारी ली तथा अधूरे कार्य मिलने पर कृषि विभाग के अधिकारी की क्लास ली।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ को गांव में 188 शौचालयों में से 15 शौचालयों का ही निर्माण मिला।
गांव के हैंडपंपों की हालत भी खराब मिली। इसके अलावा 85 किसानों के खेतों की मिट्टी जांच के लिए भेजी जानी थी, इनमें से दस किसानों के खेतों की मिट्टी ही जांच के लिए भेजी गई थी।
गांव में गत 15 अगस्त को बीज का वितरण होना था, जो अभी तक भी वितरित नहीं किया गया। इस पर सीडीओ ने कृषि विभाग के अधिकारियों की जमकर क्लास ली। इसके उपरांत उन्होंने गांव के लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
ग्रामीणों ने स्कूल में बच्चों को मध्याह्न भोजन में केवल चावल देने तथा गांव में चिकित्सा की कोई सुविधा नहीं होने का आरोप लगाया। गांव के रणजीत सिंह ने कहा कि बिजली विभाग की ओर से उसके नाम से दो बिल भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा गांव में तालाब के पानी की निकासी की समस्या काफी विकट है।
उन्होंने गांव की समस्याओं के बारे में जानकारी ली तथा अधूरे कार्य मिलने पर कृषि विभाग के अधिकारी की क्लास ली।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ को गांव में 188 शौचालयों में से 15 शौचालयों का ही निर्माण मिला।
गांव के हैंडपंपों की हालत भी खराब मिली। इसके अलावा 85 किसानों के खेतों की मिट्टी जांच के लिए भेजी जानी थी, इनमें से दस किसानों के खेतों की मिट्टी ही जांच के लिए भेजी गई थी।
गांव में गत 15 अगस्त को बीज का वितरण होना था, जो अभी तक भी वितरित नहीं किया गया। इस पर सीडीओ ने कृषि विभाग के अधिकारियों की जमकर क्लास ली। इसके उपरांत उन्होंने गांव के लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
ग्रामीणों ने स्कूल में बच्चों को मध्याह्न भोजन में केवल चावल देने तथा गांव में चिकित्सा की कोई सुविधा नहीं होने का आरोप लगाया। गांव के रणजीत सिंह ने कहा कि बिजली विभाग की ओर से उसके नाम से दो बिल भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा गांव में तालाब के पानी की निकासी की समस्या काफी विकट है।