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विकास भवन के अफसरों की नहीं उतरी थकान, अधिकतर नदारद
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सुबह 11.10 बजे: बागपत विकास भवन में खाली पड़ी डीपीआरओ की कुर्सी
- फोटो : BAGHPAT
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- जिला विकास भवन में 23 अधिकारियों के कार्यालय, चुनाव के बाद से अधिकतर दफ्तरों में नहीं पहुंचे अधिकारी और कर्मचारी
- अधिकारियों को फरियादी तलाश करते रहे, समस्या के समाधान के लिए कार्यालयों में भटकते रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिला विकास भवन में बैठने वाले अधिकारियों की चुनाव की थकान चार दिन बाद भी नहीं उतरी है। हालात यह है कि जिन 23 अधिकारियों के यहां कार्यालय है, इनमें से अधिकतर अधिकारी अभी तक भी दफ्तरों में नहीं पहुंच रहे है तो कोई देरी से पहुंच रहा है। सोमवार को अधिकारियों और कर्मचारियों के अधिकतर कार्यालय खाली पड़े रहे। फरियादी जरूर पहुंचे, लेकिन अधिकारी व कर्मचारी नहीं मिलने पर परेशानी झेलनी पड़ी।
अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय से गायब रहे
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का कार्यालय खाली पड़ा रहा। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग कार्यालय में अधिकारी गायब रहे तो जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में दोपहर तक भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। डीपीआरओ भी अपने कार्यालय से नदारद थे। जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी और सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता भी अपने कार्यालय से नदारद थे। इनके अलावा भी कई अधिकारियों के कार्यालय खाली पड़े हुए थे। सीडीओ खुद भी कार्यालय में मौजूद नहीं थे, जिनके छुट्टी पर होने की बात बताई गई।
पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को ढूंढते रहे छात्र, किसान भी भटकते रहे
बड़ौत के छात्र अंकुर, शुभम, छात्रा बीनू, अपेक्षा अपनी समस्याओं को लेकर पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के कार्यालय में पहुंचे। यह सभी डीएलएड के छात्र है। उनका आरोप है कि उनको 41 हजार रुपये छात्रवृत्ति मिलनी चाहिए, जबकि उनको केवल 24 हजार रुपये दी जा रही है। इसके लिए चक्कर कटाए जा रहे है। अधिकारी भी नहीं मिलने से परेशानी उठानी पड़ रही है।
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सिखेड़ा गांव के रहने वाले किसान महेंद्र सिंह अपनी समस्या को लेकर कृषि विभाग के कार्यालय में पहुंचे। लेकिन वहां अधिकारी नहीं होने पर परेशानी झेलनी पड़ी। उनका आरोप था कि कई बार चक्कर काटने के बाद भी अधिकारी नहीं मिलते है।
सीडीओ छुट्टी पर गए हुए है और उनके नहीं रहने के कारण ही अधिकारी नदारद हो गए होंगे। यह पता कराया जाएगा कि कौन-कौन अधिकारी अपने कार्यालय में नहीं पहुंचे थे। उन सभी को नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा और उनपर कार्रवाई की जाएगी। - राजकमल यादव, डीएम
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- अधिकारियों को फरियादी तलाश करते रहे, समस्या के समाधान के लिए कार्यालयों में भटकते रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिला विकास भवन में बैठने वाले अधिकारियों की चुनाव की थकान चार दिन बाद भी नहीं उतरी है। हालात यह है कि जिन 23 अधिकारियों के यहां कार्यालय है, इनमें से अधिकतर अधिकारी अभी तक भी दफ्तरों में नहीं पहुंच रहे है तो कोई देरी से पहुंच रहा है। सोमवार को अधिकारियों और कर्मचारियों के अधिकतर कार्यालय खाली पड़े रहे। फरियादी जरूर पहुंचे, लेकिन अधिकारी व कर्मचारी नहीं मिलने पर परेशानी झेलनी पड़ी।
अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय से गायब रहे
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का कार्यालय खाली पड़ा रहा। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग कार्यालय में अधिकारी गायब रहे तो जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में दोपहर तक भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। डीपीआरओ भी अपने कार्यालय से नदारद थे। जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी और सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता भी अपने कार्यालय से नदारद थे। इनके अलावा भी कई अधिकारियों के कार्यालय खाली पड़े हुए थे। सीडीओ खुद भी कार्यालय में मौजूद नहीं थे, जिनके छुट्टी पर होने की बात बताई गई।
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पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को ढूंढते रहे छात्र, किसान भी भटकते रहे
बड़ौत के छात्र अंकुर, शुभम, छात्रा बीनू, अपेक्षा अपनी समस्याओं को लेकर पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के कार्यालय में पहुंचे। यह सभी डीएलएड के छात्र है। उनका आरोप है कि उनको 41 हजार रुपये छात्रवृत्ति मिलनी चाहिए, जबकि उनको केवल 24 हजार रुपये दी जा रही है। इसके लिए चक्कर कटाए जा रहे है। अधिकारी भी नहीं मिलने से परेशानी उठानी पड़ रही है।
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सिखेड़ा गांव के रहने वाले किसान महेंद्र सिंह अपनी समस्या को लेकर कृषि विभाग के कार्यालय में पहुंचे। लेकिन वहां अधिकारी नहीं होने पर परेशानी झेलनी पड़ी। उनका आरोप था कि कई बार चक्कर काटने के बाद भी अधिकारी नहीं मिलते है।
सीडीओ छुट्टी पर गए हुए है और उनके नहीं रहने के कारण ही अधिकारी नदारद हो गए होंगे। यह पता कराया जाएगा कि कौन-कौन अधिकारी अपने कार्यालय में नहीं पहुंचे थे। उन सभी को नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा और उनपर कार्रवाई की जाएगी। - राजकमल यादव, डीएम