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चकबंदी अधिकारी की बांट जोहता रहा वन विभाग
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बिनौली। डेरा सच्चा सौदा आश्रम बरनावा के सामने वाली भूमि की शुक्रवार को पैमाइश होनी थी। जिसके लिए वन विभाग के अधिकारी तैयार होकर संतनगर नर्सरी पहुंचे, लेकिन चकबंदी विभाग का कोई अधिकारी वहां नहीं पहुंचा, जिस कारण पैमाइश नहीं हो सकी।
वन विभाग के अनुसार वर्ष 1999 में डेरा सच्चा सौदा आश्रम बरनावा और बड़ौत वन रेंज क्षेत्र की लगभग 0.620 हेक्टेयर भूमि का भूमि विनियम के अंतर्गत आदान-प्रदान हुआ था। वन बंदोबस्त अधिकारी बिजनौर की देखरेख में भूमि के ट्रांसफर का कार्य भी हुआ था। वन विभाग की ओर से डेरा सच्चा सौदा आश्रम बरनावा को जो भूमि दी गई थी। वह भूमि डेरा बरनावा के सामने स्थित है। यानी बड़ौत-मेरठ मार्ग और डेरा के बेहद नजदीक है, जबकि वन विभाग ने डेरे की जिस भूमि को लिया था वह दूर है।
उधर बरनावा गांव के आसपास कुछ और भी अपनी भूमि पर वन विभाग को अतिक्रमण होने की आशंका है। वन अधिकारियों के अनुसार डेरा प्रबंधन की ओर से लगभग एक माह पहले उन्हें लगभग 0.620 हेक्टेयर भूमि के आदान-प्रदान संबंधी अभिलेख उपलब्ध करा दिए गए।
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डीएफओ और सहायक चकबंदी अधिकारी को चिट्ठी लिख भूमि की पैमाइश कराने का अनुरोध किया था। पैमाइश के लिए रेंजर रविकांत, विभागीय सर्वेयर बिजेंद्र सिंह, वन रक्षक संजीव, वन दरोगा चंदकिरण शर्मा संतनगर नर्सरी पहुंचे। विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार नक्शे व अभिलेखों में जांच की, लेकिन चकबंदी विभाग का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा, जिस कारण पैमाइश नहीं हो पाई। रेंजर रविकांत ने बताया कि चकबंदी अधिकारियों के आने पर ही पैमाइश का कार्य होगा।
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वन विभाग के अनुसार वर्ष 1999 में डेरा सच्चा सौदा आश्रम बरनावा और बड़ौत वन रेंज क्षेत्र की लगभग 0.620 हेक्टेयर भूमि का भूमि विनियम के अंतर्गत आदान-प्रदान हुआ था। वन बंदोबस्त अधिकारी बिजनौर की देखरेख में भूमि के ट्रांसफर का कार्य भी हुआ था। वन विभाग की ओर से डेरा सच्चा सौदा आश्रम बरनावा को जो भूमि दी गई थी। वह भूमि डेरा बरनावा के सामने स्थित है। यानी बड़ौत-मेरठ मार्ग और डेरा के बेहद नजदीक है, जबकि वन विभाग ने डेरे की जिस भूमि को लिया था वह दूर है।
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उधर बरनावा गांव के आसपास कुछ और भी अपनी भूमि पर वन विभाग को अतिक्रमण होने की आशंका है। वन अधिकारियों के अनुसार डेरा प्रबंधन की ओर से लगभग एक माह पहले उन्हें लगभग 0.620 हेक्टेयर भूमि के आदान-प्रदान संबंधी अभिलेख उपलब्ध करा दिए गए।
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डीएफओ और सहायक चकबंदी अधिकारी को चिट्ठी लिख भूमि की पैमाइश कराने का अनुरोध किया था। पैमाइश के लिए रेंजर रविकांत, विभागीय सर्वेयर बिजेंद्र सिंह, वन रक्षक संजीव, वन दरोगा चंदकिरण शर्मा संतनगर नर्सरी पहुंचे। विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार नक्शे व अभिलेखों में जांच की, लेकिन चकबंदी विभाग का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा, जिस कारण पैमाइश नहीं हो पाई। रेंजर रविकांत ने बताया कि चकबंदी अधिकारियों के आने पर ही पैमाइश का कार्य होगा।