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बेटियों की सफलता पर परिवार को नाज
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धनौरा सिल्वर नगर निवासी दो बहनें बनीं सहायक अध्यापक
परिजन बोलें, बेटों की तरह परवरिश की है दोनों बेटियों की
बड़ौत। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में धनौरा सिल्वर नगर की दो सगी बहनें के चयन पर परिवार खुशी से झूम उठा। परिवार का कहना है कि हमें बेटियों की सफलता पर नाज है। हमने कभी बेटा व बेटियों में कोई अंतर नहीं समझा।
बड़ी बहन कुशल राणा और छोटी बहन मोनिका राणा के सहायक अध्यापिका बनने से पूरा परिवार गदगद है। उनके पिता सहदेव सिंह राणा ने बताया कि कुशल को रामपुर और मोनिका को बुलंदशहर जिले में तैनाती मिली है। कुशल ने स्नातक तक की पढ़ाई बड़ौत से की है, जबकि मोनिका ने स्नातक दिल्ली विश्वविद्यालय से पूर्ण की है। मां कमलेश देवी ने बताया कि उनकी दो बेटी तथा दो बेटे है। उन्होंने बेटियों की परवरिश बेटों की तरह ही की है। दोनों बहनों के उपलब्धि से उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
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परिजन बोलें, बेटों की तरह परवरिश की है दोनों बेटियों की
बड़ौत। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में धनौरा सिल्वर नगर की दो सगी बहनें के चयन पर परिवार खुशी से झूम उठा। परिवार का कहना है कि हमें बेटियों की सफलता पर नाज है। हमने कभी बेटा व बेटियों में कोई अंतर नहीं समझा।
बड़ी बहन कुशल राणा और छोटी बहन मोनिका राणा के सहायक अध्यापिका बनने से पूरा परिवार गदगद है। उनके पिता सहदेव सिंह राणा ने बताया कि कुशल को रामपुर और मोनिका को बुलंदशहर जिले में तैनाती मिली है। कुशल ने स्नातक तक की पढ़ाई बड़ौत से की है, जबकि मोनिका ने स्नातक दिल्ली विश्वविद्यालय से पूर्ण की है। मां कमलेश देवी ने बताया कि उनकी दो बेटी तथा दो बेटे है। उन्होंने बेटियों की परवरिश बेटों की तरह ही की है। दोनों बहनों के उपलब्धि से उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
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