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साढ़े सात बीघा भूमि को लेकर बहाया बड़े भाई का खून
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दोघट (बागपत)। टीकरी कस्बे में शुक्रवार को हुई नरेश की हत्या के मामले में साढ़े सात बीघा भूमि का बंटवारा सामने आया है। मां कांति देवी के हिस्से की इस जमीन को लेकर नरेश और देवकल्याण में काफी समय से विवाद चल रहा था। बृहस्पतिवार को भी दोनों में झगड़ा हुआ था।
टीकरी कस्बा निवासी सतपाल के तीन पुत्र थे। सबसे बड़ा महेश उर्फ पिंटू, उससे छोटा नरेश व सबसे छोटा देव कल्याण उर्फ लालू है। सतपाल के हिस्से में 30 बीघा जमीन थी। सतपाल की मौत के बाद इस जमीन के चार हिस्से हो गए थे। तीन हिस्से तीनों भाइयों को और एक हिस्सा उनकी मां कांति देवी को दिया गया था। अब मां के हिस्से में साढ़े सात बीघा जमीन थी। इसके बंटवारे को लेकर नरेश व देवकल्याण के बीच काफी दिनों से विवाद चल रहा था। इसी विवाद में नरेश की जान चली गई। तीनों भाइयों में देव कल्याण ही शादीशुदा है। कुछ माह पूर्व ही उसकी शादी हुई थी। बताया जा रहा है कि देव कल्याण सट्टा भी लगाता था। इसकी वजह से उस पर लाखों रुपये का कर्ज हो गया था। वह 4-5 माह से अपनी किसी रिश्तेदारी में रह रहा था। तीन दिन पूर्व ही घर लौटा था। वापस लौटते ही भाई नरेश से उसका संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद वह अपनी पत्नी को उसके मायके छोड़ आया। रात में अपने बड़े भाई की हत्या कर दी।
एक दिन पहले नरेश ने किया था देवकल्याण पर हमला
ग्रामीणों ने बताया कि मां के हिस्से की जमीन को लेकर बृहस्पतिवार को दोनों भाइयों के बीच झगड़ा हुआ था। इसमें नरेश ने देवकल्याण के साथ मारपीट कर दी थी और धारदार हथियार से हमला भी किया था। इसमें वह घायल हो गया था।
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अपने ही बहा रहे अपनों का खून
चौगामा क्षेत्र में अपने ही अपनों का खून बहा रहे हैं। सगे भाई की हत्या का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह की हत्या हो चुकी है। दाहा गांव में सगे भाई ने ही अपने भाई की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके अलावा भी इसी तरह कई अन्य घटनाएं हो चुकी है।
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टीकरी कस्बा निवासी सतपाल के तीन पुत्र थे। सबसे बड़ा महेश उर्फ पिंटू, उससे छोटा नरेश व सबसे छोटा देव कल्याण उर्फ लालू है। सतपाल के हिस्से में 30 बीघा जमीन थी। सतपाल की मौत के बाद इस जमीन के चार हिस्से हो गए थे। तीन हिस्से तीनों भाइयों को और एक हिस्सा उनकी मां कांति देवी को दिया गया था। अब मां के हिस्से में साढ़े सात बीघा जमीन थी। इसके बंटवारे को लेकर नरेश व देवकल्याण के बीच काफी दिनों से विवाद चल रहा था। इसी विवाद में नरेश की जान चली गई। तीनों भाइयों में देव कल्याण ही शादीशुदा है। कुछ माह पूर्व ही उसकी शादी हुई थी। बताया जा रहा है कि देव कल्याण सट्टा भी लगाता था। इसकी वजह से उस पर लाखों रुपये का कर्ज हो गया था। वह 4-5 माह से अपनी किसी रिश्तेदारी में रह रहा था। तीन दिन पूर्व ही घर लौटा था। वापस लौटते ही भाई नरेश से उसका संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद वह अपनी पत्नी को उसके मायके छोड़ आया। रात में अपने बड़े भाई की हत्या कर दी।
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एक दिन पहले नरेश ने किया था देवकल्याण पर हमला
ग्रामीणों ने बताया कि मां के हिस्से की जमीन को लेकर बृहस्पतिवार को दोनों भाइयों के बीच झगड़ा हुआ था। इसमें नरेश ने देवकल्याण के साथ मारपीट कर दी थी और धारदार हथियार से हमला भी किया था। इसमें वह घायल हो गया था।
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अपने ही बहा रहे अपनों का खून
चौगामा क्षेत्र में अपने ही अपनों का खून बहा रहे हैं। सगे भाई की हत्या का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह की हत्या हो चुकी है। दाहा गांव में सगे भाई ने ही अपने भाई की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके अलावा भी इसी तरह कई अन्य घटनाएं हो चुकी है।