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नवरात्र पर मंदिरों के कपाट बंद, घरों में होगी मां की पूजा
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मंगलवार को बागपत-सहारनपुर हाईवे पर बंद पड़ा गुफा वाले बाबा का मंदिर का कपाट।
- फोटो : BAGHPAT
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नवरात्र पर मंदिरों के कपाट बंद, घरों में होगी मां की पूजा
बागपत। कोरोना वायरस के चलते पहली बार नवरात्र पर मंदिरों के कपाट बंद किए गए हैं। इनमें प्रसिद्ध परशुरामेश्वर मंदिर पुरा महादेव, माता सीता सती स्थली पंचमुखी महादेव मंदिर बालैनी, गुफा बाबा मंदिर सरूरपुर कला, मां भगवती दुर्गा देवी मंदिर फजलपुर सुंदरनगर और कान्हड़ में देवी मंदिर सहित जिले के बडे़ मंदिर शामिल हैं। अष्टमी और नवमी के दिन मंदिरों में लगने वाले मेलों को स्थगित कर दिया गया है। हालांकि नगर व देहात क्षेत्र के मंदिरों को कुछ देर के लिए खोला जा रहा है। इस बार देवी नाव पर सवार होकर आएंगी। जिसे अत्यंत शुुभ माना जाता है। माता का नाव पर आगमन और हाथी पर गमन दुख, रोग और शोक से मुक्ति दिलाता है। नवरात्र में घर में सुबह छह बजकर 25 मिनट से सात बजकर 25 मिनट तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है।
6:24 से 7:25 तक कलश स्थापना विशेष फलदायी
ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि माता के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा होती है। सुबह 6.25 से 7.25 तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है। इसके बाद सुबह 11.35 से 12.20 तक शुभ मुहूर्त है।
ऐसे करें पूजन
माता की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर, अखंड ज्योत की स्थापना करें। एक ज्योत भैरव बाबा के लिए भी जलाएं। मां शैलपुत्री का पूजन सफेद पुष्प और अनार से करना अति शुभ माना जाता है। दूसरे नवरात्र को ब्रह्मचारिणी, तीसरे को चंद्र घंटा, चौथे को कुष्मांडा, पांचवे को स्कंद माता, छठे को कत्यायनी, सातवें को महाकाली, आठवें को महागौरी तथा नौवे को माता के नौवे स्वरूप सिद्धदात्री की पूजा की जाती है।
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क्या कहती है महिलाएं -
- अमीनगर सराय की उषा शर्मा का कहना है कि एहतियात के तौर पर इस बार घर पर ही माता की चौकी लगाकर पूजा करेेंगी।
- बिनौली की हरबीरी धामा कहती है कि लोगों को घरों पर रहने की सलाह दी जा रही है। इस बार घर पर ही माता का गुणगान करेंगी।
- फजलपुर सुंदरनगर की अर्चना शर्मा का कहना है कि कोरोना के चलते भीड़ से दूर रहना होगा। वह घर पर ही माता का पूजन करेगी।
क्या कहते है मंदिर के पुजारी
बाबा जानकीदास मंदिर के पुजारी पंडित राजकुमार शास्त्री का कहना है कि मंदिर में सैनिटाइजर कराया जाएगा। साबुन से हाथ धुलवाने के बाद एक-एक श्रद्धालु को मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
मां भगवती दुर्गा देवी मंदिर फजलपुर सुंदरनगर के पुजारी ब्रह्मदत्त शास्त्री का कहना है कि दो दिवसीय मेले को भी टाल दिया गया है।
अमीनगर सराय स्थित मंदिर श्री दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित अमोद कुमार का कहना है कि मंदिर में कई दिनों से आरती में तीन से चार महिलाएं ही आ रही है। मंदिर में सैनिटाइजर का छिड़काव करा दिया गया है।
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अब तीन दिन और बंद रहेगें मंदिर के कपाट
बालैनी। परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर के कपाट अभी तीन दिन ओर बंद रहेगें। मंदिर के पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा ने यह जानकारी दी है।
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बागपत। कोरोना वायरस के चलते पहली बार नवरात्र पर मंदिरों के कपाट बंद किए गए हैं। इनमें प्रसिद्ध परशुरामेश्वर मंदिर पुरा महादेव, माता सीता सती स्थली पंचमुखी महादेव मंदिर बालैनी, गुफा बाबा मंदिर सरूरपुर कला, मां भगवती दुर्गा देवी मंदिर फजलपुर सुंदरनगर और कान्हड़ में देवी मंदिर सहित जिले के बडे़ मंदिर शामिल हैं। अष्टमी और नवमी के दिन मंदिरों में लगने वाले मेलों को स्थगित कर दिया गया है। हालांकि नगर व देहात क्षेत्र के मंदिरों को कुछ देर के लिए खोला जा रहा है। इस बार देवी नाव पर सवार होकर आएंगी। जिसे अत्यंत शुुभ माना जाता है। माता का नाव पर आगमन और हाथी पर गमन दुख, रोग और शोक से मुक्ति दिलाता है। नवरात्र में घर में सुबह छह बजकर 25 मिनट से सात बजकर 25 मिनट तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है।
6:24 से 7:25 तक कलश स्थापना विशेष फलदायी
ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि माता के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा होती है। सुबह 6.25 से 7.25 तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है। इसके बाद सुबह 11.35 से 12.20 तक शुभ मुहूर्त है।
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ऐसे करें पूजन
माता की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर, अखंड ज्योत की स्थापना करें। एक ज्योत भैरव बाबा के लिए भी जलाएं। मां शैलपुत्री का पूजन सफेद पुष्प और अनार से करना अति शुभ माना जाता है। दूसरे नवरात्र को ब्रह्मचारिणी, तीसरे को चंद्र घंटा, चौथे को कुष्मांडा, पांचवे को स्कंद माता, छठे को कत्यायनी, सातवें को महाकाली, आठवें को महागौरी तथा नौवे को माता के नौवे स्वरूप सिद्धदात्री की पूजा की जाती है।
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क्या कहती है महिलाएं -
- अमीनगर सराय की उषा शर्मा का कहना है कि एहतियात के तौर पर इस बार घर पर ही माता की चौकी लगाकर पूजा करेेंगी।
- बिनौली की हरबीरी धामा कहती है कि लोगों को घरों पर रहने की सलाह दी जा रही है। इस बार घर पर ही माता का गुणगान करेंगी।
- फजलपुर सुंदरनगर की अर्चना शर्मा का कहना है कि कोरोना के चलते भीड़ से दूर रहना होगा। वह घर पर ही माता का पूजन करेगी।
क्या कहते है मंदिर के पुजारी
बाबा जानकीदास मंदिर के पुजारी पंडित राजकुमार शास्त्री का कहना है कि मंदिर में सैनिटाइजर कराया जाएगा। साबुन से हाथ धुलवाने के बाद एक-एक श्रद्धालु को मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
मां भगवती दुर्गा देवी मंदिर फजलपुर सुंदरनगर के पुजारी ब्रह्मदत्त शास्त्री का कहना है कि दो दिवसीय मेले को भी टाल दिया गया है।
अमीनगर सराय स्थित मंदिर श्री दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित अमोद कुमार का कहना है कि मंदिर में कई दिनों से आरती में तीन से चार महिलाएं ही आ रही है। मंदिर में सैनिटाइजर का छिड़काव करा दिया गया है।
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अब तीन दिन और बंद रहेगें मंदिर के कपाट
बालैनी। परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर के कपाट अभी तीन दिन ओर बंद रहेगें। मंदिर के पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा ने यह जानकारी दी है।