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विशेष आर्थिक परिक्षेत्र बनने से हैंडलूम के बहुरेंगे दिन
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विशेष आर्थिक परिक्षेत्र बनने से हैंडलूम के बहुरेंगे दिन
निर्यात नीति को मंजूरी से जिले के लिए बन रही नई उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। सूबे में नई निर्यात नीति से बनने से हैंडलूम के दिन भी बदलने की उम्मीद बढ़ गई है। विशेष आर्थिक परिक्षेत्र बनाने के लिए जिले में योजना तैयार की जा रही है। एक जिला एक उत्पाद में शामिल हैंडलूम और पावरलूम से जुड़े लोगों को जिले में ही कच्चा माल उपलब्ध कराने, सैंपल डिस्पले और आयात-निर्यात की व्यवस्था से लाभ होगा। निर्यात के क्षेत्र का विकास होगा। हैंडलूम से जुड़े छोटे-छोटे उद्यमियों को पड़ोसी राज्यों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। निरपुड़ा गांव के बुनकर इश्तिकार का कहना है कि रॉ मैटेरियल जिले में ही मिल जाने से पानीपत या दिल्ली के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
हैंडलूम की ढाई हजार इकाइयां
बागपत। जिले में हैंडलूम की करीब ढाई हजार इकाइयां हैं। इकाइयों पर परदे, चादर, पायदान बनाए जा रहे हैं। निरपुड़ा, खेकड़ा, अमीनगर सराय, बागपत समेत अन्य क्षेत्र में इकाइयां संचालित हैं।
एसपीवी के गठन की चल रही तैयारियां
बागपत। उप जिला उद्योग उपायुक्त अर्चना तिवारी का कहना है कि विशेष आर्थिक परिक्षेत्र से लाभ होगा। जिले के लिए एसपीवी (स्पेशल परपज व्हीकल) का गठन करने की तैयारी है। डीएम इस कमेटी की अध्यक्ष होती हैं। जल्द ही कमेटी गठित होगी।
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जिले के लिए डीपीआर तैयार कर भेजी
बागपत। उद्योग विभाग ने आर्थिक गतिविधियों के संचालन के लिए डीपीआर तैयार कर लखनऊ भेज दी है। हैंडलूम से जुड़े लोगों को एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराने की योजना है। इसे ही विशेष आर्थिक क्षेत्र में शामिल किया जाएगा।
ऋण स्वीकृति का संकट
बागपत। हैंडलूम इकाई संचालकों के सामने सबसे बड़ी परेशानी वित्तीय सहायता को लेकर है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक सिर्फ 19 लोन स्वीकृत किए हैं। इनमें आठ लाभार्थियों को लोन का वितरण किया जा चुका है।
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निर्यात नीति को मंजूरी से जिले के लिए बन रही नई उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। सूबे में नई निर्यात नीति से बनने से हैंडलूम के दिन भी बदलने की उम्मीद बढ़ गई है। विशेष आर्थिक परिक्षेत्र बनाने के लिए जिले में योजना तैयार की जा रही है। एक जिला एक उत्पाद में शामिल हैंडलूम और पावरलूम से जुड़े लोगों को जिले में ही कच्चा माल उपलब्ध कराने, सैंपल डिस्पले और आयात-निर्यात की व्यवस्था से लाभ होगा। निर्यात के क्षेत्र का विकास होगा। हैंडलूम से जुड़े छोटे-छोटे उद्यमियों को पड़ोसी राज्यों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। निरपुड़ा गांव के बुनकर इश्तिकार का कहना है कि रॉ मैटेरियल जिले में ही मिल जाने से पानीपत या दिल्ली के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
हैंडलूम की ढाई हजार इकाइयां
बागपत। जिले में हैंडलूम की करीब ढाई हजार इकाइयां हैं। इकाइयों पर परदे, चादर, पायदान बनाए जा रहे हैं। निरपुड़ा, खेकड़ा, अमीनगर सराय, बागपत समेत अन्य क्षेत्र में इकाइयां संचालित हैं।
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एसपीवी के गठन की चल रही तैयारियां
बागपत। उप जिला उद्योग उपायुक्त अर्चना तिवारी का कहना है कि विशेष आर्थिक परिक्षेत्र से लाभ होगा। जिले के लिए एसपीवी (स्पेशल परपज व्हीकल) का गठन करने की तैयारी है। डीएम इस कमेटी की अध्यक्ष होती हैं। जल्द ही कमेटी गठित होगी।
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जिले के लिए डीपीआर तैयार कर भेजी
बागपत। उद्योग विभाग ने आर्थिक गतिविधियों के संचालन के लिए डीपीआर तैयार कर लखनऊ भेज दी है। हैंडलूम से जुड़े लोगों को एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराने की योजना है। इसे ही विशेष आर्थिक क्षेत्र में शामिल किया जाएगा।
ऋण स्वीकृति का संकट
बागपत। हैंडलूम इकाई संचालकों के सामने सबसे बड़ी परेशानी वित्तीय सहायता को लेकर है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक सिर्फ 19 लोन स्वीकृत किए हैं। इनमें आठ लाभार्थियों को लोन का वितरण किया जा चुका है।