{"_id":"63348dff60df3230ee749f40","slug":"the-building-is-ready-waiting-for-the-machines-baghpat-news-mrt607332011","type":"story","status":"publish","title_hn":"भवन बनकर तैयार, मशीनों का है इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भवन बनकर तैयार, मशीनों का है इंतजार
विज्ञापन
बागपत जिला अस्पताल
- फोटो : BAGHPAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का भवन बनकर तैैयार हो गया है, लेकिन अभी तक शासन से मशीनें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। जिससे मशीनों के इंतजार में यूनिट शुरू नहीं हो रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यूनिट शुरू करने के लिए शासन को मशीनों की मांग पांच महीने पहले भेजी है।
जिला अस्पताल में अभी तक ब्लड बैंक की सुविधा है। वहां जमा होने वाले रक्त की एक यूनिट एक ही व्यक्ति के काम आ सकती है। ब्लड से प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी को अलग करके इस्तेमाल करने के लिए शासन से जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट बनाने की मंजूरी दी थी।
जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के पास ही यूनिट का भवन तैयार कराया गया था। शासन से यूनिट शुरू करने के लिए एक मशीन भी उपलब्ध कराई गई थी। विभाग की ओर से मशीन का परीक्षण करने के बाद शासन को रिपोर्ट भेज दी थी, मगर तीन महीने बीतने के बाद अभी तक अन्य मशीनें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। यूनिट शुरू न होने के कारण ब्लड के कंपोनेंट के लिए मरीजों को दूसरे जनपदों से व्यवस्था करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
---
कंपोनेंट की इन रोगियों को होती है जरूरत
सामान्य खून की कमी वाले मरीजों को पीआरबीसी, जलने के कारण गंभीर हुए मरीजों व कोरोना के मरीजों को प्लाज्मा चढ़ाने की जरूरत होती है। डेेंगू व अन्य संक्रमण वाले मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाकर जाता है। इसके अलावा हीमोफीलिया या अधिक रक्तस्राव होने पर क्रॉयोप्रेसीपिटेट का उपयोग किया जाता है। थेलेसीमिया मरीज में आरबीसी, स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों में ब्लड में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है।
---
वर्जन
जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेरपेशन यूनिट शुरू कराने के लिए भवन तैयार है। शासन से लेमिनर एयर फ्लो कैबिनेट मशीन भेजी गई है, अभी दो मशीन और अन्य उपकरण और आने बाकी है। यूनिट शुरू करने के लिए शासन को मशीन व उपकरण की मांग भेजी गई है। मशीन और अन्य उपकरण मिलने पर यूनिट शुरू की जाएगी। - डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ
विज्ञापन
जिला अस्पताल में अभी तक ब्लड बैंक की सुविधा है। वहां जमा होने वाले रक्त की एक यूनिट एक ही व्यक्ति के काम आ सकती है। ब्लड से प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी को अलग करके इस्तेमाल करने के लिए शासन से जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट बनाने की मंजूरी दी थी।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के पास ही यूनिट का भवन तैयार कराया गया था। शासन से यूनिट शुरू करने के लिए एक मशीन भी उपलब्ध कराई गई थी। विभाग की ओर से मशीन का परीक्षण करने के बाद शासन को रिपोर्ट भेज दी थी, मगर तीन महीने बीतने के बाद अभी तक अन्य मशीनें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। यूनिट शुरू न होने के कारण ब्लड के कंपोनेंट के लिए मरीजों को दूसरे जनपदों से व्यवस्था करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
---
कंपोनेंट की इन रोगियों को होती है जरूरत
सामान्य खून की कमी वाले मरीजों को पीआरबीसी, जलने के कारण गंभीर हुए मरीजों व कोरोना के मरीजों को प्लाज्मा चढ़ाने की जरूरत होती है। डेेंगू व अन्य संक्रमण वाले मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाकर जाता है। इसके अलावा हीमोफीलिया या अधिक रक्तस्राव होने पर क्रॉयोप्रेसीपिटेट का उपयोग किया जाता है। थेलेसीमिया मरीज में आरबीसी, स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों में ब्लड में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है।
---
वर्जन
जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेरपेशन यूनिट शुरू कराने के लिए भवन तैयार है। शासन से लेमिनर एयर फ्लो कैबिनेट मशीन भेजी गई है, अभी दो मशीन और अन्य उपकरण और आने बाकी है। यूनिट शुरू करने के लिए शासन को मशीन व उपकरण की मांग भेजी गई है। मशीन और अन्य उपकरण मिलने पर यूनिट शुरू की जाएगी। - डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ