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लोगों की जेबें और सरकार के बैंक हुए खाली

Mon, 14 Nov 2016 12:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Mon, 14 Nov 2016 12:47 AM IST
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The bank and the government of the People's jebem
खेकड़ा की सिंडीकेट बैंक शाखा में नोट बदलने के ‌िलए लगी लाइन। - फोटो : amar ujala
बागपत/बड़ौत/दोघट/छपरौली। अर्थ व्यवस्था सुधार के लिए केंद्र सरकार का कदम लोगों के लिए मुसीबत खड़ी करने लगा है। लोगों की जेबें खाली हैं। एटीएम बंद हैं। अधिकतर बैंक शाखाओं में रुपयों का टोटा है, इस कारण लोगों को सिर्फ हजार या दो हजार रुपये का भुगतान ही मिल पा रहा है। डाकघरों ने हाथ खड़े करने शुरू कर दिए हैं। रविवार को दिनभर हंगामा रहा। बैंककर्मियों, पुलिस और लोग आपस में भी उलझते दिखे।
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अपने ही रुपयों के लिए आम आदमी को जद्दोजहद के दौर से गुजरना पड़ रहा है। रविवार को बैंक खुले, लेकिन हंगामों के साथ। कहीं लंबी कतारें थीं तो कहीं एटीएम ठप। शहर के सिंडीकेट बैंक में कैश नहीं पहुंच पाने के कारण कर्मचारी भी परेशान रहे। लोगों के साथ यहां कहासुनी हुई।  एक्सिस बैंक में रुपये नहीं पहुंचे तो पुलिस बुलानी पड़ी।  सिंडीकेट बैंक के एटीएम खराब हो गए।  एसबीआई में शाम चार बजे ही शाखा को बंद कर दिया, इससे मुश्किलें खड़ी हो गई। 

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अग्रवाल मंडी टटीरी टटीरी और रटौल गांव बैंक शाखाओं में हंगामा रहा। सबसे बड़ी समस्या है कि बैंकों में पर्याप्त कैश नहीं है। लोगों को जरूरत और नियम से भी कम रुपये दिए जा रहे हैं। इसी कारण हंगामा हो रहा है। सोमवार को बैंक बंद रहेंगे। इस छुट्टी के कारण रविवार को अधिक से अधिक लोग रुपये निकलवाना चाहते थे, लेकिन हर तरफ निराशा देखने को मिली। लोगों को कहना था कि बैंकों से जरूरत से भी कम रुपये मिल सके हैं।

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बड़ौत। नगर के बैंकों में सुबह से ही सौ और पचास के नोट नहीं होने के कारण लोगों की भीड़ केवल इंतजार में खड़ी रहीं, लेकिन उनकी उम्मीद पर बैक का खजाना खरा साबित नहीं हो सका। सारे दिन बैंकों में हाय तौबा की स्थिति बनी रही। कहीं पर नोट नहीं थे, तो कहीं पर सर्वर का रोना। इस दौरान कई बैंकों मेें तो पैसे न होने से लोगों की बैंक कर्मचारियों से झड़प भी हुई। आंध्रा बैंक की शाखा में पैसे नहीं मिलने से क्षुब्ध खातेदारों ने महवीर मार्ग पर जाम लगा हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस से भी लोग उलझ गए। लोगों ने बताया दो बजे ही बैंक बंद कर दिया।


 उधर, ग्रोवेल स्कूल के स्टाफ और बच्चों ने  रविवार को स्कूल के डायरेक्टर और स्कूल के प्रधानाचार्य के नेतृत्व मेें एक्सिस बैंक परिसर में पब्लिक सर्विस कैंप लगाया। इसमें स्कूली बच्चों ने बैंक की लाइन में खडे़ लोगों को टोकन और पर्ची देकर मदद की। इसमें आकाशदीप, अनुज जैन, कल्पना, नीता तोमर, आशीष तोमर, गौरव जैन, वैभव, खुशबू, मुस्कान, चंचल, हैंसी, स्निग्धा, हर्षित, अभिनव, रोहन, पारस आदि रहे।


दोघट। केनरा बैंक टीकरी में 500 और 1000 रुपये के नोट जमा करने आए लोगों में जमकर धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान वहां अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर लोगों को शांत किया और लाइन लगवाकर कैश जमा कराया।
 रविवार की प्रात: आठ बजे से ही बैंक के बाहर बड़े नोट जमा कराने वालों की भीड़ जमा हो गई। बैंक खुलते ही लोगों में कैश जमा कराने के लिए अफरा-तफरी मच गई और धक्का मुक्की होने लगी। उन्हें बैंक कर्मचारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे उनसे भी भिड़ गए। लोगों ने कहा बैंक में नोट जमा कराने के लिए एक ही काउंटर की व्यवस्था की। बैंक ग्राहक जब अपने खातों से पैसा निकलवाने आते हैं तो उन्हें कह दिया जाता है कि कैश खत्म हो गया। उन्हें कई दिन हो गए हैं, बैंक के चक्कर काटते हुए। पुलिस ने लाइन लगवाकर कैश  जमा करवाया।


छपरौली कस्बे में पंजाब नेशनल बैंक और इलाहाबाद बैंक की शाखाएं हैं, इन पर पिछले चार दिन इतनी भीड़ है कि सड़क के किनारे बैंक स्थित होने के कारण जाम की स्थिति बन जाती थी। कस्बे के चेयरमैन अपनी टीम के साथ बैंक से बाहर ही कूपन बनाने का कार्य किया। इससे पहले चरण में 300 से अधिक कूपन बांटे। कूपन के नंबर से बैंक में हर ग्राहक ने राहत ली।

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