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देशखाप चौधरी के आवास पर पांच घंटे तक थांबेदारों का मंथन
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बड़ौत में देशखाप चौधरी के आवास पर आयोजित बैठक के दौरान गणमान्य बुजुर्गो को समझाते थांबेदार।
- फोटो : BARAUT
देशखाप चौधरी के आवास पर पांच घंटे तक थांबेदारों का मंथन
हाईवे पर चल रहे धरने की अध्यक्षता करने को चौधरी सुरेंद्र सिंह को मनाने की कोशिश, लेकिन वे नहीं माने
सुरेंद्र सिंह बोले, किसी से कोई मनमुटाव नहीं, सभी किसान एक हैं, जल्द ही सिंघु बॉर्डर की ओर करेंगे कूच
छठे दिन भी जारी रहा हाईवे पर कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर चल रहे किसानों के धरने को लेकर बृहस्पतिवार को असमंजस की स्थिति बनी रही। देशखाप चौधरी द्वारा धरना समाप्त करने की घोषणा के बाद बृहस्पतिवार को देशखाप चौधरी के आवास पर पट्टी मेहर थांबा चौधरी ब्रजपाल सिंह, पूर्व विधायक वीरपाल राठी समेत कई लोग पहुंचे। उन्हें धरने का नेतृत्व संभालने को मनाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। इस दौरान पांच घंटे मंथन चला। देशखाप चौधरी सुरेन्द्र का कहना है कि किसानों के धरने को खाप चौधरियों का समर्थन है, जल्द ही सिंघु बार्डर पर पहुंचकर नए कृषि कानून का विरोध किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को थांबेदार ब्रजपाल सिंह, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, रणधीर ढिकाना, सभासद आशुतोष तोमर, विपिन ढ़िकाना आदि देशखाप चौधरी के आवास पर पहुंचे। उधर माहौल भांपते हुए देशखाप चौधरी सुरेन्द्र सिंह ने देशखाप के थांबा चौधरियों जयपाल बावली, यशपाल बिजरौल व चौबीसी खाप चौधरी सुभाष, चौहान खाप चौधरी के प्रतिनिधि विवेक चौधरी व अन्य कई गण्यमान्य बुला लिए। करीब पांच घंटे तक इस बात पर मंथन चलता रहा कि धरने को समाप्त करना है या नहीं। थांबा चौधरियों व खाप चौधरियों की एक कमरे में काफी देर तक मंत्रणा हुई। थांबा चौधरी ब्रजपाल सिंह ने चौधरी सुरेन्द्र सिंह को अपना चौधरी बताते हुए उनकी बात को मानने की घोषणा की। अंत में फैसला लिया गया कि धरना स्थल पर पहुंचकर लोगों के बीच धरना समाप्त करने की घोषणा तब की जाए, जब उन्हें विश्वास में ले लिया जाए। फिलहाल धरना छठे दिन भी जारी रहा।
ये बोले थांबेदार
पट्टी मेहर थांबेदार ब्रजपाल का कहना है कि देशखाप चौधरी सुरेन्द्र मेरे लिए आदरणीय है और आगे भी रहेंगे, लेकिन किसानों की मांग को देखते हुए धरना जारी रहेगा। जल्द ही किसानों के हितों को देखते हुए खाप चौधरी व अन्य थांबेदार कोई अच्छा निर्णय लेंगे। देशखाप चौधरी का भी धरने को समर्थन है। कुछ असामाजिक तत्वों ने झूठी अफवाह फैलाई थी। कोई मनमुटाव नहीं हुआ है, हम सब एक हैं।
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ये बोले देशखाप चौधरी
देशखाप चौधरी सुरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मेरे आवास पर सामाजिक, गण्यमान्य लोगों और थांबेदारों की बैठक हुई थी, जिसमें हाईवे पर चल रहे धरने को लेकर बातचीत हुई। बैठक में थांबेदार ब्रजपाल भी शामिल रहे। हमारा धरने को समर्थन रहेगा। नए कृषि कानून का विरोध तेज करने के लिए गांव-गांव में बैठकें की जा रही हैं। जल्द ही सिंघु बार्डर पर किसान काफी संख्या में पहुंचेंगे। थांबेदार ब्रजपाल व अन्य से कोई मनमुटाव नहीं है। हम किसानों के साथ हैं।
ये रहे मौजूद
चौबासी खाप चौधरी सुभाष छपरौली, थांबेदार जयपाल बावली, यशपाल बिजरौल, ब्रजपाल पट्टी मेहर, ओमवीर हिलवाड़ी, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, जिला पंचायत सदस्य विराज तोमर, चौहान खाप चौधरी के प्रतिनिधि विवेक चौधरी, रणधीर ढिकाना, विपिन ढिकाना, अरुण तोमर बॉबी, आशुतोष सभासद, मुनेश बरवाला, गौरव बड़ौत, नरेश डायरेक्टर, नरेश बरवाला, रणवीर छपरौली, श्योदान बड़ौली, मास्टर सुरेश राणा, रविन्द्र, उपेन्द्र प्रधान, सुभाष, नरेश ठेकेदार, संजू चौधरी, देवेन्द्र कंडेरा, रमेश फौजी, महावीर लोयन आदि शामिल रहे।
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हाईवे पर चल रहे धरने की अध्यक्षता करने को चौधरी सुरेंद्र सिंह को मनाने की कोशिश, लेकिन वे नहीं माने
सुरेंद्र सिंह बोले, किसी से कोई मनमुटाव नहीं, सभी किसान एक हैं, जल्द ही सिंघु बॉर्डर की ओर करेंगे कूच
छठे दिन भी जारी रहा हाईवे पर कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर चल रहे किसानों के धरने को लेकर बृहस्पतिवार को असमंजस की स्थिति बनी रही। देशखाप चौधरी द्वारा धरना समाप्त करने की घोषणा के बाद बृहस्पतिवार को देशखाप चौधरी के आवास पर पट्टी मेहर थांबा चौधरी ब्रजपाल सिंह, पूर्व विधायक वीरपाल राठी समेत कई लोग पहुंचे। उन्हें धरने का नेतृत्व संभालने को मनाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। इस दौरान पांच घंटे मंथन चला। देशखाप चौधरी सुरेन्द्र का कहना है कि किसानों के धरने को खाप चौधरियों का समर्थन है, जल्द ही सिंघु बार्डर पर पहुंचकर नए कृषि कानून का विरोध किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को थांबेदार ब्रजपाल सिंह, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, रणधीर ढिकाना, सभासद आशुतोष तोमर, विपिन ढ़िकाना आदि देशखाप चौधरी के आवास पर पहुंचे। उधर माहौल भांपते हुए देशखाप चौधरी सुरेन्द्र सिंह ने देशखाप के थांबा चौधरियों जयपाल बावली, यशपाल बिजरौल व चौबीसी खाप चौधरी सुभाष, चौहान खाप चौधरी के प्रतिनिधि विवेक चौधरी व अन्य कई गण्यमान्य बुला लिए। करीब पांच घंटे तक इस बात पर मंथन चलता रहा कि धरने को समाप्त करना है या नहीं। थांबा चौधरियों व खाप चौधरियों की एक कमरे में काफी देर तक मंत्रणा हुई। थांबा चौधरी ब्रजपाल सिंह ने चौधरी सुरेन्द्र सिंह को अपना चौधरी बताते हुए उनकी बात को मानने की घोषणा की। अंत में फैसला लिया गया कि धरना स्थल पर पहुंचकर लोगों के बीच धरना समाप्त करने की घोषणा तब की जाए, जब उन्हें विश्वास में ले लिया जाए। फिलहाल धरना छठे दिन भी जारी रहा।
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ये बोले थांबेदार
पट्टी मेहर थांबेदार ब्रजपाल का कहना है कि देशखाप चौधरी सुरेन्द्र मेरे लिए आदरणीय है और आगे भी रहेंगे, लेकिन किसानों की मांग को देखते हुए धरना जारी रहेगा। जल्द ही किसानों के हितों को देखते हुए खाप चौधरी व अन्य थांबेदार कोई अच्छा निर्णय लेंगे। देशखाप चौधरी का भी धरने को समर्थन है। कुछ असामाजिक तत्वों ने झूठी अफवाह फैलाई थी। कोई मनमुटाव नहीं हुआ है, हम सब एक हैं।
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ये बोले देशखाप चौधरी
देशखाप चौधरी सुरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मेरे आवास पर सामाजिक, गण्यमान्य लोगों और थांबेदारों की बैठक हुई थी, जिसमें हाईवे पर चल रहे धरने को लेकर बातचीत हुई। बैठक में थांबेदार ब्रजपाल भी शामिल रहे। हमारा धरने को समर्थन रहेगा। नए कृषि कानून का विरोध तेज करने के लिए गांव-गांव में बैठकें की जा रही हैं। जल्द ही सिंघु बार्डर पर किसान काफी संख्या में पहुंचेंगे। थांबेदार ब्रजपाल व अन्य से कोई मनमुटाव नहीं है। हम किसानों के साथ हैं।
ये रहे मौजूद
चौबासी खाप चौधरी सुभाष छपरौली, थांबेदार जयपाल बावली, यशपाल बिजरौल, ब्रजपाल पट्टी मेहर, ओमवीर हिलवाड़ी, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, जिला पंचायत सदस्य विराज तोमर, चौहान खाप चौधरी के प्रतिनिधि विवेक चौधरी, रणधीर ढिकाना, विपिन ढिकाना, अरुण तोमर बॉबी, आशुतोष सभासद, मुनेश बरवाला, गौरव बड़ौत, नरेश डायरेक्टर, नरेश बरवाला, रणवीर छपरौली, श्योदान बड़ौली, मास्टर सुरेश राणा, रविन्द्र, उपेन्द्र प्रधान, सुभाष, नरेश ठेकेदार, संजू चौधरी, देवेन्द्र कंडेरा, रमेश फौजी, महावीर लोयन आदि शामिल रहे।