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सरकार पर फूटा थांबेदारों का गुस्सा
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सरकार पर फूटा थांबेदारों का गुस्सा
बड़ौत। देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से कोई वास्ता नहीं है। किसानों को समझाने, बहकाने और डराने का प्रयास किया तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा। किसानों को न चाहते हुए भी भाजपा के जनप्रतिनिधियों का विरोध करना पड़ेगा। अगर वे आएंगे तो विरोध करेंगे। किसान इस वक्त बेहद ही पीड़ा से गुजर रहा है।
देशखाप के थांबेदार ब्रजपाल सिंह ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर हमारा आंदोलन जब तक जारी रहेगा, जब हम सरकार नए कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती। थांबेदार श्याम सिंह मलकपुर ने कहा कि आज देश का किसान और जनता दुखी है। बढ़ती महंगाई ने हर वर्ग की कमर तोड़ने का काम किया है। थांबेदार बामनौली रामकुमार ने कहा कि देश में तानाशाही वाली सरकार का राज है, जो न तो किसानों की सुन रही है और न ही जनता की।
थांबेदार ओमवीर हिलवाड़ी का कहना है कि पहले से बकाया गन्ना भुगतान की समस्या से जूझ रहे किसानों पर सरकार ने नए कृषि कानून थोप दिए हैं। जब तक सरकार इन कानूनों को वापस नहीं लेती, विरोध जारी रहेगा। थांबेदार जयपाल बावली ने कहा कि आर्थिक तंगी से जूझ रहा किसान आज परेशान है। अपने हकों के लिए आंदोलन करने को मजबूर है। लेकिन देश की हठधर्मी सरकार किसानों के बारे में नहीं सोच रही है। थांबेदार यशपाल सिंह तोमर बिजरौल ने कहा कि जो पार्टी अथवा कार्यकर्ता किसानों के हितों के बारे में नहीं सोचता, उसका हम विरोध करते हैं।
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थांबेदार गंगाराम ने कहा कि आज देश में किसानों का जो उत्पीड़न किया जा रहा है, नाई समाज इसका विरोध करता है। किसान खेती करता है, तो वह अपना और दूसरा का भी पेट भरता है। अनुसूचित जाति के थांबेदार श्योराज सिंह ने कहा कि हरिजन समाज किसानों के साथ है। नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन को पूरा समर्थन है। कश्यप समाज के थांबेदार ओमवीर सिंह ने कहा कि वर्षों से किसान व कश्यप समाज मिल-जुलकर खेती करते आ रहे हैं। जब किसानों के पास खेती ही नहीं रहेगी, तो कैसे हमारा पेट भरेगा। आम जनता को भुखमरी का सामना करना पड़ेगा। सैफी समाज के जिलाध्यक्ष हाजी इकबाल ने कहा कि मोदी सरकार किसान, मजदूर विरोधी है। जब से देश में मोदी सरकार आई है तब से महंगाई, भुखमरी, बेरोजगारी बढ़ी है। सैफी समाज ऐसी सरकार का पुरजोर विरोध करता है।
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बड़ौत। देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से कोई वास्ता नहीं है। किसानों को समझाने, बहकाने और डराने का प्रयास किया तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा। किसानों को न चाहते हुए भी भाजपा के जनप्रतिनिधियों का विरोध करना पड़ेगा। अगर वे आएंगे तो विरोध करेंगे। किसान इस वक्त बेहद ही पीड़ा से गुजर रहा है।
देशखाप के थांबेदार ब्रजपाल सिंह ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर हमारा आंदोलन जब तक जारी रहेगा, जब हम सरकार नए कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती। थांबेदार श्याम सिंह मलकपुर ने कहा कि आज देश का किसान और जनता दुखी है। बढ़ती महंगाई ने हर वर्ग की कमर तोड़ने का काम किया है। थांबेदार बामनौली रामकुमार ने कहा कि देश में तानाशाही वाली सरकार का राज है, जो न तो किसानों की सुन रही है और न ही जनता की।
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थांबेदार ओमवीर हिलवाड़ी का कहना है कि पहले से बकाया गन्ना भुगतान की समस्या से जूझ रहे किसानों पर सरकार ने नए कृषि कानून थोप दिए हैं। जब तक सरकार इन कानूनों को वापस नहीं लेती, विरोध जारी रहेगा। थांबेदार जयपाल बावली ने कहा कि आर्थिक तंगी से जूझ रहा किसान आज परेशान है। अपने हकों के लिए आंदोलन करने को मजबूर है। लेकिन देश की हठधर्मी सरकार किसानों के बारे में नहीं सोच रही है। थांबेदार यशपाल सिंह तोमर बिजरौल ने कहा कि जो पार्टी अथवा कार्यकर्ता किसानों के हितों के बारे में नहीं सोचता, उसका हम विरोध करते हैं।
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थांबेदार गंगाराम ने कहा कि आज देश में किसानों का जो उत्पीड़न किया जा रहा है, नाई समाज इसका विरोध करता है। किसान खेती करता है, तो वह अपना और दूसरा का भी पेट भरता है। अनुसूचित जाति के थांबेदार श्योराज सिंह ने कहा कि हरिजन समाज किसानों के साथ है। नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन को पूरा समर्थन है। कश्यप समाज के थांबेदार ओमवीर सिंह ने कहा कि वर्षों से किसान व कश्यप समाज मिल-जुलकर खेती करते आ रहे हैं। जब किसानों के पास खेती ही नहीं रहेगी, तो कैसे हमारा पेट भरेगा। आम जनता को भुखमरी का सामना करना पड़ेगा। सैफी समाज के जिलाध्यक्ष हाजी इकबाल ने कहा कि मोदी सरकार किसान, मजदूर विरोधी है। जब से देश में मोदी सरकार आई है तब से महंगाई, भुखमरी, बेरोजगारी बढ़ी है। सैफी समाज ऐसी सरकार का पुरजोर विरोध करता है।