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Baghpat News: जिला अस्पताल में बंदरों का आतंक...कमरे में कैद होने को मजबूर मरीज व चिकित्सक

Sun, 15 Dec 2024 12:32 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 15 Dec 2024 12:32 AM IST
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Terror of monkeys in the district hospital...patients and doctors forced to be confined in the room
बागपत। जिला अस्पताल में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। मरीज और अस्पताल स्टाफ इससे दहशत में हैं। यदि बंदरों को भगाने का प्रयास किया जाता है तो वह उनपर हमला करके घायल कर रहे है। मरीज व चिकित्सक भी अस्पताल में कैद होने को मजबूर हो जाते हैं। मरीज व चिकित्सकों ने वन विभाग से बंदरों को पकड़वाने की मांग की है।
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जिला अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज उपचार कराने के लिए आते है। अस्पताल में 70 से अधिक मरीजों को भर्ती भी किया जाता है। अस्पताल में प्रसव के लिए महिलाएं भी आती है लेकिन अस्पताल परिसर में 30 से अधिक बंदर मंडराते रहते हैं। बंदर मरीजों पर हमला बोल देते हैं और उन्हें काटकर घायल कर रहे हैं। मरीजों का कहना है कि बंदर मरीजों के वार्ड में भी घुस जाते है और मरीजों को काटने का प्रयास करते है। कई बार तो बंदरों ने काटकर भी घायल कर दिया है। ऐसे में वार्ड का दरवाजा बंद करना पड़ता है। बंदरों के आंतक से मरीजों में भय का माहौल बना हुआ है।
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आवास में घुसकर कपड़े ले जाते हैं
जिला अस्पताल परिसर में बने चिकित्सकों के आवास में बंदर घुस रहे हैं। छत पर सुखाने के लिए रखे गए कपड़ों को भी उतारकर ले जाते है। ऐसे में चिकित्सकों ने कपड़ों को छत पर सुखाना तो बंद कर दिया और कमरों का गेट बंद कर अंदर रहने के लिए मजबूर है।
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स्कूल जाते समय बच्चों पर करते हैं हमला
जब बच्चे स्कूल जाते है तो बंदर उनपर हमला कर देते है और बच्चों से खाने का सामान भी छीन लेते है। पर्ची बनाने के लिए लाइन में लगे मरीजों को भी परेशान करते है। ऐसे में अस्पताल परिसर में चलना मुश्किल हो गया है। शिकायत के बाद भी बंदरों को नहीं पकड़ा जा रहा है।
- बंदरों से हम अपने कक्ष में एक तरह से कैद से हो गए है। जब बंदरों को भगाया जाता है तो उनपर हमला करने का प्रयास करते है। इससे अस्पताल से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। डॉ. सत्यप्रकाश
- बंदरों के कारण सही से मरीजों का उपचार नहीं कर पाते है। आवास से भी कपड़े उतारकर बंदर ले जा रहे है और दरवाजा बंद कर अंदर रहने को मजबूर है। डॉ. शहजोर
- जब अस्पताल में दवाई लेने के लिए आते है तो बंदर हमला कर देते है। कई दिन पहले बंदर नेघायल कर दिया था। अधिकारी भी बंदरों को पकड़वाने की तरफ ध्यान नहीं दे रहे है। हुकम सिंह, मरीज

- अस्पताल में जब पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगते है तो बंदर हमला कर देते है। भगाने का प्रयास करने पर काटने की तरफ दौड़ते हैं। रूखसाना, मरीज
वर्जन
- जिला अस्पताल में बंदरों की संख्या काफी हो गई है। चिकित्सकों के साथ ही मरीजों को भी परेशानी हो रही है। इन्हें पकड़वाने के लिए वन विभाग को पत्र लिखा गया है। जल्द ही बंदरों को पकड़वाया जाएगा। डॉ. एसके चौधरी, सीएमएस
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