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किरठल में तनाव, पुलिस के कड़े पहरे में किसान सुपुर्द ए खाक
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रमाला क्षेत्र के किरठल गांव में इरशाद अली की हत्या के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : BAGHPAT
किसान इरशाद अली की हत्या का मामला
- दो पक्षों के बीच चली आ रही पुरानी रंजिश को लेकर भी तनाव की स्थिति
- एक पक्ष इरशाद अली के परिवार के साथ खड़ा, जबकि दूसरे पर आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
रमाला (बागपत)। किसान इरशाद अली की हत्या के बाद किरठल गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस तैनात कर दी गई है। मृतक किसान को देर रात पुलिस के कड़े पहरे में सुपुर्द ए खाक कर दिया । सीओ बड़ौत आलोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने टीमों ने छापा मार अभियान चलाया। गांव में चली आ रही पुरानी रंजिश में तनाव और बढ़ गया है।
किसान इरशाद अली की हत्या के बाद से गांव में तनाव बना हुआ है। मामला पंचायत चुनाव से जुड़ा है। कुख्यात धर्मेंद्र किरठल की नामजदगी के बाद से गांव में तनाव और अधिक बढ़ गया है। गांव के दो पक्षों के बीच चली आ रही पुरानी रंजिश में भी सामने आ रही है। सीओ बड़ौत आलोक कुमार दिनभर गांव में डेरा डाले रहे। एएसपी मनीष मिश्रा ने बताया कि गांव की हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जांच शुरू कर दी गई। नामजद आरोपियों की तलाश चल रही है। वारदात का जल्द से जल्द खुलासा कर दिया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद देर रात इरशाद अली का शव गांव में लाया गया। छपरौली और रमाला थाने की मौजूदगी में शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया है।
गमजदा परिवार ने मांगा इंसाफ
रमाला। खेत से ट्रैक्टर-ट्रॉली में शव को लेकर मृतक के बेटे घर पहुंचे। सैकड़ों महिलाएं और पुरुष पीड़ित परिवार के घर पर पहुंच गए। पीड़ित परिवार ने पुलिस से इंसाफ मांगा। एएसपी मनीष मिश्रा और सीओ बड़ौत आलोक कुमार ने पीड़ित परिवार को समझा बुझाकर किसी तरह शांत कराया।
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सियासी उड़ान भरना चाहता है धर्मेंद्र किरठल
रमाला। कुख्यात धर्मेंद्र किरठल सियासी उड़ान भरना चाहता है। गांव की रंजिश के चलते उसके परिवार के कई लोगों की हत्या हो चुकी है। वर्तमान में धर्मेंद्र की पत्नी सुदेश देवी गांव की प्रधान है और मां सुरेश देवी जिला पंचायत के वार्ड पांच से सदस्य हैं। खुद धर्मेंद्र भी इस बार जिला पंचायत का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। पिछली बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए सपा से टिकट भी मिल गया था, लेकिन एन वक्त पर धर्मेंद्र ने चुनाव नहीं लड़ा था। इस बार धर्मेंद्र चुनाव की तैयारी में जुटा है। बड़े सियासी लोगों से उसका जुड़ाव भी है।
इसलिए निशाने पर आ गए इरशाद अली
रमाला। किरठल गांव में मुस्लिम समाज की करीब एक हजार वोट हैं। इनमें मुस्लिम जाटों की ही साढ़े पांच सौ वोट हैं। संपन्न किसानों में शामिल इरशाद अली के कहने से वोटों का रुझान बदलता रहा है। मृतक के बेटे सद्दाम का कहना है कि वह गांव के दूसरे पक्ष की ओर हैं, लेकिन धर्मेंद्र उन्हें अपने पक्ष में करना चाहता था। उनके पिता ने मना कर दिया। इसी वजह से हत्या की वारदात अंजाम दी गई है।
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- दो पक्षों के बीच चली आ रही पुरानी रंजिश को लेकर भी तनाव की स्थिति
- एक पक्ष इरशाद अली के परिवार के साथ खड़ा, जबकि दूसरे पर आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
रमाला (बागपत)। किसान इरशाद अली की हत्या के बाद किरठल गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस तैनात कर दी गई है। मृतक किसान को देर रात पुलिस के कड़े पहरे में सुपुर्द ए खाक कर दिया । सीओ बड़ौत आलोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने टीमों ने छापा मार अभियान चलाया। गांव में चली आ रही पुरानी रंजिश में तनाव और बढ़ गया है।
किसान इरशाद अली की हत्या के बाद से गांव में तनाव बना हुआ है। मामला पंचायत चुनाव से जुड़ा है। कुख्यात धर्मेंद्र किरठल की नामजदगी के बाद से गांव में तनाव और अधिक बढ़ गया है। गांव के दो पक्षों के बीच चली आ रही पुरानी रंजिश में भी सामने आ रही है। सीओ बड़ौत आलोक कुमार दिनभर गांव में डेरा डाले रहे। एएसपी मनीष मिश्रा ने बताया कि गांव की हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जांच शुरू कर दी गई। नामजद आरोपियों की तलाश चल रही है। वारदात का जल्द से जल्द खुलासा कर दिया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद देर रात इरशाद अली का शव गांव में लाया गया। छपरौली और रमाला थाने की मौजूदगी में शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया है।
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गमजदा परिवार ने मांगा इंसाफ
रमाला। खेत से ट्रैक्टर-ट्रॉली में शव को लेकर मृतक के बेटे घर पहुंचे। सैकड़ों महिलाएं और पुरुष पीड़ित परिवार के घर पर पहुंच गए। पीड़ित परिवार ने पुलिस से इंसाफ मांगा। एएसपी मनीष मिश्रा और सीओ बड़ौत आलोक कुमार ने पीड़ित परिवार को समझा बुझाकर किसी तरह शांत कराया।
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सियासी उड़ान भरना चाहता है धर्मेंद्र किरठल
रमाला। कुख्यात धर्मेंद्र किरठल सियासी उड़ान भरना चाहता है। गांव की रंजिश के चलते उसके परिवार के कई लोगों की हत्या हो चुकी है। वर्तमान में धर्मेंद्र की पत्नी सुदेश देवी गांव की प्रधान है और मां सुरेश देवी जिला पंचायत के वार्ड पांच से सदस्य हैं। खुद धर्मेंद्र भी इस बार जिला पंचायत का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। पिछली बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए सपा से टिकट भी मिल गया था, लेकिन एन वक्त पर धर्मेंद्र ने चुनाव नहीं लड़ा था। इस बार धर्मेंद्र चुनाव की तैयारी में जुटा है। बड़े सियासी लोगों से उसका जुड़ाव भी है।
इसलिए निशाने पर आ गए इरशाद अली
रमाला। किरठल गांव में मुस्लिम समाज की करीब एक हजार वोट हैं। इनमें मुस्लिम जाटों की ही साढ़े पांच सौ वोट हैं। संपन्न किसानों में शामिल इरशाद अली के कहने से वोटों का रुझान बदलता रहा है। मृतक के बेटे सद्दाम का कहना है कि वह गांव के दूसरे पक्ष की ओर हैं, लेकिन धर्मेंद्र उन्हें अपने पक्ष में करना चाहता था। उनके पिता ने मना कर दिया। इसी वजह से हत्या की वारदात अंजाम दी गई है।