{"_id":"682795b78bfb95873c0d8e0e","slug":"ten-employees-were-removed-and-not-even-paid-their-salaries-baghpat-news-c-28-1-bag1001-131515-2025-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: दस कर्मचारी हटाए वेतन भी नहीं दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: दस कर्मचारी हटाए वेतन भी नहीं दिया
विज्ञापन
बगापत नगर पालिका में ज्ञापन देने पहुंचे राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के पदाधिकारी व स
बागपत। शहर में साफ-सफाई कराने वाली कंपनी ने दस सफाई कर्मियों को हटा दिया। इन्होंने कर्मियों ने कंपनी के अफसरों पर वेतन भी नहीं देने का आरोप लगाते हुए नगर पालिका में प्रदर्शन किया।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तीन दिन में समस्या का समाधान कराने की मांग की। समाधान नहीं होने पर उन्होंने कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी।
राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के जिलाध्यक्ष सतीश कुमार, नगर अध्यक्ष नवीन कुमार आदि ने आरोप लगाया कि शहर में सफाई कराने वाली कंपनी के अफसर सफाई कर्मियों का उत्पीड़न कर रहे है। उन्होंने कहा कि कंपनी के खिलाफ नवंबर माह में हड़ताल करने पर उनकी समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन समाधान नहीं कराया। दस संविदा सफाई कर्मियों को बिना नोटिस दिए ही हटा दिया गया।
विज्ञापन
इस मामले में अधिशासी अधिकारी केके भड़ाना का कहना है कि कंपनी से सफाई कर्मियों की हाजिरी और वेतन का रिकार्ड मंगाया है। कर्मियों ने जितने दिन काम किया है, उनका वेतन दिलाने की जिम्मेदारी पालिका की है।
विज्ञापन
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तीन दिन में समस्या का समाधान कराने की मांग की। समाधान नहीं होने पर उन्होंने कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी।
विज्ञापन
राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के जिलाध्यक्ष सतीश कुमार, नगर अध्यक्ष नवीन कुमार आदि ने आरोप लगाया कि शहर में सफाई कराने वाली कंपनी के अफसर सफाई कर्मियों का उत्पीड़न कर रहे है। उन्होंने कहा कि कंपनी के खिलाफ नवंबर माह में हड़ताल करने पर उनकी समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन समाधान नहीं कराया। दस संविदा सफाई कर्मियों को बिना नोटिस दिए ही हटा दिया गया।
विज्ञापन
इस मामले में अधिशासी अधिकारी केके भड़ाना का कहना है कि कंपनी से सफाई कर्मियों की हाजिरी और वेतन का रिकार्ड मंगाया है। कर्मियों ने जितने दिन काम किया है, उनका वेतन दिलाने की जिम्मेदारी पालिका की है।