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एसडीएम व कानूनगो के समर्थन में उतरे तहसीलकर्मी, ब्लॉक कर्मचारियों का थाने में डेरा

Sat, 03 Apr 2021 11:35 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Apr 2021 11:35 PM IST
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Tehsils and block workers come face to face, controversy deepens
बागपत कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे तहसील के कर्मचारी - फोटो : BAGHPAT
- पोलिंग बूथ बदलने का लिखित आदेश मांगने पर कर्मचारी नेता के खिलाफ थाने पर दर्ज कराया था मामला
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-एसडीएम व कानूनगो के समर्थन में तहसील कर्मियों ने डीएम कार्यालय दिया ज्ञापन तहसीलकर्मी
- ब्लॉक कर्मचारियों का थाने में डेरा, पुलिस ने तहरीर नहीं ली तो अधिकारियों को किया ट्वीट
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। पोलिंग बूथ बदलने को लेकर हुए विवाद के बाद ग्राम पंचायत सचिव एवं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराने और पुलिस दबिश के दौरान उनकी सास की सदमे से मौत के मामले में विवाद गहरा गया है। तहसील और ब्लॉक कर्मचारी आमने-सामने आ गए हैं। शुक्रवार को एसडीएम और कानूनगो के खिलाफ ब्लॉक कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन किया था, शनिवार को तहसील कर्मचारी एसडीएम व कानूनगो के समर्थन में उतरे और उन पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए डीएम कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा। ब्लाक कर्मचारी एसडीएम, कानूनगो व लेखपाल के खिलाफ तहरीर देने पहुंचे, लेकिन घंटों बाद भी पुलिस ने उनकी तहरीर नहीं ली। काफी देर तक ब्लॉक कर्मचारी थाने में डेरा डाले रहे, बाद में अधिकारियों को ट्वीट किया।
उत्तर प्रदेश राजस्व निरीक्षक संघ के बैनर तले डीएम कार्यालय में शनिवार को ज्ञापन देने पहुंचे तहसील कर्मचारियों ने कहा कि एसडीएम और कानूनगो पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। जिलाध्यक्ष लोकेश कुमार व महामंत्री राजकुमार ने कहा कि एक अप्रैल को एसडीएम ने चुनाव के संबंध में बैठक बुलाई थी। जिसमें राजस्व निरीक्षक, लेखपाल और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को बुलाया गया था। एडीएम ने आचार संहिता के पालन और मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देश दिए थे। किसी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया गया। बल्कि एसडीएम के निर्देशों पर अनावश्यक टिप्पणी करते हुए विकास विभाग के कर्मचारियों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया था। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी के एसडीएम पर लगाए गए आरोप घोर निंदनीय हैं। उन्होंने डीएम से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर विनोद कुमार, पवन कुमार, कल्लू सिंह, ईश्वरदास, हरेंद्रपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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पुलिस ने नहीं ली ब्लॉक कर्मचारियों की तहरीर
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले ब्लॉक कर्मचारियों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर एसडीएम और कानूनगो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही सीडीओ को ज्ञापन देकर रिपोर्ट वापस न होने पर सोमवार से धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। शाम को ब्लॉक कर्मचारी एकत्र होकर थाने पहुंचे। ग्राम पंचायत सचिव प्रमोद कुमार ने कानूनगो और लेखपाल पर एसडीएम के समक्ष गालीगलौज व मारपीट का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई। लेकिन पुलिस ने उनकी तहरीर नहीं ली। घंटों तक ब्लॉक के कर्मचारी थाने पर डटे रहे। बाद में उन्होंने अधिकारियों को ट्वीट कर पूरे मामले से अवगत कराया। इस मौके पर जोनी चौधरी, विपुल तोमर, सोनू तोमर, मोहम्मद इमरान, दीपक, संदीप कुमार, रोहित, सुनील आदि मौजूद रहे।
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ये है मामला
एसडीएम बागपत की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में पोलिंग बूथ बदलने के लिखित आदेश मांगने पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा के खिलाफ थाने में मामला दर्ज करा दिया गया। दो बार पुलिस उनके घर दबिश देने गई। आरोप है कि पुलिस दबिश के सदमे से प्रमोद कुमार शर्मा की सास बड़ौत निवासी कमलेश देवी की सदमे से मौत हो गई थी। कर्मचारियों ने शुक्रवार को एसडीएम और कानूनगो के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने और प्रमोद कुमार शर्मा के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट वापस कराने की मांग की थी। सीडीओ अभिराम त्रिवेदी और बीडीओ स्मृति अवस्थी ने उन्हें समझा-बुझाकर किसी तरह शांत किया था। कर्मचारी शनिवार तक रिपोर्ट वापस न होने पर सोमवार से फिर से धरना शुरू करने की चेतावनी देकर लौट गए थे।
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