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Baghpat News: ताऊ के बेटे ने सुपारी देकर कराई थी साबुद्दीन की हत्या
Sun, 04 Feb 2024 01:32 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sun, 04 Feb 2024 01:32 AM IST
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बागपत पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता के बाद सहाबुद्दीन उर्फ साबु की हत्या के आरोपियों को जेल जात
बागपत। सांकरौद गांव में राजमिस्त्री साबुद्दीन की ताऊ के बेटे ने सुपारी देकर हत्या कराई थी। पुलिस ने मामले में तहेरे भाई समेत तितरौंदा गांव के सुपारी लेकर हत्या करने वाले 12वीं के छात्र समेत तीन को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चाकू, तमंचा व मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी जेल भेज दिए गए।
सांकरौद गांव के रहने वाला राजमिस्त्री साबुद्दीन सोमवार की शाम नमाज पढ़ने के बाद घर नहीं पहुंचा। मंगलवार की सुबह उसका शव गांव के जंगल में गन्ने के खेत में पड़ा मिला था। साबुद्दीन के पेट में चाकू मारने की तरह निशान था, उसके गले पर भी निशान मिले थे। जिससे यह साफ था कि उसकी हत्या की गई। एएसपी एनपी सिंह ने बताया कि इस मामले में साबुद्दीन के परिवार के तहेरे भाई शौकीन को उसको साथ घटना से पहले देखे जाने के कारण पकड़कर पूछताछ की।
शौकीन ने पुलिस को बताया कि साबुद्दीन गांव में कमेटी डालता था और उसने कमेटी पूरी होने पर शौकीन को एक लाख रुपये कई महीने पहले उधार दिए हुए थे। इसके अलावा शौकीन को यह शक था कि साबुद्दीन के परिवार के एक युवक का उसके परिवार की महिला से संबंध है। रुपये नहीं लौटाने पड़ें और साबुद्दीन की मौत के बाद परिवार दबाव में रहे, इसलिए ही शौकीन ने तितरौदा गांव के अपने रिश्तेदार नाजिम से साबुद्दीन की हत्या एक लाख 31 हजार रुपये देकर कराने की बात तय की।
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नाजिम ने हत्या के लिए गांव के आर्य इंटर काॅलेज में 12वीं में पढ़ने वाले अपने दोस्त रितिक को साथ लिया। दोनों सोमवार की शाम को गांव में ईख के खेत में जाकर छुप गए। शौकीन अपने साथ साबुद्दीन को वहां लेकर गया। जहां साबुद्दीन को पहले गोली मारी गई तो वह भागने लगा और उसके बाद पकड़कर गला दबाकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।
- उधार दिए 31 हजार रुपये के कारण बनाया दबाव
हत्यारोपी तितरौदा गांव के नाजिम ने बताया कि शौकीन उसका मौसा लगता है और उसने एक साल पहले मौज मस्ती के लिए उससे 31 हजार रुपये उधार लिए थे। वह रुपये नहीं लौटा रहा था तो शौकीन ने उससे कहा कि वह उसके लिए साबुद्दीन की हत्या कर दे, नहीं तो वह उधार रुपये के बारे में उसके पिता को बता देगा। इसके अलावा एक लाख रुपये और देने की बात हुई। उस पर 31 हजार पहले से थे और 16 हजार रुपये तमंचे खरीदने के लिए दिए गए तो कुछ अन्य रुपये बाद में दिए। उसने तमंचे गांव के निशु से खरीदे थे, जिसे पुलिस तलाश रही है जो पंजाब में भागना बताया जा रहा है।
- बचने के लिए कैमरे में कैद हुआ, पीड़ितों के साथ घूमता रहा शौकीन
एएसपी एनपी सिंह ने बताया कि हत्या की साजिश रचने वाला साबुद्दीन का तहेरा भाई शौकीन इतना शातिर है कि वह घटना के बाद एंबुलेंस को फोन करके अपने परिवार की महिला को अस्पताल में लेकर गया। जिससे वहां कैमरे में कैद हो जाए और एंबुलेंस वाला भी उसके लिए गवाही दे। वह पीडि़त परिवार का हितैषी बना रहा और उनके साथ चौकी व थाने तक भी गया। उसने साबुद्दीन के बेटे को जमीन नाम कराकर मुआवजा तक दिलवाने का आश्वासन दिया।
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सांकरौद गांव के रहने वाला राजमिस्त्री साबुद्दीन सोमवार की शाम नमाज पढ़ने के बाद घर नहीं पहुंचा। मंगलवार की सुबह उसका शव गांव के जंगल में गन्ने के खेत में पड़ा मिला था। साबुद्दीन के पेट में चाकू मारने की तरह निशान था, उसके गले पर भी निशान मिले थे। जिससे यह साफ था कि उसकी हत्या की गई। एएसपी एनपी सिंह ने बताया कि इस मामले में साबुद्दीन के परिवार के तहेरे भाई शौकीन को उसको साथ घटना से पहले देखे जाने के कारण पकड़कर पूछताछ की।
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शौकीन ने पुलिस को बताया कि साबुद्दीन गांव में कमेटी डालता था और उसने कमेटी पूरी होने पर शौकीन को एक लाख रुपये कई महीने पहले उधार दिए हुए थे। इसके अलावा शौकीन को यह शक था कि साबुद्दीन के परिवार के एक युवक का उसके परिवार की महिला से संबंध है। रुपये नहीं लौटाने पड़ें और साबुद्दीन की मौत के बाद परिवार दबाव में रहे, इसलिए ही शौकीन ने तितरौदा गांव के अपने रिश्तेदार नाजिम से साबुद्दीन की हत्या एक लाख 31 हजार रुपये देकर कराने की बात तय की।
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नाजिम ने हत्या के लिए गांव के आर्य इंटर काॅलेज में 12वीं में पढ़ने वाले अपने दोस्त रितिक को साथ लिया। दोनों सोमवार की शाम को गांव में ईख के खेत में जाकर छुप गए। शौकीन अपने साथ साबुद्दीन को वहां लेकर गया। जहां साबुद्दीन को पहले गोली मारी गई तो वह भागने लगा और उसके बाद पकड़कर गला दबाकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।
- उधार दिए 31 हजार रुपये के कारण बनाया दबाव
हत्यारोपी तितरौदा गांव के नाजिम ने बताया कि शौकीन उसका मौसा लगता है और उसने एक साल पहले मौज मस्ती के लिए उससे 31 हजार रुपये उधार लिए थे। वह रुपये नहीं लौटा रहा था तो शौकीन ने उससे कहा कि वह उसके लिए साबुद्दीन की हत्या कर दे, नहीं तो वह उधार रुपये के बारे में उसके पिता को बता देगा। इसके अलावा एक लाख रुपये और देने की बात हुई। उस पर 31 हजार पहले से थे और 16 हजार रुपये तमंचे खरीदने के लिए दिए गए तो कुछ अन्य रुपये बाद में दिए। उसने तमंचे गांव के निशु से खरीदे थे, जिसे पुलिस तलाश रही है जो पंजाब में भागना बताया जा रहा है।
- बचने के लिए कैमरे में कैद हुआ, पीड़ितों के साथ घूमता रहा शौकीन
एएसपी एनपी सिंह ने बताया कि हत्या की साजिश रचने वाला साबुद्दीन का तहेरा भाई शौकीन इतना शातिर है कि वह घटना के बाद एंबुलेंस को फोन करके अपने परिवार की महिला को अस्पताल में लेकर गया। जिससे वहां कैमरे में कैद हो जाए और एंबुलेंस वाला भी उसके लिए गवाही दे। वह पीडि़त परिवार का हितैषी बना रहा और उनके साथ चौकी व थाने तक भी गया। उसने साबुद्दीन के बेटे को जमीन नाम कराकर मुआवजा तक दिलवाने का आश्वासन दिया।