{"_id":"63791e5b800dfa32aa4bfc4f","slug":"taken-into-confidence-and-murdered-baghpat-news-mrt6143549147","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले विश्वास दिलाकर साथ ले गया, फिर हत्या कर दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले विश्वास दिलाकर साथ ले गया, फिर हत्या कर दी
विज्ञापन
बागपत : दोघट में महिला की मौत के बाद विलाप करते परिजन।
- फोटो : BAGHPAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोघट। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर की गई हत्या के मामले में पहले रजिया को परेशान नहीं करने का विश्वास दिलाकर पति अपने साथ ले गया। इसके बाद कई दिन तक शांत रहा और अब उसकी हत्या की गई।
दोघट निवासी शरीफ ने बताया कि उनकी बेटी रजिया को निकाह के कुछ दिन बाद ही दहेज में दो लाख रुपये और कार लाने के लिए परेशान किया जाने लगा था। पहले उनकी बेटी उत्पीड़न सहन करती रही। इसके चलते ससुराल वालों का उत्पीड़न बढ़ गया। वह उसे अपने साथ लेकर आ गए और ससुराल वालों के खिलाफ अधिकारियों से शिकायत के साथ न्यायालय में वाद दायर कर दिया।
आरोप है कि ससुराल वालों ने पहले दबाव बनाया, लेकिन बीस दिन पहले ही रजिया के पति नूर मोहम्मद ने यह विश्वास दिलाया कि उसे परेशान नहीं करेगा। उनको भी लगा कि एक मौका देकर देख लें। उनसे यह भी कहा गया कि वे दोघट में रहेंगे तो उनको विश्वास को गया कि वहां कोई परेशानी नहीं होगी। रजिया से वह लगातार बातचीत करते रहते थे। उसने भी इस तरह की आशंका नहीं जताई कि उसकी जान को खतरा है। उन्होंने नूर मोहम्मद पर विश्वास करके गलती कर दी। इसके परिणामस्वरूप उनकी बेटी दुनिया से चली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोघट निवासी शरीफ ने बताया कि उनकी बेटी रजिया को निकाह के कुछ दिन बाद ही दहेज में दो लाख रुपये और कार लाने के लिए परेशान किया जाने लगा था। पहले उनकी बेटी उत्पीड़न सहन करती रही। इसके चलते ससुराल वालों का उत्पीड़न बढ़ गया। वह उसे अपने साथ लेकर आ गए और ससुराल वालों के खिलाफ अधिकारियों से शिकायत के साथ न्यायालय में वाद दायर कर दिया।
विज्ञापन
आरोप है कि ससुराल वालों ने पहले दबाव बनाया, लेकिन बीस दिन पहले ही रजिया के पति नूर मोहम्मद ने यह विश्वास दिलाया कि उसे परेशान नहीं करेगा। उनको भी लगा कि एक मौका देकर देख लें। उनसे यह भी कहा गया कि वे दोघट में रहेंगे तो उनको विश्वास को गया कि वहां कोई परेशानी नहीं होगी। रजिया से वह लगातार बातचीत करते रहते थे। उसने भी इस तरह की आशंका नहीं जताई कि उसकी जान को खतरा है। उन्होंने नूर मोहम्मद पर विश्वास करके गलती कर दी। इसके परिणामस्वरूप उनकी बेटी दुनिया से चली गई।
विज्ञापन