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कोल्हुओं पर गन्ना पेराई शुरू, दाम 270 रुपये क्विंटल
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दोघट स्थित कोल्हू पर डाला गया गन्ना
- फोटो : BAGHPAT
दोघट। चौगामा क्षेत्र में कोल्हुओं पर गन्ने की पेराई शुरू हो गई है। जहां सरकार की ओर से गन्ने का मूल्य 350 रुपये घोषित किया हुआ है। वहीं, कोल्हू संचालक 270 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना खरीद रहे हैं। मिलों से गन्ने राशि के बकाया का भुगतान न होने के कारण किसान कम दाम में गन्ना बेचने के लिए मजबूर हैं।
जिले की तीन चीनी मिलों पर किसानों का लगभग 400 करोड़ रुपये का बकाया चल रहा है। गन्ना विभाग की ओर से पेराई सत्र शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है, जबकि अभी तक बकाया का भुगतान न होने के कारण इससे किसानों के साथ परिवार का गुजारा करने की समस्या है। इसलिए ही किसानों ने कम दाम में कोल्हू पर गन्ना बेचना शुरू कर दिया है।
दोघट क्षेत्र में कोल्हू पर 270 रुपये क्विंटल के हिसाब से गन्ने की खरीद की जा रही है। कोल्हू पर गन्ना बेचने पर किसानों को एक क्विंटल पर 80 रुपये का नुकसान उठाना पड़ा रहा है। किसानों का कहना है कि मिल बकाया का भुगतान नहीं कर रही है, जिससे कोल्हू पर कम दाम में गन्ना बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कोल्हू पर गन्ना बेचने से फसल की लागत निकालना भी मुश्किल है, मगर अब खेल खाली होने पर सरसों व आलू की फसल की बुआई करके परिवार के गुजारे के लिए पैसा मिलने की उम्मीद है।
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- किसानों को इस समय कोल्हू पर मजबूरी में गन्ना डालना पड़ रहा है, क्योंकि किसानों की आर्थिक स्थिति खराब है और अब गन्ना कोल्हू पर डालकर सरसों पर आलू की बुवाई कर सकते हैं, इसे बेचकर परिवार का गुजारा कर सकते है। - राजू तोमर सिरसली
- गन्ना के बकाए का भुगतान न होने के कारण किसान कम दाम में गन्ना बेचने के लिए मजबूर हो रहा है। किसान को एक क्विंटल गन्ने पर 80 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। - नरेंद्र सिंह
- गन्ना बकाए का भुगतान नहीं किया जा रहा है और किसानों पर बिजली बिल का भुगतान करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे किसान कम दाम पर कोल्हू पर गन्ना बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। - नरवर सिंह
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गुड़ के दाम पर निर्धारित होगा गन्ने का दाम
कोल्हू मालिक राजू कश्यप का कहना था कि अभी गन्ने की फसल में कम रिकवरी है। कम रिकवरी होने के कारण 270 रुपये क्विंटल गन्ना खरीदा जा रहा है। मंडी में गुड़ के दाम के आधार पर गन्ने के भाव में कमी या बढ़ोतरी की जाएगी।
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जिले की तीन चीनी मिलों पर किसानों का लगभग 400 करोड़ रुपये का बकाया चल रहा है। गन्ना विभाग की ओर से पेराई सत्र शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है, जबकि अभी तक बकाया का भुगतान न होने के कारण इससे किसानों के साथ परिवार का गुजारा करने की समस्या है। इसलिए ही किसानों ने कम दाम में कोल्हू पर गन्ना बेचना शुरू कर दिया है।
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दोघट क्षेत्र में कोल्हू पर 270 रुपये क्विंटल के हिसाब से गन्ने की खरीद की जा रही है। कोल्हू पर गन्ना बेचने पर किसानों को एक क्विंटल पर 80 रुपये का नुकसान उठाना पड़ा रहा है। किसानों का कहना है कि मिल बकाया का भुगतान नहीं कर रही है, जिससे कोल्हू पर कम दाम में गन्ना बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कोल्हू पर गन्ना बेचने से फसल की लागत निकालना भी मुश्किल है, मगर अब खेल खाली होने पर सरसों व आलू की फसल की बुआई करके परिवार के गुजारे के लिए पैसा मिलने की उम्मीद है।
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- किसानों को इस समय कोल्हू पर मजबूरी में गन्ना डालना पड़ रहा है, क्योंकि किसानों की आर्थिक स्थिति खराब है और अब गन्ना कोल्हू पर डालकर सरसों पर आलू की बुवाई कर सकते हैं, इसे बेचकर परिवार का गुजारा कर सकते है। - राजू तोमर सिरसली
- गन्ना के बकाए का भुगतान न होने के कारण किसान कम दाम में गन्ना बेचने के लिए मजबूर हो रहा है। किसान को एक क्विंटल गन्ने पर 80 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। - नरेंद्र सिंह
- गन्ना बकाए का भुगतान नहीं किया जा रहा है और किसानों पर बिजली बिल का भुगतान करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे किसान कम दाम पर कोल्हू पर गन्ना बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। - नरवर सिंह
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गुड़ के दाम पर निर्धारित होगा गन्ने का दाम
कोल्हू मालिक राजू कश्यप का कहना था कि अभी गन्ने की फसल में कम रिकवरी है। कम रिकवरी होने के कारण 270 रुपये क्विंटल गन्ना खरीदा जा रहा है। मंडी में गुड़ के दाम के आधार पर गन्ने के भाव में कमी या बढ़ोतरी की जाएगी।