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Baghpat News: खराब ई-रिक्शा को धक्के लगा चलाने को मजबूर
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बड़का रोड पर ई रिक्शा में धक्का लगाते दिगंबर जैन बाल सदन के बच्चे
- फोटो : BARAUT
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। निजी स्कूलों की हठधर्मिता और जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। कई स्कूल संचालकों ने बच्चों को घर से स्कूल तक लाने और ले जाने के लिए कन्वेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं करा रखी है। वहीं, चालक ई-रिक्शा में खराबी आ जाने पर बच्चों से धक्का लगवाते हैं।
शुक्रवार को बच्चों को ढोने के दौरान अचानक ई रिक्शा की रेस का तार टूट गया। इससे ई रिक्शा पलटने से बमुश्किल बची। इस पर ई-रिक्शा में सवार एक दर्जन से अधिक छोटे बच्चे नीचे उतरे और चालक के कहने पर ई-रिक्शा को धक्का लगाना शुरू कर दिया। यह घटना नगर के बड़का रोड की है।
दिगंबर जैन बाल सदन की छुट्टी होने के बाद बच्चे घर लौट रहे थे। ई रिक्शा में धक्का लगाते हुए देख वहां से गुजरने वाले लोगों ने ई-रिक्शा चालक को नसीहत दी परंतु वह बाज नहीं आया। इस मामले में स्कूल की प्रधानाचार्य और प्रबंधक से बात की गई तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि स्कूल कन्वेंस उपलब्ध नहीं कराता है। वहीं, नगर के गांधी रोड स्थित दिगंबर जैन बाल स्कूल के सैकड़ों बच्चों को ढोने के लिए ई-रिक्शा का सहारा लिया जाता है। ये सब मानकों से कई गुना अधिक बच्चे लेकर चलते हैं। इसके बावजूद ध्यान नहीं दे रहा है।
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इस संबंध में प्रधानाचार्या निधि जैन का कहना है कि स्कूल कन्वेंस उपलब्ध नहीं कराता है। अभिभावकों द्वारा ही ई रिक्शा लगाई गई हैं। वहीं, प्रबंधक राकेश जैन का कहना है कि वैसे तो स्कूल का इस ई रिक्शा से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद स्कूली बच्चे होने के कारण वे ई-रिक्शा चालक के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।
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बड़ौत। निजी स्कूलों की हठधर्मिता और जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। कई स्कूल संचालकों ने बच्चों को घर से स्कूल तक लाने और ले जाने के लिए कन्वेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं करा रखी है। वहीं, चालक ई-रिक्शा में खराबी आ जाने पर बच्चों से धक्का लगवाते हैं।
शुक्रवार को बच्चों को ढोने के दौरान अचानक ई रिक्शा की रेस का तार टूट गया। इससे ई रिक्शा पलटने से बमुश्किल बची। इस पर ई-रिक्शा में सवार एक दर्जन से अधिक छोटे बच्चे नीचे उतरे और चालक के कहने पर ई-रिक्शा को धक्का लगाना शुरू कर दिया। यह घटना नगर के बड़का रोड की है।
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दिगंबर जैन बाल सदन की छुट्टी होने के बाद बच्चे घर लौट रहे थे। ई रिक्शा में धक्का लगाते हुए देख वहां से गुजरने वाले लोगों ने ई-रिक्शा चालक को नसीहत दी परंतु वह बाज नहीं आया। इस मामले में स्कूल की प्रधानाचार्य और प्रबंधक से बात की गई तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि स्कूल कन्वेंस उपलब्ध नहीं कराता है। वहीं, नगर के गांधी रोड स्थित दिगंबर जैन बाल स्कूल के सैकड़ों बच्चों को ढोने के लिए ई-रिक्शा का सहारा लिया जाता है। ये सब मानकों से कई गुना अधिक बच्चे लेकर चलते हैं। इसके बावजूद ध्यान नहीं दे रहा है।
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इस संबंध में प्रधानाचार्या निधि जैन का कहना है कि स्कूल कन्वेंस उपलब्ध नहीं कराता है। अभिभावकों द्वारा ही ई रिक्शा लगाई गई हैं। वहीं, प्रबंधक राकेश जैन का कहना है कि वैसे तो स्कूल का इस ई रिक्शा से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद स्कूली बच्चे होने के कारण वे ई-रिक्शा चालक के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।