Baghpat News: हड़ताल खत्म, फाल्ट ठीक करने में जुटे कर्मचारी, ढाई करोड़ रुपये का राजस्व प्रभावित
विद्युत कर्मचारी 13 सूत्रीय मांगों के पूरा नहीं होने पर तीन दिन पहले हड़ताल पर चले गए थे। सभी कर्मचारी दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित 132केवीए बिजलीघर पर धरने पर बैठ गए थे।
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विद्युत कर्मचारी 13 सूत्रीय मांगों के पूरा नहीं होने पर तीन दिन पहले हड़ताल पर चले गए थे। सभी कर्मचारी दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित 132केवीए बिजलीघर पर धरने पर बैठ गए थे। जिला संयोजक मनोहर सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश स्तर पर संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को मांग पूरी करने का आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई है।
बागपत में तीन घंटे गुल रही बत्ती
बागपत में रविवार दोपहर को करीब चार बजे बिजली आपूर्ति पूरे शहर में ठप हो गई। लाइन में फाल्ट आने पर बिजलीघर को बंद करा दिया गया। जिससे फाल्ट ठीक किए जा सके। आपूर्ति को शाम करीब सात बजे शुरू किया गया।
30 घंटे बाद शुरू हुई 20 गांवों की आपूर्ति
हिसावदा व पिलाना बिजलीघर शनिवार सुबह ही ठप हो गए थे। जिसने हिसावदा, पिलाना, सांकलपुट्ठी, रोशनगढ़, दौलतपुर, सिखेड़ा सहित करीब 20 गांव की आपूर्ति बंद हो गई थी। बिजली कर्मियों की हड़ताल के कारण रविवार दोपहर को बिजलीघर में आया फाल्ट दूर किया जा सका। जिससे लोग बिजलीघर पर पहुंचे तो वहां भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। डीएम से फोन पर बात की तो तब दोपहर 12 बजे आपूर्ति सुचारू हो सकी। इस बीच बिजली नहीं आने से लोग पानी तक के लिए तरस गए और उनको हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा।
रमाला क्षेत्र के किशनपुर बराल बिजली की लाइन में फाल्ट आने से शनिवार रात को कासिमपुर, खेडी, हसनपुर जिवानी, जिवाना गांव की आपूर्ति बाधित हो गई। आपूर्ति न होने से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ी। समस्या बढने पर रविवार दोपहर को ग्रामीणों ने निजी लाइनमैन को बुलाकर फाल्ट ठीक कराया और आपूर्ति शुरू हो सकी।
बड़ौत में लाइन में फाल्ट आने से 50 फैक्ट्रियों की बत्ती रही गुल बड़ौत में कोताना रोड स्थित बिजलीघर में तकनीकी फाल्ट आ जाने से शनिवार दोपहर एक बजे आपूर्ति ठप हो गई थी। जिसके बाद हड़ताल खत्म होने के बाद कर्मचारियों ने उसे ठीक कराकर आपूर्ति चालू कराई। इस दौरान 50 से अधिक फैक्ट्रियों में बत्ती गुल रही थी।
हड़ताल से ढाई करोड़ रुपये का राजस्व प्रभावित
हड़ताल से जिले में उपभोक्ता अपने बिल जमा नहीं कर सके। इस कारण करीब ढ़ाई करोड़ का राजस्व प्रभावित हुआ। क्योंकि किसी भी जगह कार्यालय में कर्मचारी नहीं मिले और बिल जमा करने वाले लोगों को वापस लौटना पड़ा।