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टीकाकरण में लगाया स्टाफ, चिकित्सालय पर 15 दिन से ताला
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दोघट। दोघट कस्बे के पशु चिकित्सालय पर स्टाफ पशुओं का टीकाकरण में लगा हुआ है। पशु चिकित्सालय पर पिछले 15 दिनों से ताला लटका हुआ है। जिससे पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पशु पालक प्राईवेट चिकित्सक से पशुओं का उपचार कराने के लिए विवश हो रहे हैं।
दोघट पशु चिकित्सालय पर तैनात चिकित्सक, पशु प्रसार अधिकारी, फार्मासिस्ट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की ड्यूटी टीकाकरण में लगा दी है। जिससे पिछले 15 दिन से चिकित्सालय बंद पड़ा है। चिकित्सालय बंद होने के कारण पशुओं का इलाज कराने के लिए आने वाले पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे के पशुपालकों को प्राईवेट चिकित्सक से पशुओं का उपचार कराने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
संजीव पंवार ने बताय कि अस्पताल बंद होने के कारण पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में कम से कम चिकित्सक की व्यवस्था करनी चाहिए। डॉ. पुष्पेंद्र ने बताय कि अस्पताल न खुलने के कारण पशुपालकों को को परेशानी उठानी पड़ रही है। पशुपालक प्राईवेट चिकित्सकों से पशुओं का उपचार कराने के लिए विवश हो रहे हैं।
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अमरपाल का कहना है कि अस्पताल बंद होने के कारण परेशानी हो रही है। अस्पताल में कम से कम एक कर्मचारी को भेजकर अस्पताल खुलवाना चाहिए, ताकि पशुपालकों को परेशानी ना हो। वहंीं, समरपाल ने बताया कि पशुओं का इलाज कराने के लिए पशुपालक अस्पताल के चक्कर लगा रहे है, अस्पताल बंद मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कोट...
- लंपी रोग से बचाव के लिए पशुओं का टीकाकरण अभियान चल रहा है। अस्पताल का पूरा स्टाफ टीकाकरण में लगा होने के कारण अस्पताल नहीं खोला जा रहा है। - डॉ. रोहित, पशु चिकित्सालय, बामलौनी
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दोघट पशु चिकित्सालय पर तैनात चिकित्सक, पशु प्रसार अधिकारी, फार्मासिस्ट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की ड्यूटी टीकाकरण में लगा दी है। जिससे पिछले 15 दिन से चिकित्सालय बंद पड़ा है। चिकित्सालय बंद होने के कारण पशुओं का इलाज कराने के लिए आने वाले पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे के पशुपालकों को प्राईवेट चिकित्सक से पशुओं का उपचार कराने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
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संजीव पंवार ने बताय कि अस्पताल बंद होने के कारण पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में कम से कम चिकित्सक की व्यवस्था करनी चाहिए। डॉ. पुष्पेंद्र ने बताय कि अस्पताल न खुलने के कारण पशुपालकों को को परेशानी उठानी पड़ रही है। पशुपालक प्राईवेट चिकित्सकों से पशुओं का उपचार कराने के लिए विवश हो रहे हैं।
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अमरपाल का कहना है कि अस्पताल बंद होने के कारण परेशानी हो रही है। अस्पताल में कम से कम एक कर्मचारी को भेजकर अस्पताल खुलवाना चाहिए, ताकि पशुपालकों को परेशानी ना हो। वहंीं, समरपाल ने बताया कि पशुओं का इलाज कराने के लिए पशुपालक अस्पताल के चक्कर लगा रहे है, अस्पताल बंद मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कोट...
- लंपी रोग से बचाव के लिए पशुओं का टीकाकरण अभियान चल रहा है। अस्पताल का पूरा स्टाफ टीकाकरण में लगा होने के कारण अस्पताल नहीं खोला जा रहा है। - डॉ. रोहित, पशु चिकित्सालय, बामलौनी